Bihar Dog Babu : को मिला निवास प्रमाण पत्र, पिता का नाम ‘कुत्ता बाबू’, अंचल कार्यालय ने किया जारी
बिहार में सरकारी लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अंचल कार्यालय ने ‘डॉग बाबू’ नाम से एक व्यक्ति को निवास प्रमाण पत्र जारी किया, जिसमें उनके पिता का नाम ‘कुत्ता बाबू’ दर्ज है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पटना के मसौढ़ी में RTPS पोर्टल ने ‘डॉग बाबू’ को आवासीय प्रमाण पत्र जारी किया है. पिता का नाम ‘कुत्ता बाबू’ और माता का नाम ‘कुतिया बाबू’ है. इस दस्तावेज पर संबंधित राजस्व पदाधिकारी मुरारी चौहान का डिजिटल हस्ताक्षर भी मौजूद है.

बिहार में SIR को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. इसे लेकर लोग अपने दस्तावेज दुरुस्त करने-कराने में जुटे हैं. ऐसे में अजब गजब कागजात भी सामने आ रहे हैं. राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी में ‘डॉग बाबू’ को RTPS पोर्टल ने स्पेशल ट्रीटमेंट दे डाला है और आवासीय प्रमाण पत्र जारी किया गया है. कहानी थोड़ी अजीब है, लेकिन सौ फीसदी सच्ची है.
पटना जिले में मसौढ़ी अंचल कार्यालय के RTPS पोर्टल से एक ऐसा निवास प्रमाण पत्र जारी हुआ है, जिसे पढ़कर कोई भी पहले हंसेगा, फिर हैरान हो जाएगा. इस दस्तावेज में नाम दर्ज है ‘डॉग बाबू’, पिता का नाम ‘कुत्ता बाबू’, माता का नाम ‘कुतिया बाबू’, और पता काउलीचक, वार्ड नंबर 15, नगर परिषद मसौढ़ी लिखा है. वहीं, फोटो की जगह पर एक कुत्ते की तस्वीर है.
कुत्ता को निवान प्रमाण पत्र
हैरानी की बात ये है कि इस प्रमाण-पत्र (क्रमांक: BRCCO/2025/15933581) पर मसौढ़ी अंचल कार्यालय के राजस्व पदाधिकारी मुरारी चौहान की डिजिटल सिग्नेचर भी मौजूद है. यानि यह मज़ाक फोटोशॉप नहीं, बल्कि पूरी तरह सिस्टम से निकला हुआ “ओरिजिनल दस्तावेज” है.
सूत्रों के मुताबिक, बिना राजस्व पदाधिकारी के डोंगल के डिजिटल सिग्नेचर नहीं हो सकते. तो फिर सवाल उठता है डोंगल घूमा कौन रहा है? क्या किसी ने ऑफिस में बैठे-बैठे boredom में ‘डॉग बाबू’ बना दिया? या फिर ये RTPS सिस्टम खुद ही मज़ाक करने लगा है?

दिल्ली की महिला से जुड़ा तार
जब इस प्रमाण पत्र के नंबर को RTPS पोर्टल पर सर्च किया गया, तो पता चला कि ये असल में दिल्ली की एक महिला के नाम से जुड़ा है. दस्तावेजों में आधार और पति के प्रमाण भी जुड़े हैं. मतलब साफ है दस्तावेजों में किसी ने ऐसी सेटिंग की कि सिस्टम भी चकमा खा गया.
इधर अंचलाधिकारी प्रभात रंजन ने मीडिया से बातचीत में कहा “यह कोई मज़ाक नहीं, बल्कि गंभीर कदाचार है. राजस्व पदाधिकारी के डोंगल का गलत इस्तेमाल कैसे हुआ, इसकी जांच होगी. दोषियों पर कार्रवाई तय है.” उन्होंने ये भी साफ किया कि RTPS ऑपरेटर से लेकर राजस्व कर्मचारी तक, जिसने भी इस ने इस दस्तावेज में योगदान दिया है, उस पर एफआईआर होगी.
सोशल मीडिया पर चुटकी ले रहे लोग
बता दें कि इससे पहले बिहार के मुंगेर में सोनालिका ट्रैक्टर को प्रमाण पत्र दिया गया था. ऐसे में यह मामला सोशल मीडिया पर भी गरम है. लोगों का कहना है कि अगर ‘डॉग बाबू’ को प्रमाण पत्र मिल सकता है, तो कल को ‘बिल्ली दीदी’ को राशन कार्ड और ‘गाय माता’ को ड्राइविंग लाइसेंस मिल जाए, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए. RTPS के सिस्टम को चेक करने की बजाय शायद अब उसे एंटी वायरस की ज़रूरत है, क्योंकि ये तो कुत्ते के नाम पर भी डाटा एक्सेप्ट कर रहा है.
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