संक्षेप में पूरी खबर (Short Summary) Delhi प्रदूषण से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरादिल्ली में AQI 461, हालात ‘गंभीर’अक्षरधाम समेत कई इलाकों में घना स्मॉगरोहिणी में AQI 499, सबसे ज्यादा प्रभावितनोएडा (470) और गाजियाबाद (460) में भी हवा जहरीलीIGI एयरपोर्ट पर कम विजिबिलिटी, सावधानी बढ़ाई गई
Delhi हे भगवान! दिल्ली में आज कैसी हवा, अक्षरधाम तक छाया जहरीला स्मॉग
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट लगातार और गहराता जा रहा है। रविवार सुबह दिल्ली की हवा इतनी जहरीली हो गई कि कई इलाकों में सांस लेना भी मुश्किल हो गया। हालात ऐसे रहे कि शहर के कई हिस्सों में घनी धुंध के कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य तक पहुंच गई।

सुबह और बिगड़े हालात, AQI ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार,
रविवार सुबह करीब 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 461 दर्ज किया गया।
एक दिन पहले यह आंकड़ा 431 था, यानी सिर्फ 24 घंटे में प्रदूषण और खतरनाक हो गया।दिल्ली के सभी 40 वायु गुणवत्ता जांच केंद्रों पर हवा को ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया।
अक्षरधाम समेत कई इलाकों में जहरीली धुंध की चादर
सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में स्मॉग की मोटी परत दिखाई दी।
अक्षरधाम इलाके से सामने आए वीडियो में साफ दिखा कि पूरा इलाका धुंध में डूबा हुआ है। सड़कें, इमारतें और वाहन मुश्किल से नजर आ रहे थे।मौसम की स्थिर स्थिति, घना कोहरा और लगातार बढ़ता प्रदूषण मिलकर हालात को और खराब बना रहे हैं।

सबसे ज्यादा प्रभावित रहे ये इलाके
दिल्ली के कई इलाकों में AQI लगभग अधिकतम स्तर तक पहुंच गया—
- रोहिणी: 499
- बवाना: 498
- विवेक विहार: 495
- अशोक विहार: 493
- वजीरपुर: 493
- नरेला: 492
- आनंद विहार: 491
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्तर की हवा बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए बेहद खतरनाक है।
NCR में भी बिगड़े हालात, नोएडा-गाजियाबाद बेहाल
वायु प्रदूषण का यह संकट सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कई शहरों में भी हवा बेहद खराब दर्ज की गई—
- नोएडा: AQI 470
- गाजियाबाद: AQI 460
- गुरुग्राम: AQI 348 (बहुत खराब)
- फरीदाबाद: AQI 220
हालांकि फरीदाबाद की स्थिति थोड़ी बेहतर रही, लेकिन वहां की हवा भी स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा सकती।
हवाई अड्डे पर बढ़ाई गई सतर्कता, विजिबिलिटी बेहद कम
कम दृश्यता के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विशेष सावधानी के नियम लागू किए गए।
हालांकि उड़ानों का संचालन जारी रहा, लेकिन अधिकारियों के अनुसार पायलटों को बदलती और खराब विजिबिलिटी के बीच विशेष प्रोटोकॉल के तहत काम करना पड़ा।मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि रविवार सुबह दृश्यता 100 मीटर तक गिर सकती है, जो दिन में बढ़कर करीब 800 मीटर तक हो सकती है।
सेहत पर बढ़ता खतरा, विशेषज्ञ कर रहे सतर्क रहने की अपील
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण फेफड़ों, दिल और आंखों पर गंभीर असर डाल सकता है।
लोगों को सलाह दी जा रही है कि बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
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