संक्षेप में पूरी खबर (Summary Shot) Delhi के निज़ामुद्दीन इलाके में मामूली बात पर कहासुनी इतनी बढ़ी कि 27 वर्षीय युवक कुलदीप की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने 500 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और 24 घंटों में एक बालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे और नशे में थे। हत्या के बाद वे पीड़ित की कार लेकर फरार हो गए थे।
Delhi के निज़ामुद्दीन में सनसनी: पेशाब को लेकर विवाद में युवक की हत्या

दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 3 दिसंबर की सुबह बरापुला फ्लाईओवर के नीचे एक युवक का खून से लथपथ शव मिला। राहगीरों ने तुरंत PCR को कॉल किया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और ACP मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान कुलदीप उर्फ राम सिंह (27) के रूप में हुई। मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर था, और पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि बिना किसी गवाह या शुरुआत के सुराग के हत्यारों तक कैसे पहुंचा जाए।
500 से ज्यादा CCTV कैमरों की स्कैनिंग—पुलिस को मिला पहला सुराग
हत्या की तारीख और जगह को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों का CCTV फुटेज खंगालना शुरू किया। लगभग 500 से अधिक कैमरों की फुटेज देखने के बाद पुलिस को भोगल स्थित जैन मंदिर के पास एक सार्वजनिक शौचालय की फुटेज में कुछ संदिग्धों की हरकतें दिखीं।
यही वह फुटेज थी, जिसने इस ब्लाइंड मर्डर केस की दिशा बदल दी।
तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन, नंबर प्लेट ट्रैकिंग और स्थानीय इनपुट की मदद से पुलिस ने चारों संदिग्धों की पहचान कर ली।
मुख्य आरोपी इमरान उर्फ पानवाड़ी: पहले भी था अपराध में शामिल
पुलिस की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी इमरान उर्फ पानवाड़ी (19) स्नैचिंग और चोरी के तीन मामलों में पहले से नामजद है। उसके साथ तीन और नाबालिग भी शामिल थे। पूछताछ में इन चारों ने पूरे घटनाक्रम की दिल दहला देने वाली कहानी बताई।
जन्मदिन की पार्टी, नशा और सड़क किनारे शुरू हुआ विवाद

इमरान और उसके साथी उसके जन्मदिन का जश्न मनाने के बाद रात को इंडिया गेट घूमने निकले थे। सभी शराब के नशे में थे। रास्ते में वे भोगल इलाके में एक सार्वजनिक शौचालय के पास रुके, जहां उनकी मुलाकात कार के पास खड़े कुलदीप से हुई।कुलदीप ने पेशाब करने को लेकर आपत्ति जताई, जिसके बाद कहासुनी बढ़ गई। आरोपियों का नशा और गुस्सा मिलकर हिंसा में बदल गया। इसी दौरान इमरान ने जेब से चाकू निकाला और कुलदीप पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। कुछ ही मिनटों में कुलदीप की मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने कुलदीप की कार भी लेकर फरार होने की कोशिश की।
हत्या के हथियार से लेकर कार तक सब मिला—24 घंटे में सुलझ गया ब्लाइंड केस
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से
- पीड़ित की कार,
- खून से सने कपड़े,
- हत्या में इस्तेमाल चाकू
बरामद किए हैं।
इन सबूतों ने केस को बेहद मजबूत बना दिया। दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच की बदौलत यह पूरा मामला सिर्फ 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया गया।
पुलिस की तेज कार्रवाई से मिली सफलता, परिवार को मिला न्याय का रास्ता
पुलिस का कहना है कि तकनीकी और मानव सूचना स्रोत दोनों की संयुक्त भूमिका इस केस को सुलझाने में बेहद अहम रही। चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ न सिर्फ इस जघन्य हत्या का खुलासा हुआ, बल्कि पीड़ित परिवार को भी न्याय की उम्मीद मिली है।
यह भी पढ़ें:
Greater Noida में 100 करोड़ की बैंक ठगी! STF ने गिरोह पकड़ा 8 आरोपी गिरफ्तार