Wednesday, February 4, 2026

Delhi Airport सिस्टम फेलियर पर बड़ा खुलासा: ATC ने जुलाई में दी थी चेतावनी, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

by Sujal
Delhi Airport पर सिस्टम फेलियर की घटना टल सकती थी! एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने जुलाई में ही चेताया था कि AMSS सिस्टम में खराबी है, लेकिन AAI ने नहीं सुनी बात। 800 उड़ानों पर पड़ा असर, यात्रियों को हुई भारी परेशानी।

Delhi Airport पर टल सकती थी सिस्टम फेलियर की घटना, ATC ने जुलाई में दी थी चेतावनी

नई दिल्ली:
Delhi Airport देश की राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर बीते गुरुवार और शुक्रवार को जो तकनीकी गड़बड़ी हुई, उससे हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। लेकिन अब जो जानकारी सामने आई है, उसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ATCGI) ने दावा किया है कि उन्होंने कई महीने पहले ही भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को सिस्टम की खराब हालत के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।


7 अक्टूबर को फेल हुआ एयर ट्रैफिक सिस्टम 800 से ज्यादा उड़ानों पर असर

शुक्रवार, 7 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) का सर्वर एक बार फिर डाउन हो गया।
यह दूसरे दिन लगातार हुआ जब ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में तकनीकी खराबी आई।
इस गड़बड़ी की वजह से देश और विदेश की 800 से अधिक उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा।
कई उड़ानें घंटों तक देरी से रवाना या लैंड हुईं, जबकि करीब 20 फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा।
यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा और कई यात्राओं की प्लानिंग गड़बड़ा गई।


ATC गिल्ड ने कहा यह हादसा रोका जा सकता था

दिल्ली एयरपोर्ट पर टल सकती थी सिस्टम फेलियर की घटना, Atc ने जुलाई में दी थी चेतावनी

एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने इस घटना पर कहा कि यह सिस्टम फेलियर टाला जा सकता था,
अगर समय पर आवश्यक तकनीकी अपग्रेड किए गए होते।
गिल्ड का दावा है कि उन्होंने जुलाई में ही AAI को चेताया था कि मौजूदा सिस्टम धीमा, कमजोर और पुराना हो चुका है।
उन्होंने यह भी बताया कि सिस्टम बार-बार लैग कर रहा था और डेटा ट्रांसमिशन में गड़बड़ हो रही थी।


सांसदों को लिखा गया था पत्र, पर नहीं हुई कार्रवाई

एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स गिल्ड ने 8 जुलाई को सांसदों को एक पत्र लिखा था।
इस पत्र में उन्होंने आग्रह किया था कि हवाई नेविगेशन सेवाओं में इस्तेमाल हो रहे ऑटोमेशन सिस्टम की समय-समय पर समीक्षा और अपग्रेड जरूरी है।
पत्र में साफ कहा गया था कि दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर मौजूदा सिस्टम की कार्यक्षमता कमजोर हो रही है,
और इसके चलते उड़ानों की सुरक्षा और दक्षता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

गिल्ड ने कहा,

हमने यह बात बार-बार अधिकारियों के सामने रखी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अगर चेतावनी पर ध्यान दिया गया होता, तो शायद यह स्थिति नहीं आती।”

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सिस्टम में थी यह तकनीकी खराबी

जो सिस्टम फेल हुआ, उसका नाम है — ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS)।
यह सिस्टम उड़ानों से जुड़ी जरूरी सूचनाएं — जैसे उड़ान का मार्ग, ऊंचाई, दिशा और एयर ट्रैफिक की स्थिति —
विभिन्न कंट्रोल यूनिट्स तक रियल-टाइम में ट्रांसफर करता है।

जब यह सिस्टम डाउन हुआ, तो उड़ानों से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान रुक गया।
नतीजतन, कई विमानों को हवा में रोकना पड़ा या उन्हें डायवर्ट करना पड़ा।
यह स्थिति किसी भी एयरपोर्ट के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम मानी जाती है।


AAI को पहले से दी गई थी तकनीकी रिपोर्ट

गिल्ड ने बताया कि उन्होंने जुलाई में AAI को एक विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट भेजी थी,
जिसमें बताया गया था कि सिस्टम में कई सॉफ्टवेयर बग्स और सर्वर-संबंधी खामियां हैं।
रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया था कि सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से अपग्रेड किया जाए।

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अंतरराष्ट्रीय मानकों की तरह होना चाहिए भारत का सिस्टम

पत्र में यह भी कहा गया था कि भारत को अपने एयर ट्रैफिक सिस्टम को
यूरोप के Eurocontrol और अमेरिका के FAA सिस्टम की तरह बनाना चाहिए।
वहां पर एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और
रियल-टाइम डेटा शेयरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होता है,
जिससे ऐसी गड़बड़ियां लगभग नामुमकिन हो जाती हैं।


यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं, उड़ान संचालन प्रभावित

सिस्टम फेलियर के चलते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर असर पड़ा।
कई यात्री, जो विदेश से दिल्ली पहुंचे थे, उन्हें अपने कनेक्टिंग फ्लाइट्स से चूकना पड़ा।
कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
वहीं, यात्रियों के लिए देरी का मुआवजा और रीबुकिंग की प्रक्रिया को लेकर भी भ्रम की स्थिति रही।


AAI की प्रतिक्रिया स्टम बहाल कर दिया गया, जांच जारी

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने बयान जारी करते हुए कहा कि
तकनीकी टीम ने सिस्टम को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया है,
और अब मामले की जांच चल रही है।
AAI ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न हो,
इसके लिए सिस्टम की रिव्यू प्रक्रिया शुरू की गई है।

हालांकि, ATC गिल्ड का कहना है कि यह रिव्यू अब बहुत देर से किया जा रहा है,
जब नुकसान पहले ही हो चुका है।

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