संक्षेप में खबर: Noida के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गठित SIT ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरा हादसा रीक्रिएट किया। टीम ने ब्रेकर से लेकर कार के पानी में गिरने तक हर बिंदु की बारीकी से जांच की। यह हादसा 16-17 जनवरी 2026 की रात घने कोहरे में हुआ था। बिल्डर की लापरवाही का आरोप है, मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। SIT अपनी रिपोर्ट 5 दिन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी।
Noida हादसा: युवराज की मौत ने उठाए कई सवाल
Noida के सेक्टर-150 में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक होनहार इंजीनियर युवराज मेहता की मौत सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही पर बड़ा सवाल बन गई है। अब इस मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए गठित SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने घटनास्थल पर जाकर हर पल को दोबारा जीने की कोशिश की।
सीएम योगी के निर्देश पर बनी SIT, मौके पर पहुंची टीम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT गुरुवार शाम करीब 6:15 बजे मेरठ से ग्रेटर नोएडा पहुंची। टीम लगभग आधे घंटे तक सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल पर मौजूद रही। इस दौरान अधिकारियों ने उस रात की पूरी कहानी को समझने की कोशिश की—कि आखिर युवराज की कार कहां से आई, कैसे दीवार टूटी और पानी भरे गड्ढे में कैसे समा गई।
ब्रेकर से लेकर गड्ढे तक, हर जगह को किया गया मार्क
SIT ने जांच के दौरान ब्रेकर से लेकर कार के पानी में गिरने की अंतिम जगह तक पूरे रास्ते को मार्क किया। अधिकारियों ने सड़क की बनावट, ब्रेकर की स्थिति और दीवार की मजबूती को बारीकी से परखा।
जांच के वक्त जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा, डीसीपी ग्रेटर नोएडा, एडीएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। एडीजी भानु भास्कर ने खुद करीब आधे घंटे तक स्थल का निरीक्षण किया।

कितनी स्पीड में थी कार? SIT ने हर एंगल से परखा हादसा
SIT की सबसे बड़ी कोशिश यह समझने की रही कि युवराज की कार कितनी रफ्तार में थी, जिससे वह दीवार तोड़कर सीधे पानी में जा गिरी। साथ ही यह भी देखा गया कि कार किस दिशा से आ रही थी और कोहरे की भूमिका कितनी गंभीर थी।
टीम ने यह भी जांचा कि हादसे के बाद रेस्क्यू में देरी क्यों हुई और क्या युवराज को समय पर बचाया जा सकता था।

16-17 जनवरी की रात, जब कोहरे में बुझ गई एक जिंदगी
यह हादसा 16 और 17 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात का है। घने कोहरे के बीच युवराज मेहता की कार निर्माणाधीन प्लॉट की कमजोर दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। कार डूबने से युवराज की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद आज युवराज जिंदा होता।
बिल्डर पर लापरवाही का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार
मामले में आरोप है कि बिल्डर और उसके सहयोगियों ने गंभीर लापरवाही बरती। निर्माणाधीन प्लॉट में भारी मात्रा में पानी भरा था, न चेतावनी बोर्ड लगे थे और न ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था।
थाना नॉलेज पार्क में केस दर्ज किया गया है और पुलिस अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच हर एंगल से जारी है।
5 दिन में सीएम योगी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
SIT ने साफ किया है कि वह 5 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर मौत के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
अब सबकी नजरें इस रिपोर्ट पर टिकी हैं—क्या युवराज को इंसाफ मिलेगा, और क्या ऐसी लापरवाही पर सख्त संदेश जाएगा?