Wednesday, February 4, 2026

मंदिर में सफेद चूहे दिखना क्यों माना जाता है शुभ? जानिए इसके पीछे की मान्यता और रहस्य Karni Mata

by Sujal
राजस्थान के प्रसिद्ध Karni Mata मंदिर में सफेद चूहे दिखना शुभ संकेत माना जाता है। जानें क्यों इन चूहों को देवी का प्रतीक माना जाता है और इस मंदिर का ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व क्या है।

Karni Mata मंदिर: जहां सफेद चूहे लाते हैं शुभ संकेत, जानें रहस्य और आस्था की कहानी

Karni Mata राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक कस्बे में स्थित करणी माता मंदिर केवल अपनी भव्यता के लिए ही नहीं, बल्कि यहां रहने वाले हजारों चूहों के लिए भी प्रसिद्ध है। खास बात यह है कि यहां चूहे पूजा का हिस्सा हैं और इन्हें ‘काबा’ कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मंदिर में सफेद चूहों को देखना क्यों बेहद शुभ माना जाता है?


सफेद चूहे दिखना क्यों है सौभाग्य का प्रतीक?

इस मंदिर में करीब 25,000 चूहे रहते हैं, जो मंदिर परिसर में स्वतंत्र रूप से घूमते हैं। कहा जाता है कि यदि किसी को सफेद चूहा दिख जाए, तो यह करणी माता की कृपा का संकेत होता है। मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं और जीवन में सौभाग्य बढ़ता है। सफेद चूहे को देवी करणी माता का स्वरूप भी माना गया है।

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भक्तों का विश्वास है कि यदि कोई व्यक्ति सफेद चूहे को अपने पैरों से गुजरता हुआ देखता है, तो यह अत्यंत पुण्य का संकेत होता है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु चूहों के लिए प्रसाद लाते हैं और सबसे पहले भोग चूहों को ही अर्पित करते हैं।


वैज्ञानिक भी हैं चकित: इतनी संख्या में चूहे और फिर भी कोई संक्रमण नहीं!

जहां एक ओर लोग आस्था से मंदिर में चूहों को पूजते हैं, वहीं वैज्ञानिकों के लिए यह मंदिर रहस्य से भरा है। आमतौर पर जहां इतने चूहे होते हैं, वहां संक्रमण फैलने का खतरा होता है, लेकिन इस मंदिर में आज तक कोई ऐसी घटना नहीं घटी। यह बात शोधकर्ताओं को भी हैरान करती है।


करणी माता कौन थीं? जानिए देवी के अवतार की कथा

करणी माता को देवी दुर्गा का अवतार माना जाता है। यह मंदिर बीकानेर और जोधपुर के राजघरानों की कुलदेवी के रूप में भी पूजनीय है। मान्यता है कि संवत 1595 की चैत्र शुक्ल नवमी को करणी माता ज्योतिर्लीन हुईं और तभी से यहां पूजा-अर्चना जारी है।


करणी माता मंदिर का इतिहास: राजपूत स्थापत्य और संगमरमर की खूबसूरती

इस मंदिर की नींव राजा जय सिंह ने रखी थी। इसके वर्तमान स्वरूप का निर्माण बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह ने करवाया। मंदिर में की गई संगमरमर की नक्काशी और चांदी के दरवाजे इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। 1999 में हैदराबाद के कुंदन लाल वर्मा ने मंदिर का और विस्तार करवाया था।


मंदिर पहुंचने का आसान रास्ता: देशनोक रेलवे स्टेशन से नजदीक

मंदिर बीकानेर-जोधपुर रेल मार्ग पर स्थित देशनोक रेलवे स्टेशन के पास है। बीकानेर शहर से यहां तक टैक्सी, जीप और बस आसानी से मिल जाती हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए मंदिर के पास धर्मशालाएं भी मौजूद हैं।


मंदिर दर्शन का सबसे शुभ समय: नवरात्रि के पर्व पर उमड़ती है भीड़

करणी माता मंदिर में साल में दो बार, चैत्र और शारदीय नवरात्रि में विशेष मेले का आयोजन होता है। इन दिनों लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। अगर आप धार्मिक अनुभूति को महसूस करना चाहते हैं, तो नवरात्रि के दौरान यहां आना उत्तम रहेगा। karni mata mandir,shri karni mata mandir rajasthan,shri karni mata temple bikaner rajasthan,karni

करणी माता मंदिर, जहां होती है 20 हजार चूहों की पूजा, जानिए इसका इतिहास Karni  Mata Mandir History
चूहे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे मंदिर, किया विशेष पूजन

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मंदिर में दर्शन किए और करणी माता का आशीर्वाद लिया। उनकी यात्रा के बाद यह मंदिर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है और देशभर से श्रद्धालु यहां आने लगे हैं।


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