Firozabad में दिल्ली जैसे ब्लास्ट की अफवाह फैलाने वाला युवक गिरफ्तार, पुलिस ने दी चेतावनी – कहा सत्यापित सूचना ही साझा करें
Firozabad में फैली अफवाह से मचा हड़कंप, पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई
Firozabad दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके के बाद जहां देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। सोशल मीडिया पर यह संदेश वायरल हुआ कि “फिरोजाबाद में भी दिल्ली जैसी आतंकी घटना की तैयारी चल रही है।” इस झूठी सूचना ने लोगों में डर और दहशत फैला दी।पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अफवाह फैलाने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक का नाम आकाश बताया जा रहा है, जो सुहाग नगर क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस ने उसके खिलाफ आईटी एक्ट और शांति भंग करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी झूठी खबर
आकाश नाम का युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था और उसने एक पोस्ट के ज़रिए दावा किया कि “फिरोजाबाद में भी लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी घूम रहा है” और जल्द ही दिल्ली जैसी घटना यहां भी हो सकती है।इस पोस्ट के बाद स्थानीय ग्रुप्स और चैट्स में घबराहट का माहौल बन गया। कई लोगों ने बिना सत्यापन किए उस संदेश को फॉरवर्ड करना शुरू कर दिया, जिससे शहर में अफवाह तेजी से फैल गई।पुलिस के मुताबिक, कुछ ही घंटों में यह संदेश हजारों लोगों तक पहुंच गया।
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया —पुलिस की साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई की और युवक की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में पाया गया कि आरोपी ने बिना किसी प्रमाण के अफवाह फैलाई थी।”
युवक के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
थाना दक्षिण पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आईटी एक्ट (Information Technology Act) और शांति भंग करने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।पुलिस ने बताया कि युवक के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने ऐसी पोस्ट किसके कहने पर या किन स्रोतों से प्रेरित होकर की थी।थाना प्रभारी ने कहा —ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। अफवाह फैलाना समाज में भय और अस्थिरता पैदा करता है, जो कानूनन अपराध है।”
पुलिस की अपील: “सत्यापित सूचना के बिना कुछ साझा न करें”
फिरोजाबाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर कोई भी संदिग्ध या असत्यापित सूचना साझा न करें।एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने कहा —दिल्ली में हुए धमाके के बाद लोग संवेदनशील हैं। ऐसे में अफवाह फैलाने वाले लोगों पर पुलिस की नजर बनी हुई है। जो भी झूठी खबर फैलाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो वह तुरंत 112 या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे, ताकि जांच की जा सके।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद पूरे यूपी में अलर्ट

सोमवार को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में धमाका हुआ था। इस हादसे में 10 से अधिक लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हो गए।
जांच एजेंसियों को शक है कि इस धमाके के पीछे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी फरीदाबाद मॉड्यूल का हाथ है।फरीदाबाद पुलिस ने भी इस मामले में कुछ डॉक्टरों और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।
घटना के बाद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
नोएडा, गाजियाबाद, मथुरा, अलीगढ़, और आगरा के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
फिरोजाबाद पुलिस ने बढ़ाई चौकसी
फिरोजाबाद के एसएसपी ऑफिस से सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं कि
- शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और बाजारों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
- सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए साइबर सेल की टीम को सक्रिय रखा जाए।
- किसी भी तरह की झूठी सूचना या वायरल संदेश पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

थाना दक्षिण पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद भी इलाके में फोर्स तैनात की गई है ताकि लोग भयमुक्त रह सकें।
साइबर सेल की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में फिरोजाबाद पुलिस की साइबर सेल ने अहम भूमिका निभाई। टीम ने आरोपी का आईपी एड्रेस और मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर उसे पकड़ा।
साइबर सेल प्रभारी ने बताया —सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल जरूरी है। कोई भी व्यक्ति अगर झूठी खबर फैलाता है, तो वह तकनीकी रूप से ट्रेस हो सकता है। ऐसी गतिविधियां डिजिटल सबूत छोड़ती हैं जिन्हें हम तुरंत पहचान सकते हैं।”
समाज में बढ़ती अफवाहों की समस्या
भारत में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ अफवाहें फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
कई बार यह अफवाहें भय, हिंसा या सांप्रदायिक तनाव का कारण बन जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।
मीडिया विश्लेषक डॉ. संजय त्रिपाठी कहते हैं —
अफवाहें उस वक्त सबसे खतरनाक होती हैं जब माहौल पहले से संवेदनशील हो। दिल्ली ब्लास्ट के बाद लोग डर में हैं, ऐसे में एक झूठी पोस्ट पूरे शहर को अशांत कर सकती है।”
पुलिस का संदेश: “डरें नहीं, जागरूक बनें”
फिरोजाबाद पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि वे डरें नहीं, बल्कि जागरूक बनें।
अगर किसी को कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
पुलिस ने कहा —
सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाना देशद्रोह की सीमा तक अपराध माना जा सकता है।”
अफवाह फैलाने के परिणाम क्या हैं?
भारतीय कानून के अनुसार,
- आईटी एक्ट की धारा 66D और 505 (1)(B) IPC के तहत झूठी सूचना फैलाने पर 3 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
- यदि अफवाह के कारण जन-धन की हानि होती है, तो सजा और भी कठोर हो सकती है।
- यह अपराध नॉन-बेलेबल (ग़ैर-जमानती) श्रेणी में आता है।
जनता की प्रतिक्रिया: पुलिस की कार्रवाई सही दिशा में
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।
एक यूज़र ने लिखा —जो लोग डर फैलाते हैं, उन्हें सबक मिलना चाहिए। प्रशासन का कदम सही है।”दूसरे व्यक्ति ने कहा —ऐसे लोगों की वजह से माहौल खराब होता है। पुलिस को ऐसे मामलों में और सख्त होना चाहिए।”