संक्षेप में खबर: Ghaziabad में शहरभर के खुले और टूटे नाले आम लोगों के लिए जानलेवा बनते जा रहे हैं। कई इलाकों में नालों पर न स्लैब हैं, न चेतावनी बोर्ड और न ही बैरिकेड्स। बारिश और रात के समय हादसों का खतरा और बढ़ जाता है, जिसमें दोपहिया सवार, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग की है।
Ghaziabad की सड़कों पर छुपा खतरा, खुले नालों से डर में जी रहे लोग

गाजियाबाद शहर में खुले नाले अब केवल गंदगी या जलभराव की समस्या नहीं रह गए हैं, बल्कि ये सीधे तौर पर लोगों की जान के लिए खतरा बन चुके हैं। बारिश हो या सामान्य दिन, शहर के अलग-अलग इलाकों में खुले और टूटे नालों की वजह से रोजाना हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों की उदासीनता चिंता बढ़ा रही है।
टूटे स्लैब और खुले नाले, नहीं कोई सुरक्षा इंतजाम
शहर के कई प्रमुख और रिहायशी इलाकों में नालों पर लगे स्लैब टूट चुके हैं। कई जगह तो नाले पूरी तरह खुले पड़े हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन स्थानों पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स मौजूद हैं। ऐसे में राहगीरों को पहले से खतरे का अंदाजा तक नहीं लग पाता।
रात और बारिश में और बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय और बारिश के दौरान इन खुले नालों को देख पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। सड़क पर पानी भरने के बाद नाले नजर ही नहीं आते। ऐसे हालात में दोपहिया वाहन सवार अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं, जबकि बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं।

रोजाना हो रहे हादसे, लेकिन कार्रवाई नदारद
शहरवासियों के अनुसार, इन खुले नालों की वजह से आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। कई लोग चोटिल हो चुके हैं, लेकिन हर बार अस्थायी मरम्मत या सिर्फ खानापूर्ति कर दी जाती है। स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
लोगों में बढ़ रहा आक्रोश, स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि नालों को पूरी तरह ढकने के साथ मजबूत स्लैब लगाए जाएं और खतरनाक स्थानों पर तुरंत बैरिकेड्स व चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
सवालों के घेरे में नगर निगम और जिम्मेदार विभाग
शहरवासियों का सवाल है कि आखिर किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है। जब खतरा साफ नजर आ रहा है, तो नगर निगम और संबंधित विभाग स्थायी समाधान क्यों नहीं कर रहे। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो खुले नाले किसी दिन बड़ी जनहानि का कारण बन सकते हैं।