रियल एस्टेट में धमाका: Godrej और DLF ने बिक्री में बनाया नया कीर्तिमान
Godrej भारत में रियल एस्टेट सेक्टर ने एक बार फिर से अपनी मजबूती का परिचय दिया है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश की प्रमुख कंपनियों ने रिकॉर्ड तोड़ बिक्री दर्ज की है। खासकर गोदरेज प्रॉपर्टीज और DLF ने प्रॉपर्टी मार्केट में ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने पूरे सेक्टर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
देशभर में बढ़ती हाउसिंग डिमांड, खासतौर पर लक्जरी और अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट में, इन दोनों कंपनियों के शानदार प्रदर्शन का प्रमुख कारण रही।
1.62 लाख करोड़ रुपये की संयुक्त बिक्री, 20% की उछाल
स्टॉक मार्केट से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत की 26 प्रमुख सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों ने वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 1.62 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियों की बिक्री की है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 20% अधिक है।
इसमें से सबसे ज्यादा बुकिंग गोदरेज प्रॉपर्टीज ने की, जिसने लगभग ₹29,444 करोड़ की प्रॉपर्टी बेची। वहीं DLF लिमिटेड ने भी ₹21,223 करोड़ की बिक्री बुकिंग दर्ज की। यह न सिर्फ कंपनियों के लिए बड़ी उपलब्धि है बल्कि पूरे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है।

गोदरेज प्रॉपर्टीज बनी नंबर 1 कंपनी
गोदरेज प्रॉपर्टीज ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹29,444 करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री की है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष यानी 2023-24 के मुकाबले कहीं ज्यादा है, जब कंपनी की बिक्री बुकिंग ₹22,527 करोड़ थी। इस शानदार वृद्धि ने गोदरेज को देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी बना दिया है।
कंपनी के अनुसार, यह सफलता मुंबई, बेंगलुरु, गुरुग्राम और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में उनके प्रोजेक्ट्स की दमदार मांग के चलते संभव हो पाई है। गोदरेज की रणनीति हमेशा सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और टारगेटेड लैंडबैंक डेवलपमेंट पर आधारित रही है, जिसका लाभ अब दिखने लगा है।
डीएलएफ की ऊंची उड़ान: ‘द डहलियाज’ बना गेमचेंजर
DLF लिमिटेड, जो बाजार पूंजीकरण के हिसाब से पहले से ही देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी है, ने भी इस साल नई ऊंचाई छुई है। कंपनी ने FY25 में ₹21,223 करोड़ की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के ₹14,778 करोड़ से काफी अधिक है।
इसकी सबसे बड़ी वजह रही गुरुग्राम स्थित अल्ट्रा-लक्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ की जबरदस्त सफलता। अक्टूबर 2024 में लॉन्च हुआ यह प्रोजेक्ट DLF फेज-5 में है और इसमें कुल 420 अल्ट्रा लग्जरी अपार्टमेंट और पेंटहाउस हैं।
इनमें से हर यूनिट का आकार करीब 10,300 स्क्वायर फीट है और इनकी औसत कीमत 70 करोड़ रुपये प्रति यूनिट रही है। यह प्रोजेक्ट हाई-नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) के बीच बेहद लोकप्रिय रहा, जिससे DLF की बुकिंग में बूस्ट आया।
लक्जरी हाउसिंग बनी ट्रेंड, मिड-सेगमेंट पीछे
आंकड़ों से साफ है कि इस साल की प्रॉपर्टी बिक्री का बड़ा हिस्सा लक्जरी और अल्ट्रा लक्जरी सेगमेंट से आया है।
जहां एक ओर मिड-सेगमेंट या अफोर्डेबल हाउसिंग में स्थिरता बनी रही, वहीं दूसरी ओर हाई-एंड प्रॉपर्टी की डिमांड में बूम देखा गया।
इस बदलाव की मुख्य वजह है:
- उच्च आय वर्ग की बढ़ती संख्या
- इन्वेस्टमेंट के लिए रियल एस्टेट को प्राथमिकता देना
- काम से घर और लग्जरी जीवनशैली की तरफ झुकाव
टियर-1 और टियर-2 शहरों में भी दिखी तेजी
दिलचस्प बात ये रही कि सिर्फ मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु या गुरुग्राम जैसे टियर-1 शहरों में ही नहीं, बल्कि इंदौर, लखनऊ, अहमदाबाद, भुवनेश्वर जैसे टियर-2 शहरों में भी प्रॉपर्टी की बिक्री में उछाल देखा गया।
विकासशील बुनियादी ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के चलते लोग अब छोटे शहरों में भी निवेश को लेकर गंभीर हो रहे हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड आने वाले वर्षों में भी जारी रह सकता है।
CBRE South Asia के प्रबंध निदेशक अंशुमान मैगजीन के मुताबिक –
“देश में बढ़ती मध्यम और उच्च वर्ग की आबादी के चलते रियल एस्टेट सेक्टर को लंबे समय तक स्थायित्व मिल सकता है।”
इसके अलावा, कम ब्याज दरें, अधिकतम टैक्स छूट और रेगुलेटरी सुधारों के चलते भी लोग प्रॉपर्टी निवेश की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
अन्य प्रमुख कंपनियां भी पीछे नहीं
हालांकि गोदरेज और DLF ने सबसे बड़ी बुकिंग दर्ज की, लेकिन लोढ़ा ग्रुप (Macrotech Developers), प्रेस्टीज एस्टेट्स और सिग्नेचर ग्लोबल जैसी कंपनियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
इन कंपनियों ने भी अपनी मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन और ग्राहक भरोसे के आधार पर प्रॉपर्टी बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है।
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