संक्षेप में खबर: Hostal pitai ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित ईजेड हॉस्टल में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र उदित सोनी (22) ने कथित पिटाई और मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि हॉस्टल संचालक व वार्डन ने मारपीट कर वीडियो पिता को भेजा, जिसके बाद पिता की डांट से टूटे छात्र ने यह कदम उठाया। पिता की शिकायत पर दो कर्मचारी गिरफ्तार किए गए हैं, मामले की जांच जारी है।
Hostal pitai ग्रेटर नोएडा से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है।
Hostal pitai नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में स्थित ईजेड हॉस्टल में रहने वाले गलगोटिया यूनिवर्सिटी के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र उदित सोनी (22) ने मानसिक प्रताड़ना से टूटकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
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झांसी के मऊरानीपुर निवासी उदित ने हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद हॉस्टल परिसर में हड़कंप मच गया और छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
पिटाई, जुर्माना और वीडियो… यहीं से शुरू हुआ दर्द

छात्रों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे उदित अपने दोस्तों चेतन और कुलदीप के साथ शराब पीकर हॉस्टल लौटा था। आरोप है कि हॉस्टल के संचालक और वार्डन ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उदित की बेल्ट और पाइप से पिटाई की।
इतना ही नहीं, पिटाई के बाद जुर्माने के तौर पर उससे 10 हजार रुपये भी वसूले गए। मामला यहीं नहीं रुका। हॉस्टल स्टाफ ने घटना का वीडियो बनाकर उदित के पिता को भेज दिया।
पिता की डांट ने और गहरा कर दिया जख्म
वीडियो देखकर उदित के पिता विजय सोनी ने फोन पर बेटे को फटकार लगाई। उन्होंने पढ़ाई में लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर नाम कटवाकर घर बुलाने की बात कही।
हालांकि, कुछ देर बाद पिता ने समझाने की भी कोशिश की, लेकिन तब तक उदित मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुका था। दोस्तों का कहना है कि पिता की डांट और सार्वजनिक अपमान ने उसे अंदर से तोड़ दिया।
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“पापा ने कभी हाथ नहीं उठाया…” दोस्त की आंखों में आंसू
हॉस्टल के रूम नंबर 404 में रहने वाले उदित के एक दोस्त ने बताया कि पिटाई के दौरान उदित लगातार चिल्ला रहा था—
“मेरे पिता ने आज तक मुझ पर हाथ नहीं उठाया।”
इसके बावजूद कथित तौर पर उसकी पिटाई जारी रही। यही बात उदित के मन में गहरे जख्म की तरह बैठ गई।
रात 10 बजे उठाया आत्मघाती कदम
छात्रों के अनुसार, रात करीब 10 बजे उदित अचानक हॉस्टल की चौथी मंजिल पर गया और नीचे कूद गया। गिरने की तेज आवाज सुनकर साथी छात्र दौड़े और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
उसे ऑटो से शारदा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत के बाद फूटा छात्रों का गुस्सा
उदित की मौत की खबर फैलते ही हॉस्टल में रहने वाले छात्र भड़क गए। देर रात करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा चला। आक्रोशित छात्रों ने हॉस्टल के बाहर खड़ी बसों के शीशे तोड़ दिए और बिल्डिंग पर पथराव किया।
स्थिति को संभालने के लिए डीसीपी ग्रेटर नोएडा शाद मियां खान, एडीसीपी सुधीर कुमार और एसीपी हेमंत उपाध्याय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त फोर्स तैनात कर छात्रों को शांत कराया गया।
हॉस्टल संचालक और वार्डन फरार
घटना के बाद हॉस्टल संचालक और वार्डन मौके से फरार हो गए। छात्रों का आरोप है कि उन्हीं की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के चलते उदित ने आत्मघाती कदम उठाया।
आसपास के हॉस्टल में रहने वाले छात्र भी प्रदर्शन में शामिल हो गए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पिता की तहरीर पर कार्रवाई, दो कर्मचारी गिरफ्तार
पीड़ित छात्र के पिता विजय सोनी नोएडा पहुंच गए हैं। उनके साथ मऊरानीपुर की विधायक डॉ. रश्मि आर्य भी मौजूद हैं। पिता की तहरीर पर पुलिस ने हॉस्टल के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस बोली- हर पहलू की जांच जारी
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। छात्रों और स्टाफ से पूछताछ जारी है। तोड़फोड़ के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
सवाल जो सिस्टम से पूछे जा रहे हैं
यह घटना सिर्फ एक छात्र की मौत नहीं, बल्कि हॉस्टलों में हो रही कथित मनमानी, शारीरिक सजा और मानसिक प्रताड़ना पर बड़ा सवाल है।
अब देखना यह है कि उदित को इंसाफ कब और कैसे मिलता है, और क्या भविष्य में किसी और छात्र को ऐसी कीमत चुकानी पड़ेगी या नहीं।