Tuesday, February 3, 2026

Indore News : Indore के उद्योगपति परिवार ने दिव्यांग बेटी को छोड़ा आश्रम में, 5 साल से नहीं ली कोई खबर

by Sujal
Indore News : Indore के कारोबारी दंपत्ति ने अपनी दिव्यांग बेटी को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में 15 दिन के लिए छोड़ा था, लेकिन 5 साल बीतने के बाद भी बेटी की कोई सुध नहीं ली। आश्रम में मरणासन्न हालत में पड़ी बच्ची को परिवार ने पूरी तरह से त्याग दिया है।

Indore News : बेटी का त्याग! 5 साल से आश्रम में पल-पल मौत का इंतजार कर रही है सजल

जब मां-बाप ही बन जाएं बेगाने

Indore News : बचपन में मां-बाप बच्चों के लिए भगवान समान माने जाते हैं। लेकिन इंदौर के एक अमीर कारोबारी परिवार ने इस रिश्ते को शर्मसार कर दिया। उन्होंने अपनी दिव्यांग बेटी को 15 दिन के बहाने उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में छोड़ा और फिर कभी मुड़कर नहीं देखा। (Divyang daughter)

दिव्यांग सजल के साथ हुआ दर्दनाक व्यवहार

22 अप्रैल 2017 को जन्मी सजल पूरी तरह दिव्यांग थी। इंदौर के अग्रवाल नगर निवासी ऑटोमोबाइल व्यापारी पिंकेश अग्रवाल और उनकी पत्नी प्रीति अग्रवाल ने जब बेटी की दिव्यता को “बोझ” समझा, तब वो महज़ 3 साल की थी। (Indore industrialist parents)

आश्रम में छोड़ा, लेकिन लौटे नहीं (Divyang daughter)

26 जनवरी 2020 को पिंकेश और उनके पिता पुरुषोत्तम मित्तल ने सजल को उज्जैन के ग्राम अंबोदिया स्थित अंकित सेवाधाम आश्रम में सिर्फ़ 15 दिन के लिए छोड़ने की बात कही थी। लेकिन वे कभी लौटकर नहीं आए।

5 साल से मौत की दहलीज़ पर है मासूम

आज 8 साल की हो चुकी सजल आश्रम में गंभीर हालत में है, लेकिन उसके परिवार ने एक बार भी उसे देखने की ज़रूरत नहीं समझी। आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया कि परिवार से कई बार संपर्क किया गया, पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।


परिवार में सब हैं, पर बेटी के लिए जगह नहीं

सेठ परिवार, धार्मिक आस्था लेकिन संवेदना नहीं

A Mother Killed Her 3-Year-Old Daughter - Then Hid Her Death For Five  Years, Authorities Say
Divyang Daughter

संचालक गोयल ने बताया कि मित्तल परिवार खाटू श्याम के भक्त हैं, धार्मिक आयोजनों में लाखों रुपये खर्च करते हैं। लेकिन अपनी मरणासन्न बेटी को देखने तक नहीं आए।

एक बेटी को अपनाया, दूसरी को ठुकराया

सजल की एक बड़ी बहन है, जो पूर्णतः स्वस्थ है। उसे परिवार ने अपनाया, लेकिन दिव्यांग होने के कारण सजल को त्याग दिया गया। दादा-दादी, माता-पिता, चाचा-चाची सब होते हुए भी बच्ची आज अकेली है।


दो साल की उम्र में भी की गई जान लेने की कोशिश

मां ने फेंका था छत से नीचे

सुधीर गोयल ने बताया कि सजल जब दो साल की थी, तब उसकी मां ने उसे एक मंजिल से नीचे फेंक दिया था। किस्मत से वो बच गई, तो उसे आश्रम में छोड़ दिया गया।

Gif Murder Killing Black And White - Animated Gif On Gifer - By Malak
Indore Industrialist Parents

यह खबर नहीं, इंसानियत पर सवाल है

जब एक परिवार जिसमें सबकुछ है—धन, संसाधन, रिश्तेदार—वो अपनी ही बेटी को सिर्फ इसलिए त्याग दे कि वो दिव्यांग है, तो यह समाज की चेतना को झकझोर देने वाला मामला बन जाता है। (pinkesh and preety agrawal)


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Source-Indiatv

Written by -sujal

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