Newcastle vs Liverpool: रोमांचल मुकाबले में लिवरपूल ने न्यूकैसल यूनाइटेड को 3-2 से हराया
प्रीमियर लीग के एक यादगार मुकाबले में लिवरपूल ने न्यूकैसल यूनाइटेड को 3-2 से मात दी। दोनों टीमों ने शानदार आक्रामक फुटबॉल खेली। न्यूकैसल ने शुरुआत में बढ़त बनाई लेकिन लिवरपूल ने वापसी करते हुए आखिरी मिनटों में निर्णायक गोल दागा और जीत अपने नाम की।

न्यूकैसल यूनाइटेड बनाम लिवरपूल के बीच सोमवार को खेले गए प्रीमियर लीग (Premier League 2025) के रोमांचक मुकाबले में लिवरपूल ने शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में 16 साल के स्थानापन्न खिलाड़ी रियो न्गुमोहा (Rio Ngumoha) के अंतिम क्षणों में किए गए शानदार गोल कर लिवरपूल ने न्यूकैसल यूनाइटेड को 3-2 से रौंद दिया। इस मैच की सबसे खास बात ये रही है कि न्यूकैसल 10 खिलाड़ियों के साथ खेला।

35वें मिनट में रयान ग्रेवेनबेर्च
न्यूकैसल इस मुकाबले में तब तक हावी रहा जब तक कि 35वें मिनट में रयान ग्रेवेनबेर्च (Ryan Gravenberch) के 25 गज की दूरी से किए गए गोल ने घरेलू दर्शकों को चौंका नहीं दिया। इसके बाद गॉर्डन को वर्जिल वैन डाइक पर लापरवाही से किए गए चैलेंज के लिए VAR रिव्यू के बाद मैदान से बाहर भेज दिया गया, जिससे उनके जख्मों पर और नमक छिड़का गया।

पहले हाफ में 1-0 से आगे चल रहा लिवरपूल दूसरे हाफ के 20 सेकंड बाद एक शानदार शॉट के बाद 2-0 से आगे हो गया, तो ऐसा लग रहा था कि एडी होवे की कमजोर टीम के लिए खेल खत्म हो गया है। लेकिन 57वें मिनट में ब्रूनो गुइमारेस के सटीक हेडर की बदौलत घरेलू टीम की उम्मीदें फिर से जाग उठीं। वहीं टून ने दूसरे हाफ का मैच खत्म होने से दो मिनट पहले विलियम ओसुला के खराब डिफेंस का फायदा उठाकर बराबरी हासिल कर ली, लेकिन 16 साल के रेड्स सब्स्टीट्यूट ने 100वें मिनट में एक शानदार विजयी गोल करके जीत हासिल की। सबसे खास बात ये थी कि यह गोल उनके 17वें जन्मदिन से चार दिन पहले आया और उन्हें जेम्स वॉन, जेम्स मिलनर और वेन रूनी के बाद प्रीमियर लीग के इतिहास में चौथा सबसे कम उम्र का गोल करने वाला खिलाड़ी बना दिया।

जीत के बाद लिवरपूल के मैनेजर कहा
मैच के बाद लिवरपूल (Liverpool FC) के मैनेजर आर्ने स्लॉट ने कहा कि “दुनिया भर के हर प्रशंसक ने इस फुटबॉल मैच का आनंद लिया होगा, क्योंकि उनके प्रशंसक अद्भुत थे। मुझे यकीन नहीं है कि आज का मैच फुटबॉल मैच था। हम लड़खड़ाए नहीं और मजबूती से खड़े रहे। हमने गेंद पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। मुझे नहीं लगता कि इतना खुला खेल था।”

यह भी पढ़ें
Premanand Maharaj विवाद: स्वामी रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी ने दी सफाई बताया क्यों हैं सम्माननीय