संक्षेप: Ghaziabad में स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस की प्रिंटिंग और वितरण व्यवस्था बिगड़ गई है। जुलाई 2025 से जनवरी तक 4,818 लाइसेंस आवेदकों तक नहीं पहुंचे। IGRS पोर्टल पर 210 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। मामला शासन स्तर तक पहुंच गया है।

Ghaziabad । जिले में स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की प्रिंटिंग और वितरण व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। हालात ऐसे हैं कि हजारों वाहन स्वामी महीनों से अपने लाइसेंस का इंतजार कर रहे हैं और रोजाना आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
एक जुलाई 2025 से 15 जनवरी तक की अवधि में करीब 4,818 स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस आवेदकों तक नहीं पहुंच सके हैं। कहीं लाइसेंस अब तक प्रिंट ही नहीं हुए, तो कहीं प्रिंट होने के बाद भी सही पते पर डिस्पैच नहीं हो पाए।
DL न मिलने से बढ़ी वाहन स्वामियों की परेशानी

लाइसेंस समय पर न मिलने से वाहन स्वामियों को रोजमर्रा की जिंदगी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक चेकिंग के दौरान चालान का डर, बीमा और अन्य दस्तावेजों से जुड़ी परेशानियां लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। मजबूरी में कई लोग बार-बार आरटीओ कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।
IGRS पोर्टल पर शिकायतों की बाढ़
लाइसेंस न मिलने से परेशान आवेदकों ने बड़ी संख्या में आईजीआरएस पोर्टल का सहारा लिया है। अब तक इस मामले में 210 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। लगातार बढ़ती शिकायतों और असंतुष्ट फीडबैक के चलते जनपद की रैंकिंग भी प्रभावित हो रही है, जिस पर जिला प्रशासन स्तर से नाराजगी जताई गई है।
तीन कंपनियों को टेंडर, यहीं से बिगड़ा सिस्टम
सूत्रों के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस की प्रिंटिंग और डिस्पैच का टेंडर फिलहाल तीन अलग-अलग कंपनियों को दिया गया है। पहले यह जिम्मेदारी सिर्फ एक कंपनी के पास थी। जब से काम तीन कंपनियों में बंटा है, तभी से तालमेल की कमी सामने आने लगी है। नतीजा यह हुआ कि प्रिंटिंग और वितरण की पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई।

सितंबर के DL सबसे ज्यादा अटके
अधिकारियों के मुताबिक सितंबर महीने के ड्राइविंग लाइसेंस सबसे ज्यादा लंबित हैं। कई आवेदकों के लाइसेंस प्रिंट हो चुके हैं, लेकिन पते पर पहुंच नहीं पाए। वहीं, कई मामलों में अभी तक प्रिंटिंग ही नहीं हो सकी है।
शासन स्तर तक पहुंचा मामला
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरटीओ कार्यालय ने शासन स्तर पर पत्राचार किया है। पूरे मामले से अपर परिवहन आयुक्त को अवगत कराया गया है और लंबित लाइसेंसों को जल्द प्रिंट कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
अधिकारियों की सलाह: DigiLocker में सुरक्षित रखें DL
एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि काफी समय से ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट न होने और पते पर न पहुंचने की शिकायतें मिल रही हैं। फिलहाल विभाग की ओर से आवेदकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपना लाइसेंस डिजिलॉकर पर सुरक्षित कर लें, ताकि जरूरत पड़ने पर डिजिटल DL का इस्तेमाल किया जा सके।
कब सुधरेगी व्यवस्था, यही बड़ा सवाल
हजारों लंबित लाइसेंस और सैकड़ों शिकायतों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ड्राइविंग लाइसेंस की प्रिंटिंग और वितरण व्यवस्था कब पटरी पर लौटेगी। जब तक ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक गाजियाबाद के वाहन स्वामियों की परेशानी खत्म होती नजर नहीं आ रही।
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