Wednesday, February 4, 2026

दिल्ली के पहाड़गंज में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, 5 से 10 मिनट में ‘ऑर्डर’ डिलीवरी

by भारतीय Tv
Sex racket busted in Delhi's Paharganj, 'order' delivery in 5 to 10 minutes

5 से 10 मिनट में ‘ऑर्डर’ डिलीवरी का गंदा खेल

नई दिल्ली: दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में देह व्यापार के एक संगठित रैकेट का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यहां लड़कियों को फूड डिलीवरी की तर्ज पर ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा था। ग्राहक की डिमांड के अनुसार, 5 से 10 मिनट के भीतर लड़की होटल या किसी अन्य लोकेशन तक पहुंचा दी जाती थी। दिल्ली पुलिस ने इस अवैध धंधे पर शिकंजा कसते हुए 22 लड़कियों को रेस्क्यू किया है, जिनमें एक उज़्बेकिस्तानी लड़की और एक नाबालिग लड़का भी शामिल है।

NGO की सूचना पर हुई पुलिस छापेमारी

पुलिस को सूचना मिली थी कि पहाड़गंज के कुछ होटलों और किराए के मकानों में लड़कियों को जबरन देह व्यापार में धकेला जा रहा है। इस पर NGO ‘मनोबल’ ने दिल्ली पुलिस उपायुक्त हर्षवर्धन को जानकारी दी, जिसके बाद महिला चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर किरण सेठी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस और NGO की टीम ने आधी रात को पहाड़गंज के होटल ‘Yes Please’ और ‘God Inn’ समेत चूना मंडी स्थित एक दो मंजिला मकान पर छापा मारा।

इस कार्रवाई के दौरान होटल ‘Yes Please’ से तीन लड़कियां, ‘God Inn’ से चार लड़कियां, और चूना मंडी स्थित इमारत से 16 लड़कियां बरामद हुईं। इनमें नेपाल, असम और पश्चिम बंगाल की लड़कियां भी शामिल थीं, जिन्हें बहला-फुसलाकर इस धंधे में धकेला गया था।

कैसे काम करता था यह रैकेट?

इस रैकेट में दलालों ने एक बेहद सुनियोजित सिस्टम बना रखा था। ग्राहक ऑनलाइन या फोन के जरिए लड़कियों की डिमांड करते थे, जिसके बाद होटल या अन्य स्थानों पर उनकी डिलीवरी कराई जाती थी। 700 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक इस गंदे कारोबार की कीमत तय थी।

ग्राहकों के ऑर्डर मिलते ही, डिलीवरी बॉय स्कूटी और बाइक पर लड़कियों को होटल तक पहुंचाते और फिर वापस लाते थे। ग्राहकों की इच्छा के मुताबिक, लड़कियों को 5 से 10 मिनट के लिए भी भेजा जाता था।

गिरफ्तार हुए दलाल, मास्टरमाइंड अभी भी फरार

इस छापेमारी में पुलिस ने कई दलालों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इस गोरखधंधे के मुख्य संचालक निज़ाम और रेहान अभी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, होटल और मकान का एग्रीमेंट भी इन्हीं दोनों के नाम पर बना हुआ था।

NGO ‘मनोबल’ की फाउंडर निर्मला बी. वाल्टर ने बताया,
“इस रैकेट में लड़कियों को जबरदस्ती ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक मजबूरियों और भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाकर इस धंधे में धकेला जाता था।”

पुलिस कर रही है जांच, बड़े खुलासे संभव

दिल्ली पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मास्टरमाइंड निज़ाम और रेहान की तलाश में छापेमारी जारी है। इस अवैध नेटवर्क में और कितने होटल और मकान शामिल हैं, इसकी जांच भी की जा रही है।

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