PNB: हीरा व्यापारी नीरव मोदी के भाई नेहाल मोदी को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में सहयोगी की भूमिका निभा रहा था। CBI और प्रवर्तन निदेशालय लंबे समय से उसकी तलाश कर रहे थे।
नीरव मोदी पहले से ही लंदन में गिरफ्तार किया जा चुका है और भारत सरकार उसके प्रत्यपर्ण के लिए कानूनी प्रयास कर रही है। अब उसके भाई नेहाल मोदी के मामले में भी प्रत्यपर्ण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस संबंध में अगली सुनवाई 17 जुलाई 2025 को निर्धारित है, जहां आंदोलन में केस कि वर्तमान स्थिति को ले कर स्टेटस कॉन्फ्रेंस की जाएगी।
New Delhi: भारत के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटालों से जुड़े मामलों में एक और बड़ी कारवाई सामने आई है। अमेरिका अधिकायो ने नीरव मोदी के भाई नेहाल मोदी को 4 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा संयुक्त रूप से भेजे गए प्रत्यपर्ण अनुरोध के आधार पर की गई है।
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अमेरिका न्याय विभाग ने इस करवाई की जानकारी भारतीय एजेंसियों को औपचारिक रूप से दी है। नेहाल मोदी पर आरोप है कि उसने उसने नीरव मोदी के फरार होने के बाद भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नष्ट करने और संपतियों के हस्तांतरण में भूमिका निभाई थी। उसकी गिरफ्तारी को इस बहुचर्चित घोटाले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम सफलता माना जा रहा है।
अमेरिकी अभियोजना पक्ष द्वारा अदालत में दाखिल की गई शिकायत के अनुसार, नेहाल मोदी के खिलाफ भारत में दो गंभीर आरोपों के तहत प्रत्यपर्ण की प्रक्रिया चल रही है। पहला, मनी लॉन्डिंग यानी अवैध तरीके से धन को वैध दिखाने की साजिश, और दूसरा अपराधिक साजिश और सबूतों को नष्ट करने से जुड़ा आरोप है। ये आरोप भारतीय दंड सहिता की धारा 120-B( आपराधिक साजिश) और धारा 201 (सबूतों को मिटाना) के तहत दर्ज किए गए हैं। इन आरोपों के आधार पर भारत सरकार ने अमेरिका से नेहाल मोदी के प्रत्यपर्ण की मांग की है।
नेहाल मोदी यह गंभीर आरोप है कि उसने अपने भाई – नीरव मोदी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक घोटाले से अर्जित हज़ारों करोड़ रूपये के काले धन को वैध बनाने में अहम भूमिका निभाई। जांच एजेंसियां की रिपोर्ट के मुताबिक नेहाल ने इस धन को छिपाने और इधर उधर ट्रांसफर करने के लिए कई सेल कंपनियों का सहारा लिया विदेशों में संदिग्ध लेने देन किए। इन जटिल वित्तीय लेन देन के जरिए घोटाले की असल रकम को ट्रैक करना मुश्किल बना दिया गया, जो मनी लॉन्डिंग के स्पष्ट संकेत है।

नीरव मोदी पहले से ही लंदन में गिरफ्तार है और उसके प्रत्यपर्ण के लिए भारत सरकार द्वारा कानूनी प्रक्रिया जारी है। अब उसके भाई नेहाल मोदी की गिरफ्तारी के बाद प्रत्यपर्ण की प्रक्रिया अमेरिका में शुरू हो गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई 2025 को तय की गई है, जब अदालत में स्टेट्स कांफ्रेंस होगी। संभावना है कि नेहाल मोदी की ओर से उस दिन जमानत याचिका दाखिल की जा सकती है।
हालांकि, अमेरिका अभियोजना पक्ष ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह जमानत का कड़ा विरोध करेगा। यह गिरफ्तारी और प्रत्यपर्ण की दिशा में जा रही कानूनी कारवाई भारतीय की जांच एजेंसियां के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जो पिछले कई वर्ष से इस बहुचर्चित अंतरास्ट्रीय आर्थिक घोटाले के आरोपियों को न्याय के दायरे में लाने के प्रयास कर रही थी।