Noida आधी रात नोएडा एक्सप्रेसवे पर सनसनी: महिला पत्रकार का पीछा और हमला
Noida। गुरुवार देर रात नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक हैरान करने वाली घटना हुई जिसने पत्रकार सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। नोएडा के एक नामी न्यूज़ चैनल में काम करने वाली महिला पत्रकार पर दो स्कूटी सवार युवकों ने हमला कर दिया। पत्रकार अपने दफ्तर से ड्यूटी पूरी कर घर जा रही थीं, तभी इन दोनों ने उनका पीछा करना शुरू किया और जब गाड़ी नहीं रोकी तो पीछे से कार का शीशा तोड़ दिया।
घटना के वक्त रात के करीब 12:45 बजे थे। महिला पत्रकार नोएडा सेक्टर 129 स्थित अपने दफ्तर से दिल्ली के वसंत कुंज स्थित घर लौट रही थीं। इस दौरान स्कूटी सवार दो मनचलों ने उनकी कार का पीछा करना शुरू किया। पत्रकार की सूझबूझ और हिम्मत से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
नोएडा से दिल्ली तक पीछा करते रहे आरोपी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों आरोपी स्कूटी पर सवार होकर नोएडा से दिल्ली के आश्रम इलाके तक पत्रकार की फोर्ड फिगो कार का पीछा करते रहे। रास्ते में कई बार उन्होंने गाड़ी रोकने की कोशिश की, पर पत्रकार ने डर के बावजूद गाड़ी चलाना जारी रखा।
जैसे-जैसे ट्रैफिक कम होता गया, आरोपी और निडर होते गए। उन्होंने बार-बार गाड़ी के पास आकर इशारे किए और रास्ता रोकने की कोशिश की। लेकिन पत्रकार ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपने फोन से आरोपियों का वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया, ताकि सबूत मिल सके।
एक्सप्रेसवे पर हमला, शीशा तोड़ा
जब एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक के कारण कार की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई, तभी स्कूटी के पीछे बैठे युवक ने अचानक किसी लकड़ी जैसी चीज़ से कार के पिछले शीशे पर जोर से प्रहार किया। शीशा टूट गया और शख्स ने कार का दरवाजा खोलने की कोशिश भी की, लेकिन दरवाजा लॉक था।

इस डरावने पल में पत्रकार ने कार की रफ्तार बढ़ाई और किसी तरह डीएनडी फ्लाईओवर की ओर निकल गईं। आरोपियों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने एक दोस्त को फोन कर बताया कि क्या हो रहा है, और सलाह मांगी कि क्या करना चाहिए।
दोस्त ने कहा – “रुको मत, गाड़ी चलाती रहो, किसी भी भीड़भाड़ वाले इलाके में जाकर पुलिस को कॉल करो।” पत्रकार ने वही किया और आखिरकार लाजपत नगर पहुंचने पर उन्हें राहत मिली।
टैक्सी ड्राइवरों ने दिखाई इंसानियत
लाजपत नगर इलाके में पहुंचने पर पत्रकार ने देखा कि वहां टैक्सी ड्राइवरों का एक समूह खड़ा है। उन्होंने तुरंत गाड़ी किनारे लगाई और मदद की गुहार लगाई। टैक्सी ड्राइवरों ने हालात समझे और उन्हें सुरक्षित घेरकर संरक्षण दिया।
पत्रकार के मुताबिक, “मैंने देखा कि कुछ टैक्सी ड्राइवर सड़क किनारे खड़े थे। मैंने रुककर उन्हें बताया कि दो लोग मेरा पीछा कर रहे हैं। उन्होंने तुरंत मुझे कार रोकने के लिए कहा और मेरी सुरक्षा में खड़े हो गए। जब तक पुलिस पहुंची, तब तक वो स्कूटी सवार भाग चुके थे।”
टैक्सी ड्राइवरों की तत्परता और मानवता ने पत्रकार की जान बचाई। अगर वे लोग मौके पर न होते, तो हालात और भी खराब हो सकते थे।
पुलिस ने दिखाई तेजी आरोपियों की गिरफ्तारी
महिला पत्रकार ने घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी। दिल्ली पुलिस की PCR टीम मौके पर पहुंची और पत्रकार को सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन ले गई, जहाँ उन्होंने FIR दर्ज कराई।
नोएडा पुलिस और दिल्ली पुलिस दोनों ने मिलकर इस केस की जांच शुरू की। पत्रकार द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो पुलिस के लिए अहम सबूत साबित हुआ। इसी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान की और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “हमने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वे नोएडा के ही रहने वाले हैं। उनके खिलाफ धारा 354D (स्टॉकिंग), 427 (नुकसान पहुंचाना), 506 (धमकी देना) और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।”
महिला पत्रकार ने बताई उस रात की दहशत
महिला पत्रकार ने अपने बयान में कहा,
मैं रोज़ की तरह अपने दफ्तर से घर जा रही थी। तभी दो स्कूटी सवार युवक मेरी गाड़ी के पीछे लग गए। पहले तो मैंने ध्यान नहीं दिया, पर वो लगातार पीछा करते रहे। जब मैंने नहीं रोका, तो उन्होंने शीशा तोड़ दिया। उस वक्त मैं बहुत डर गई थी, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी।”
उन्होंने आगे बताया,
अगर मैंने वीडियो रिकॉर्डिंग न की होती, तो शायद उन्हें पकड़ना मुश्किल होता। मुझे खुशी है कि पुलिस ने बहुत तेजी से कार्रवाई की।
पुलिस कमिश्नर ने लिया घटना का संज्ञान
नोएडा पुलिस कमिश्नर ने खुद घटनास्थल का दौरा किया और जांच टीम को निर्देश दिए कि आरोपी किसी भी हालत में बच न पाएँ। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर गुस्सा और समर्थन
जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पत्रकार बिरादरी ने एकजुट होकर इस घटना की निंदा की और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने ट्वीट कर कहा कि महिलाओं के लिए रात में काम करना पहले ही चुनौतीपूर्ण है, और इस तरह की घटनाएँ चिंता बढ़ाने वाली हैं।
लोगों ने टैक्सी ड्राइवरों की सराहना भी की जिन्होंने पत्रकार की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की।
बढ़ते अपराध और महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े पहले से ही चिंता का विषय बने हुए हैं। खासकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे जैसे इलाकों में रात के समय सुरक्षा की स्थिति पर कई बार सवाल उठ चुके हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर किया है कि –
क्या महिलाएँ रात में बिना डर के घर लौट सकती हैं?
क्या सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है?
और क्या हर अपराध के बाद केवल गिरफ्तारी ही समाधान है?
पुलिस की कार्यवाही और आगे की जांच
फिलहाल दोनों आरोपी हिरासत में हैं और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि वे स्थानीय निवासी हैं और पूर्व में भी शरारती गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या घटना के पीछे किसी और वजह थी या यह सिर्फ मनचलों की हरकत थी। पत्रकार द्वारा बनाए गए वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि साक्ष्य पुख्ता किए जा सकें।
समाज के लिए सबक: सतर्क रहें, तकनीक का इस्तेमाल करें
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि मुश्किल वक्त में तकनीक और हिम्मत दोनों जरूरी हैं। महिला पत्रकार ने जो वीडियो रिकॉर्ड किया, वही इस केस का सबसे बड़ा सबूत बना।
ऐसे मामलों में सलाह दी जाती है कि –
- रात में अकेले सफर करते समय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को लोकेशन शेयर करें।
- गाड़ी का दरवाजा हमेशा लॉक रखें।
- सड़क पर संदिग्ध स्थिति दिखे तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल करें।
- वाहन में डैशकैम लगाएं, ताकि हर गतिविधि रिकॉर्ड हो सके।
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