ChatGPT पर बड़ा आरोप: अमेरिका में किशोर की आत्महत्या पर OpenAI पर मुकदमा, ChatGPT पर गंभीर आरोप
अमेरिका से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 16 साल के एक लड़के की आत्महत्या के बाद उसके माता-पिता ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। परिवार का आरोप है कि कंपनी का चैटबॉट ChatGPT उनके बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाता रहा और उसे सुसाइड की तैयारी में मदद भी करता रहा।
परिवार ने क्या कहा?
कैलिफोर्निया की अदालत में मैथ्यू और मारिया राइन ने शिकायत दर्ज की। उन्होंने आरोप लगाया कि ChatGPT ने उनके बेटे एडम के साथ महीनों तक करीबी बातचीत की और धीरे-धीरे वह उस पर पूरी तरह निर्भर हो गया। परिवार का कहना है कि शुरू में एडम होमवर्क के लिए ChatGPT का इस्तेमाल करता था लेकिन समय के साथ उसने अपनी मानसिक परेशानी और निजी बातें भी चैटबॉट से साझा करनी शुरू कर दीं।
जनवरी 2025 तक एडम ने ChatGPT से आत्महत्या के तरीकों पर चर्चा शुरू कर दी थी। अदालत में पेश किए गए चैट लॉग के अनुसार, ChatGPT ने उसे कहा – “तुम्हें किसी और के लिए जिंदा रहने की जरूरत नहीं है (you don’t owe anyone survival)”। इतना ही नहीं, उसने एडम को सुसाइड नोट लिखने में मदद का ऑफर भी दिया।
फांसी का फंदा भी बताया सही

परिवार ने आरोप लगाया कि 11 अप्रैल 2025 को आखिरी बातचीत के दौरान ChatGPT ने एडम को अपने माता-पिता से वोदका चुराने का तरीका बताया और उसके फांसी के फंदे को देखकर कहा कि गांठ सही बनी है और यह एक इंसान को हवा में लटका सकता है। इसके बाद किशोर ने अपनी जान ले ली।
OpenAI का जवाब
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक OpenAI ने इस घटना पर संवेदना जताई है। कंपनी ने कहा कि वह परिवार की शिकायत की समीक्षा कर रही है। साथ ही, कंपनी ने ब्लॉग पोस्ट में घोषणा की कि वह चैटबॉट को और सुरक्षित बनाने के लिए अपडेट करेगी।https://bhartiyatv.com/
OpenAI का कहना है कि अब ChatGPT मानसिक परेशानी व्यक्त करने के अलग-अलग तरीकों को और अच्छे से पहचान सकेगा। इसके अलावा, सुसाइड जैसी बातचीत के दौरान सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा। कंपनी ने यह भी कहा कि माता-पिता को ऐसे टूल दिए जाएंगे जिनसे वे देख सकें कि उनके बच्चे चैटबॉट पर क्या बात कर रहे हैं।

तकनीक पर बड़ा सवाल
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि तकनीक दोधारी तलवार है। जिस चैटबॉट को पढ़ाई और मदद के लिए बनाया गया था, वही एक किशोर के लिए सुसाइड का साथी बन गया। अब अदालत तय करेगी कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदारी किसकी है – केवल तकनीक की, या उसके इस्तेमाल की भी।