bihar elections 2025: कांग्रेस ने जारी की स्टार प्रचारकों की सूची
bihar elections विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में कुल 40 नाम शामिल हैं, जिनमें पार्टी के शीर्ष नेताओं से लेकर युवा चेहरे तक शामिल हैं। यह सूची कांग्रेस की रणनीति और चुनावी तैयारी की दिशा को स्पष्ट करती है।
पार्टी ने इस बार स्टार प्रचारकों में ऐसे नेताओं को शामिल किया है, जो न केवल जनता में अपनी लोकप्रियता रखते हैं, बल्कि संगठन और गठबंधन समन्वय में भी कुशल हैं।
सबसे बड़े चेहरे: सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी
कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची में सबसे बड़े नामों में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी शामिल हैं। इन नेताओं की मौजूदगी पार्टी के लिए चुनावी मोर्चे पर मजबूती का प्रतीक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे नेताओं का मैदान में होना न केवल वोटरों में उत्साह पैदा करेगा बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को भी बढ़ाएगा।
अनुभवी नेताओं का दायित्व: मल्लिकार्जुन खरगे, अशोक गहलोत और केसी वेणुगोपाल
कांग्रेस ने अपने अनुभवी नेताओं को भी स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया है। मल्लिकार्जुन खरगे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केसी वेणुगोपाल को विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
अशोक गहलोत को कांग्रेस का पर्यवेक्षक बनाया गया है। उनकी जिम्मेदारी उन सीटों पर संवाद और तालमेल बनाए रखना है, जहां महागठबंधन के अन्य दलों के साथ फ्रेंडली फाइट की स्थिति बन रही है। वहीं, केसी वेणुगोपाल राहुल गांधी के राइट हैंड माने जाते हैं और पार्टी संगठन में उनकी पकड़ मजबूत है।
बिहार में युवा और नए चेहरे भी मैदान में
इस लिस्ट में कांग्रेस ने युवा और सक्रिय नेताओं को भी जगह दी है। इनमें शामिल हैं मीरा कुमार, कन्हैया कुमार, गौरव गोगोई और पवन खेड़ा।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवा नेताओं की मौजूदगी पार्टी को नए वोटरों तक पहुँचने और शहरों में बेहतर प्रचार करने में मदद करेगी। कन्हैया कुमार और मीरा कुमार जैसे नेताओं की लोकप्रियता पार्टी की स्थानीय पकड़ को मजबूत कर सकती है।
महागठबंधन के साथ तालमेल और सीट शेयरिंग
कांग्रेस ने बिहार में महागठबंधन का हिस्सा बनने के बाद यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि गठबंधन दलों के बीच तालमेल और सीट शेयरिंग मुद्दों को हल किया जा सके। पार्टी ने यह सुनिश्चित किया है कि वोटिंग से पहले गठबंधन दलों के बीच मतभेद न रहें और वोटरों के सामने एकजुट महागठबंधन का संदेश जाए।
तीनों वरिष्ठ नेताओं – अशोक गहलोत, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन – को इस काम के लिए विशेष जिम्मेदारी दी गई है। वे पटना में रहकर उन सीटों का दौरा करेंगे, जहां फ्रेंडली फाइट की स्थिति बन रही है और गठबंधन दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं।
कांग्रेस की प्राथमिकता: फ्रेंडली फाइट को सुलझाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की प्राथमिकता उन सीटों पर फ्रेंडली फाइट को सुलझाना है, जहां पार्टी महागठबंधन के अन्य दलों – राजद, सीपीआई एमएल और वीआईपी – के साथ मुकाबला कर रही है।
पार्टी ने यह रणनीति इसलिए बनाई है ताकि चुनावी मैदान में सभी गठबंधन दलों के बीच सहयोग बना रहे और वोटर्स को भ्रमित न किया जाए। पार्टी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि एनडीए के मुकाबले महागठबंधन मजबूत और संगठित दिखे।
तीन वरिष्ठ नेता: अशोक गहलोत, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन
अशोक गहलोत, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के अनुभवी नेता, बिहार में पर्यवेक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। उनका काम महागठबंधन के अंदर तालमेल बनाए रखना और सीट विवाद को सुलझाना है।
केसी वेणुगोपाल, राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं, और पार्टी संगठन के मुद्दों को प्रभावी ढंग से हल कर सकते हैं। वहीं, अजय माकन, जो पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हैं, का अनुभव भी इस मिशन में काम आएगा।
तीनों नेताओं की भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि पार्टी का महागठबंधन के अंदर प्रभाव और एकजुटता बनी रहे और चुनावी नतीजों पर सकारात्मक असर पड़े।
स्टार प्रचारकों का चुनाव: रणनीति और प्रभाव

कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों का चयन सोच-समझकर किया है। पार्टी का लक्ष्य यह है कि चुनावी मैदान में प्रत्येक वर्ग, हर उम्र और हर क्षेत्र तक पार्टी का संदेश पहुंच सके।
अनुभवी नेता जैसे अशोक गहलोत और मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी के पुराने वोटरों को जोड़ने का काम करेंगे। वहीं युवा चेहरे जैसे कन्हैया कुमार और मीरा कुमार नए वोटरों, खासकर युवाओं को आकर्षित करेंगे।
सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे शीर्ष नेता, पार्टी के राष्ट्रीय महत्व और मीडिया पर फोकस बढ़ाने का काम करेंगे।
बिहार चुनाव में कांग्रेस की रणनीति
बिहार में कांग्रेस महागठबंधन की हिस्सेदार है और पार्टी का लक्ष्य है कि गठबंधन को मजबूत दिखाया जाए। इसके लिए पार्टी ने स्टार प्रचारकों की सूची तैयार की है, जो चुनाव के अंतिम चरण तक सक्रिय रहेंगे।
कांग्रेस की रणनीति में यह शामिल है कि युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलित मिश्रण हो, गठबंधन दलों के बीच मतभेद हल किए जाएं और वोटिंग तक जनता में पार्टी की सशक्त छवि बनी रहे।
चुनाव के नतीजों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार प्रचारकों की सक्रिय भागीदारी चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डाल सकती है। यह वोटरों के मनोबल को बढ़ाता है और पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करता है।
कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची में राष्ट्रीय नेताओं, अनुभवी नेताओं और युवाओं को शामिल करके यह सुनिश्चित किया है कि पार्टी की पहुंच बिहार के सभी हिस्सों तक हो।
स्टार प्रचारकों की पूरी लिस्ट
कुल 40 नामों की सूची में प्रमुख नेता हैं:
- सोनिया गांधी
- राहुल गांधी
- प्रियंका गांधी
- मल्लिकार्जुन खरगे
- अशोक गहलोत
- केसी वेणुगोपाल
- अजय माकन
- मीरा कुमार
- कन्हैया कुमार
- गौरव गोगोई
- पवन खेड़ा
- अन्य 29 नेता
यह सूची पार्टी की व्यापक चुनावी रणनीति और सभी वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश को दर्शाती है।
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