Wednesday, February 4, 2026

सूर्या और बॉबी देओल की फिल्म ‘कंगुवा’ के एडिटर निशाद यूसुफ का अचानक निधन, कमरे में मृत पाए गए

by Vijay Parajapati

अभी-अभी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है कि प्रसिद्ध मलयालम और तमिल सिनेमा के फिल्म संपादक निशाद यूसुफ का निधन हो गया है। 43 वर्षीय निशाद यूसुफ को बुधवार सुबह 2 बजे कोच्चि के पनमपिल्ली नगर में उनके अपार्टमेंट में मृत पाया गया। उनकी अचानक हुई इस मृत्यु ने मलयालम फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ा दी है। पुलिस ने अभी तक मौत के कारण का खुलासा नहीं किया है, लेकिन जांच शुरू कर दी गई है।


केरल फिल्म कर्मचारी महासंघ ने की पुष्टि

केरल फिल्म कर्मचारी महासंघ के निर्देशक संघ ने निशाद यूसुफ के निधन की पुष्टि की। उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर निशाद की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें मलयालम सिनेमा का एक प्रमुख योगदानकर्ता बताया। उनके पोस्ट में लिखा गया, “फिल्म संपादक निशाद यूसुफ का निधन, जिन्होंने मलयालम सिनेमा में समकालीन भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। FEFKA निर्देशक संघ की ओर से गहरी संवेदनाएं।” यह पोस्ट मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के इस दर्दनाक नुकसान को बयां करती है।


आधिकारिक बयान का इंतजार, आत्महत्या की आशंका

हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी मौत को आत्महत्या के रूप में बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मातृभूमि की रिपोर्ट के अनुसार, केरल पुलिस ने हर संभावना की जांच शुरू कर दी है और उनकी मृत्यु की सभी कोणों से समीक्षा कर रही है।


प्रोजेक्ट ‘कंगुवा’ के एडिटर थे निशाद यूसुफ

निशाद यूसुफ तमिल और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने संपादक थे, जिन्होंने थल्लुमाला, अंडा, वन, सऊदी वेल्लाक्का और एडिओस अमीगोस जैसी फिल्मों पर काम किया था। उन्होंने पिछले साल अपना सबसे हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट साइन किया था, जो सूर्या और बॉबी देओल अभिनीत ‘कंगुवा’ फिल्म थी। यह फिल्म 14 नवंबर को रिलीज होने वाली है और इसके साथ ही निशाद यूसुफ का योगदान दर्शकों के सामने आने वाला था। उनका यह प्रोजेक्ट तमिल और मलयालम इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ था।


सर्वश्रेष्ठ संपादक के राज्य पुरस्कार से सम्मानित

निशाद यूसुफ को उनकी बेहतरीन एडिटिंग के लिए साल 2022 में सर्वश्रेष्ठ संपादक के राज्य पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें यह पुरस्कार फिल्म ‘थल्लुमाला’ पर उनकी उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया गया था, जो मलयालम फिल्म उद्योग में एक नया मील का पत्थर साबित हुई थी। निशाद यूसुफ का करियर उनकी कला और उनकी अद्वितीय शैली को उजागर करता है। उनके निधन ने इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ा दी है और उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।


निशाद यूसुफ का अचानक निधन मलयालम और तमिल फिल्म जगत के लिए एक बड़ा झटका है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार, दोस्तों, और फैंस के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। पुलिस उनकी मृत्यु की जांच में लगी है, और उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में कुछ स्पष्टता आएगी।

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