Operation Sindoor में चमका ब्रह्मोस का दम भारतीय सेना ने दिखाया दुनिया को दमखम
Operation Sindoor पाकिस्तान के खिलाफ हुए ऑपरेशन सिंदूर में जब भारत ने आतंक के ठिकानों पर सटीक निशाना साधा, तब ब्रह्मोस मिसाइलें निर्णायक हथियार बनकर उभरीं। तेज़, सटीक और भरोसेमंद – इन मिसाइलों ने न केवल दुश्मन को बड़ा नुकसान पहुंचाया, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि भारत के पास अब विश्व स्तरीय रक्षा प्रणाली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश की स्वदेशी रक्षा प्रणाली की तारीफ करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने देखा कि हमारे डिफेंस सिस्टम, मिसाइलें और ड्रोन कितने सक्षम हैं, खासकर ब्रह्मोस ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया
नौसेना और वायुसेना मिलकर करेंगी ब्रह्मोस मिसाइलों की सबसे बड़ी खरीद
रक्षा मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय बैठक में यह तय किया गया है कि भारतीय वायुसेना और नौसेना, ब्रह्मोस मिसाइलों की इतिहास की सबसे बड़ी खरीद करने जा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस खरीद को जल्द ही मंज़ूरी मिल सकती है।
- भारतीय नौसेना अपने वीर-क्लास युद्धपोतों को ब्रह्मोस से लैस करेगी।
- वहीं भारतीय वायुसेना, रूसी मूल के Su-30 MKI लड़ाकू विमानों में इन मिसाइलों को तैनात करेगी।
ब्रह्मोस की सबसे बड़ी ताकत इसकी सुपरसोनिक गति, दुश्मन के रडार को चकमा देने की क्षमता और सटीक निशाना है, जो इसे किसी भी सैन्य अभियान के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है।
ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस बनी भारत की ब्रह्मास्त्र
जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया, तो ब्रह्मोस मिसाइलों ने युद्ध का रुख ही मोड़ दिया। चार दिन चले संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के एयरबेस और सैन्य छावनियों पर इन मिसाइलों ने तबाही मचा दी।

ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल कर भारत ने न केवल आतंकी संगठनों – जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा – के अड्डों को तबाह किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि भारतीय वायुसेना के पास अब ऐसे हथियार हैं जो दुश्मन के किसी भी कोने में पहुंच सकते हैं।
भविष्य की तैयारी ब्रह्मोस की रेंज और ताकत में होगा और इजाफा
भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की जा रही लंबी दूरी वाली ब्रह्मोस मिसाइलें अब 800 किलोमीटर से भी ज़्यादा दूर तक मार करने में सक्षम होंगी। इसके अलावा, हाइपरसोनिक ब्रह्मोस-2 पर भी काम चल रहा है जो भविष्य में भारत की रक्षा प्रणाली को और भी मजबूत बनाएगा।
इन मिसाइलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये बेहद तेज़ गति से उड़ती हैं और दुश्मन को जवाबी हमला करने का मौका ही नहीं देतीं। ऐसे में, भारतीय सेना की ताकत में ब्रह्मोस एक निर्णायक भूमिका निभाने जा रही है।
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