Vaishno Devi हादसा खराब मौसम के बावजूद नहीं रोकी गई यात्रा चश्मदीदों और नेताओं ने उठाए सवाल
Vaishno Devi – माता वैष्णो देवी यात्रा के दौरान आए भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। चश्मदीदों और स्थानीय लोगों ने श्राइन बोर्ड के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं कि आखिरकार खराब मौसम और चेतावनी के बावजूद यात्रा क्यों जारी रखी गई। इस हादसे में अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों यात्री मार्ग में फंसे हुए हैं।
चश्मदीदों का आरोप – पहले रोक दी जाती यात्रा तो बच सकतीं जानें

एनडीटीवी से बात करते हुए आपदा के चश्मदीदों ने बताया कि हादसे से एक दिन पहले ही भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। बावजूद इसके, यात्रा नहीं रोकी गई। जब भूस्खलन हुआ, उस समय तेज बारिश और हवाएं चल रही थीं। यात्रियों का कहना है कि अगर पहले ही यात्रा रोक दी जाती तो कई जानें बच सकती थीं।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने श्राइन बोर्ड पर उठाए सवाल
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस हादसे पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौसम की चेतावनी पहले से मौजूद थी, फिर भी तीर्थयात्रा जारी रखने की अनुमति दी गई। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अधीन आने वाले वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा –
“क्या हमें मौसम की चेतावनी मिलने के बावजूद यात्रियों की जान बचाने के लिए कदम नहीं उठाने चाहिए थे?”
अपनों की तलाश में भटक रहे परिवार
यह हादसा अर्धकुंवारी मार्ग पर हुआ, जो यात्रा का सबसे व्यस्त हिस्सा है। यहां मौजूद विश्राम स्थल चट्टानों और मलबे की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गया। कई यात्री अब भी लापता हैं और उनके परिजन अस्पतालों व राहत शिविरों के चक्कर काट रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनके अपने जिंदा मिल जाएंगे।
फंसे यात्रियों की दिक्कतें मदद बहुत कम मिल रही
मार्ग में फंसे यात्रियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और जो मदद मिल रही है, वह बेहद कम है। बारिश और भूस्खलन से सड़कें और रेल यातायात बंद हो चुके हैं, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं।
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