संक्षेप (Short Summary): Delhi में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है। सोमवार को दिल्ली का AQI 396 दर्ज हुआ, जबकि NCR के कई इलाकों में यह 450+ पहुंच गया है। GRAP के तहत लागू किए गए इस निर्णय का उद्देश्य वाहनों की आवाजाही कम करना और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को मजबूत करना है। आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है, लेकिन अन्य विभागों के लिए सख्त निगरानी होगी।

Delhi में बढ़ता प्रदूषण: अब 50% स्टाफ वर्क फ्रॉम होम, सरकार ने लिया बड़ा फैसला
दिल्ली-NCR में पिछले कई दिनों से वायु प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। हवा में मौजूद जहरीले कणों के कारण लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। बढ़ते स्तर को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का आदेश जारी कर दिया है।सोमवार को दिल्ली का AQI 396 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं NCR के कई इलाकों में AQI 450 के पार है, जिससे हालात और चिंताजनक हो गए हैं।
दिल्ली सरकार का आदेश: 50% स्टाफ घर से काम करेगा”
दिल्ली सरकार ने GRAP (Graded Response Action Plan) के तहत यह निर्णय लिया है। आदेश में कहा गया है—
सरकारी और प्राइवेट दफ्तर 50% उपस्थिति के साथ काम करें, बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे।”इसके साथ ही ट्रैफिक कम करने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दफ्तरों को अलग-अलग समय पर काम करने का सुझाव दिया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?
- दिल्ली में PM2.5 और PM10 स्तर खतरनाक सीमा पर
- पिछले 23 दिनों से लगातार खराब AQI
- कई इलाकों में AQI 450 से ऊपर, जो बेहद गंभीर स्थिति है
- मौसम विभाग का अनुमान—अगले एक सप्ताह तक राहत नहीं
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कुछ उपाय GRAP-4 से GRAP-3 में शिफ्ट कर दिए हैं, जिससे कार्यालयों और वाहनों पर कड़े प्रतिबंध लागू हो सकें।
किन सेवाओं को छूट रहेगी?
आवश्यक सेवाओं पर रोक नहीं होगी। इनमें शामिल हैं—
- अस्पताल
- सार्वजनिक परिवहन
- अग्निशमन विभाग
- सफाई व प्रदूषण नियंत्रण टीमें
बाकी कार्यालयों पर 50% उपस्थिति अनिवार्य होगी।
NCR में हालात और भी खराब
जहां दिल्ली का AQI 396 रहा, वहीं—
- गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में कई क्षेत्रों में AQI 450–480 के बीच रहा।
- यह स्थिति सीधे स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे स्तर पर प्रदूषण:
- दिल की बीमारियों को बढ़ाता है
- अस्थमा मरीजों के लिए खतरनाक
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए अत्यधिक नुकसानदायक
कड़े आदेश, सख्त निगरानी
दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियों ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उल्लंघन करने वालों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कई टीमें अलग-अलग इलाकों में सड़कें धुलवाने और धूल नियंत्रण पर काम कर रही हैं, लेकिन हवा में फैलता धुंधला धुआं हालात को बेहद बिगड़ा हुआ दिखाता है।
यह भी पढ़ें
Delhi student सुसाइड केस: शौर्य पाटिल की मौत से सनसनी, सुसाइड नोट में लिखा—मेरे अंग दान कर देना


















-1763695349357.webp)





