Ahmedabad लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI171 अहमदाबाद में हुई दुर्घटनाग्रस्त
Ahmedabad एयरपोर्ट पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह विमान अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रहा था। हादसा इतना भयावह था कि प्लेन से उठता धुआं दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया।
घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। एयरपोर्ट परिसर में मौजूद फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम ने घायलों को पास के अस्पतालों में भेजा। एयर इंडिया ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा है कि वे जांच कर रही अधिकारियों को हर संभव सहयोग दे रही है।
जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर – जानिए कैसे लें जानकारी
एयर इंडिया ने यात्रियों के परिजनों और परिचितों के लिए एक समर्पित हॉटलाइन नंबर 1800 5691 444 जारी किया है, जिस पर कॉल करके हादसे से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है।
ब्रिटेन सरकार ने भी जताई चिंता, हेल्पलाइन नंबर जारी
ब्रिटिश सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा,
“हमें अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की जानकारी है और हम स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर हर जरूरी सहायता प्रदान करने में जुटे हैं।”
ब्रिटिश नागरिक अपने प्रियजनों की जानकारी के लिए 020 7008 5000 पर संपर्क कर सकते हैं।
हादसे के बीच विजय रूपाणी का नाम क्यों आ रहा है चर्चा में?
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर अचानक विजय रूपाणी ट्रेंड करने लगे। दरअसल, हादसे के वक्त वो अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास किसी निजी कार्यक्रम में थे, जिसे लेकर लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं। हालांकि, इसका हादसे से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
लंदन के लिए निकली थी फ्लाइट, लेकिन अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ही हुआ हादसा
एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। यह उड़ान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान से संचालित हो रही थी और इसमें कुल 242 लोग सवार थे। लेकिन उड़ान भरते ही कुछ तकनीकी खराबी के कारण यह विमान रनवे से कुछ ही दूरी पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद विमान से घना धुआं निकलने लगा, जो करीब दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, उन्होंने जोरदार आवाज और कंपन महसूस की, जिसके बाद राहत दल तुरंत हरकत में आ गया।
कौन-कौन थे इस विमान में सवार?
इस इंटरनेशनल फ्लाइट में सवार यात्रियों की नागरिकता विवरण एयर इंडिया ने साझा किया है:
169 भारतीय नागरिक
53 ब्रिटिश नागरिक
1 कनाडाई नागरिक
7 पुर्तगाली नागरिक
चालक दल के सदस्य और सहायक स्टाफ
यह सभी यात्री विभिन्न उद्देश्यों के लिए लंदन जा रहे थे, जिनमें बिजनेस ट्रैवलर, छात्र और टूरिस्ट शामिल थे।
हादसे के कुछ ही मिनटों के भीतर फायर ब्रिगेड, एयरपोर्ट मेडिकल टीम, और आपातकालीन सेवा दल मौके पर पहुंच गए। घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भेजा गया।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में कोई जानमाल की बड़ी हानि नहीं हुई है, लेकिन कई यात्रियों को चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है।
एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर किया जारी
इस आपात स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया ने यात्रियों के परिजनों और मीडिया के लिए एक विशेष हॉटलाइन नंबर – 1800 5691 444 जारी किया है। इस नंबर पर कॉल करके यात्रियों की स्थिति की जानकारी ली जा सकती है।
🇬🇧 ब्रिटेन सरकार ने भी दिखाई संवेदनशीलता, जारी किया सपोर्ट नंबर
ब्रिटेन सरकार ने हादसे पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है और भारत में अपने नागरिकों की सहायता के लिए बयान जारी किया है:
“हमें अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की जानकारी है। भारत में स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर हम तथ्यों को जानने और प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए काम कर रहे हैं।”
ब्रिटिश नागरिक या उनके परिवार वाले जो संपर्क करना चाहते हैं, वे 020 7008 5000 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रहे हैं विजय रूपाणी?
हादसे के बीच गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम ट्रेंड कर रहा है। दरअसल हादसे के समय वे अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास एक कार्यक्रम में मौजूद थे। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी उपस्थिति को लेकर सवाल उठाए, हालांकि इसका कोई प्रत्यक्ष संबंध हादसे से नहीं पाया गया है।
क्या था हादसे का कारण? जांच जारी है
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा:
“हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की गहराई से जांच कर रहे हैं। संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर हम हर पहलू की जांच करेंगे। अभी यात्रियों की सुरक्षा और इलाज हमारी प्राथमिकता है।”
उड्डयन मंत्रालय ने भी DGCA (Directorate General of Civil Aviation) को जांच के आदेश दे दिए हैं। ब्लैक बॉक्स और टेक्निकल डेटा को संग्रहित कर लिया गया है।
यात्रियों के अनुभव – डर और राहत दोनों
कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर बताया कि टेकऑफ के समय विमान से “अजीब आवाजें” आ रही थीं। एक यात्री ने लिखा:
“विमान के टेकऑफ करते ही जोर की आवाज आई, और थोड़ी देर बाद हमने धुआं देखा। हम सब डरे हुए थे, लेकिन क्रू मेंबर्स ने हमें शांत रहने के लिए कहा और आपातकालीन प्रक्रिया अपनाई।”
कई यात्रियों ने एयर इंडिया के पायलट और क्रू की तारीफ भी की, जिनकी सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
Bewafa Sonam की साजिश में लिपटा हनीमून, खून का बना टिकट
Bewafa Sonam राजा रघुवंशी की हत्या का मामला अब एक रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश बन चुका है। जिस हनीमून को हर नवविवाहित जोड़ा अपनी जिंदगी की खूबसूरत शुरुआत मानता है, वही राजा के लिए मौत का टिकट बन गया। मेघालय पुलिस की जांच में सामने आए पांच ऐसे खुलासे हैं जो यह साबित करते हैं कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं, बल्कि एक माइक्रो-प्लांड मर्डर था।
संपत्ति विवाद निकला हत्या की जड़
जांच में पहला बड़ा खुलासा यह हुआ कि राजा रघुवंशी की हत्या के पीछे पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहा पुराना विवाद था। वर्षों से दबी इस रंजिश को सोनम ने अपने तरीके से अंजाम दिया। अब इस साजिश में उसके भाई की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
क्या सोनम का भाई भी इस प्लान में शामिल था?
मेघालय पुलिस को संदेह है कि सोनम का भाई गौरव रघुवंशी भी हत्या की योजना में शामिल हो सकता है। पुलिस को कॉल डिटेल और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में इस बात के संकेत मिले हैं कि शिलॉन्ग में होटल की बुकिंग अचानक क्यों बदली गई। सोनम और गौरव लगातार संपर्क में थे, जो शक को और गहरा करता है।
सोनम ने क्यों पहने थे भारी गहने?
राजा की मां ने खुद यह सवाल उठाया था कि कोई भी महिला हनीमून पर इतना सोना क्यों पहनकर जाती है? सोनम के पास चेन, अंगूठियां और भारी ब्रेसलेट थे, यहां तक कि उसने राजा को भी लाखों रुपये के गहने पहनाए थे। माना जा रहा है कि हत्या के बाद सोनम ने यह जेवर हत्यारों के जरिए वापस मंगवाने की कोशिश की। पुलिस अब इन गहनों की तलाश कर रही है।
सिर्फ जाने का टिकट बुक, वापसी का नहीं
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सोनम ने शिलॉन्ग के लिए हनीमून का टिकट तो खुद बुक किया, लेकिन लौटने का कोई इंतज़ाम नहीं किया। यह दिखाता है कि वह शुरुआत से जानती थी कि राजा अब वापस नहीं आएगा। यह एकतरफा प्लानिंग थी, जिसमें मौत तय थी।
जंगल में हत्या का पूरा नक्शा सोनम ने खींचा
मेघालय पुलिस का कहना है कि सोनम ने पहले ही लोकेशन तय कर ली थी जहां हत्या होनी थी। वह जगह दुर्गम, सुनसान और बिना गवाहों वाली थी। कहा जा रहा है कि सोनम वहां की रेकी भी पहले कर चुकी थी और हत्यारों को रास्ते समझा चुकी थी।
Bewafa Sonam मेघालय हनीमून मर्डर: की सुनियोजित साजिश, भाई पर भी शक, 5 हैरान कर देने वाले खुलासे 22
प्यार नहीं, प्लानिंग थी फोन पर की गई बातें
हत्या वाले दिन तक सोनम फोन पर राजा से प्यार से बातें करती रही। कॉल डिटेल में सामने आया कि वह झूठे दिलासे देकर राजा को तसल्ली देती रही। अब पुलिस उसकी चैट्स और कॉल रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक जांच में भेज चुकी है, ताकि यह साबित किया जा सके कि सब एक स्क्रिप्टेड नाटक था।
आरोपी अंतिम संस्कार में भी मौजूद!
राज कुशवाहा, जो हत्या के आरोपियों में शामिल है, वह राजा के अंतिम संस्कार में भी शरीक हुआ था। वह ऐसे बर्ताव कर रहा था जैसे कुछ हुआ ही नहीं। यह बात पुलिस के लिए बेहद अहम सुराग है, जो दिखाता है कि पूरी साजिश कितनी बारीकी से रची गई थी।
अब तक कौन-कौन हुआ गिरफ्तार?
पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
आकाश राजपूत (19) – ललितपुर, यूपी
विशाल सिंह चौहान (22) – इंदौर, एमपी
राज सिंह कुशवाहा (21) – इंदौर, एमपी
आनंद कुर्मी (23) – सागर, एमपी
बेवफा’ सोनम और हनीमून पर ‘खून’ की कहानी: मेघालय मर्डर केस के 5 बड़े खुलासे
नई दिल्ली: राजा रघुवंशी की हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। जिस पल को हर नवविवाहित जोड़ा अपनी जिंदगी की सबसे खूबसूरत याद बनाना चाहता है, वही पल राजा के लिए जीवन का सबसे भयानक अंत बन गया। मेघालय की वादियों में हनीमून के बहाने ले जाकर एक पत्नी ने अपने पति की हत्या की साजिश रच दी। पुलिस की शुरुआती जांच में पांच ऐसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिन्होंने इस मामले को एक दिल दहला देने वाली साजिश में बदल दिया है।
Bewafa Sonam मेघालय हनीमून मर्डर: की सुनियोजित साजिश, भाई पर भी शक, 5 हैरान कर देने वाले खुलासे 23
1. पारिवारिक संपत्ति विवाद निकला हत्या की जड़
राजा रघुवंशी की हत्या की जांच जब शुरू हुई तो शुरुआत में प्रेम संबंधों में खटास या घरेलू कलह को वजह माना जा रहा था। लेकिन जांच जैसे-जैसे गहराई में गई, पता चला कि इस खून की जड़ें संपत्ति विवाद से जुड़ी हुई हैं। राजा के परिवार में लंबे समय से जायदाद को लेकर विवाद चल रहा था, जो शांत जरूर था, पर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। पुलिस को शक है कि सोनम ने इस विवाद का फायदा उठाकर अपने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
2. सोनम का भाई भी शक के घेरे में, क्या बना सह-साजिशकर्ता?
जांच का दूसरा बड़ा एंगल सोनम के भाई गौरव रघुवंशी को लेकर सामने आया है। मेघालय पुलिस को कॉल रिकॉर्ड्स और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री से संकेत मिले हैं कि गौरव भी इस योजना में शामिल था। शिलॉन्ग यात्रा के दौरान होटल बुकिंग में किया गया बदलाव पुलिस की नजर में आया, जिसमें पाया गया कि सोनम लगातार अपने भाई से संपर्क में थी। इससे शक और गहराता जा रहा है कि क्या वह भी हत्याकांड की इस साजिश में बराबर का हिस्सेदार था?
3. भारी जेवर के पीछे की कहानी, क्या आर्थिक मंशा भी थी?
एक आम नवविवाहित महिला हनीमून पर भारी जेवर क्यों पहनकर जाएगी? सोनम ने ऐसा किया और साथ ही राजा को भी लाखों रुपये के गहने पहनाकर साथ ले गई। राजा की मां ने भी इस पर सवाल उठाए थे कि किसी हनीमून ट्रिप के लिए इतनी महंगी ज्वेलरी की क्या जरूरत थी? पुलिस का मानना है कि यह सब योजना का हिस्सा था। सोनम संभवतः जेवर हत्यारों के जरिए वापस मंगवाना चाहती थी। यह हत्या केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि आर्थिक मंशा से भी प्रेरित थी।
4. सिर्फ जाने का टिकट बुक, वापसी का कोई प्लान नहीं
मेघालय पुलिस की जांच में जो चौथा बड़ा खुलासा हुआ, वो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था। सोनम ने शिलॉन्ग की ट्रिप के लिए खुद टिकट बुक किया था लेकिन वापसी का कोई टिकट नहीं बुक किया गया। इसका मतलब था कि यह ट्रिप सिर्फ एकतरफा थी — हनीमून नहीं, एक सुनियोजित हत्या की यात्रा थी। योजना यही थी कि राजा वहां से कभी लौटे ही नहीं।
5. लोकेशन का चुनाव और हत्या की रेकी, सब कुछ था माइक्रो प्लानिंग का हिस्सा
पुलिस का दावा है कि सोनम ने जिस इलाके में राजा को ले जाकर घुमाया, वह काफी दुर्गम और सुनसान था। वह जानती थी कि वहां कोई गवाह नहीं होगा और न ही पुलिस को जल्द कोई सुराग मिलेगा। इतना ही नहीं, पुलिस को शक है कि सोनम पहले ही वहां की रेकी कर चुकी थी और हत्यारों को भी रास्ते समझा चुकी थी। यह सब इस बात की पुष्टि करता है कि यह एक साधारण हत्या नहीं, बल्कि माइक्रो लेवल पर की गई प्लानिंग का नतीजा थी।
फोन पर बहलाने का स्क्रिप्टेड ड्रामा
पुलिस को कॉल रिकॉर्ड्स से पता चला है कि हत्या से ठीक पहले तक सोनम राजा से फोन पर प्रेमपूर्ण बातें करती रही। वह लगातार उसे झूठी दिलासा देती रही कि सब ठीक है, जबकि उस समय हत्या की योजना सक्रिय थी। इस पूरे व्यवहार को लेकर पुलिस का मानना है कि यह स्क्रिप्ट पहले से तय की गई थी ताकि राजा को किसी खतरे का अंदेशा न हो और हत्यारे अपना काम कर सकें। सोनम के फोन की चैट्स और ऑडियो रिकॉर्डिंग अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी जा चुकी हैं।
अंतिम संस्कार में शामिल हुआ आरोपी, पुलिस भी रह गई दंग
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला और भावनात्मक रूप से झकझोर देने वाला पहलू यह था कि हत्या में शामिल राज कुशवाहा नाम का आरोपी राजा के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। वह इंदौर में राजा की चिता के पास खड़ा था, जैसे कुछ हुआ ही न हो। पुलिस को इससे दो बातें समझ आईं — एक, साजिश इतनी गहरी थी कि आरोपी खुलेआम घूम रहे थे, और दो, कि सबूत छिपाने की कोशिश भी बेहद शातिराना थी।
अब तक कौन-कौन हुए गिरफ्तार?
Bewafa Sonam मेघालय हनीमून मर्डर: की सुनियोजित साजिश, भाई पर भी शक, 5 हैरान कर देने वाले खुलासे 24
मेघालय पुलिस ने अब तक इस हत्याकांड में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इस प्रकार है:
Liver और किडनी की सफाई चाहते हैं? अपनाएं ये 7 नेचुरल चीजें, बिना दवा होगा डिटॉक्स
Liver हमारा शरीर रोजाना कई हानिकारक रसायनों और टॉक्सिन्स से जूझता है। ये टॉक्सिन्स हमारे खानपान, पानी, प्रदूषण और लाइफस्टाइल के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं। ऐसे में शरीर की सफाई यानी डिटॉक्सिफिकेशन बेहद जरूरी हो जाता है, खासकर हमारे दो सबसे महत्वपूर्ण अंगों – लिवर और किडनी – के लिए।
ये दोनों अंग शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करते हैं। लेकिन जब उन पर ज़्यादा दबाव पड़ता है, तो उनकी कार्यक्षमता घटने लगती है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किन 7 प्राकृतिक चीजों को डाइट में शामिल करके आप लिवर और किडनी को मजबूत, साफ और एक्टिव बना सकते हैं।
जामुन – स्वाद के साथ सफाई भी
गर्मियों में मिलने वाला जामुन सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोकेमिकल्स का भंडार है। यह लिवर और किडनी में जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। जामुन के नियमित सेवन से यूरिक एसिड का स्तर भी नियंत्रित रहता है, जिससे किडनी स्टोन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
अनार – खून ही नहीं, लिवर भी करता है साफ
अनार में मौजूद पॉलीफेनोल्स और विटामिन C लिवर की कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में भी प्रभावी होते हैं। रोज़ाना एक अनार या उसका जूस आपके लिवर को नई ऊर्जा दे सकता है।
पपीता – पाचन सुधारे, लिवर पर कम दबाव
पपीता में पाया जाने वाला पपेन एंजाइम पाचन को बेहतर बनाता है, जिससे लिवर पर दबाव कम होता है। इसके अलावा, यह फैटी लिवर की स्थिति को रिवर्स करने में भी मदद करता है। जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं, उन्हें सुबह खाली पेट पपीता खाना लाभकारी होता है।
क्रैनबेरी – किडनी को बचाने वाला फल
क्रैनबेरी एक सुपरफूड की तरह काम करता है जो विशेष रूप से किडनी के लिए लाभकारी है। इसमें मौजूद प्रोएन्थोसायनिडिन्स बैक्टीरिया को यूरिनरी ट्रैक्ट में चिपकने से रोकते हैं, जिससे UTI (मूत्र मार्ग संक्रमण) से बचाव होता है। किडनी को हेल्दी रखने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।
मौसंबी – शरीर की गंदगी बाहर निकालें स्वाद से
मौसंबी में पाए जाने वाले सिट्रिक एसिड और विटामिन C लिवर एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं, जिससे लिवर की सफाई और पाचन सुधार होता है। इसका रस गर्मियों में नियमित रूप से पीने से न सिर्फ लिवर साफ रहता है बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद मिलती है।
तरबूज – पेशाब बढ़ाए, किडनी को राहत दे
तरबूज एक प्राकृतिक डाययूरेटिक है, यानी यह पेशाब के माध्यम से शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह बिना किडनी पर ज़्यादा दबाव डाले सफाई करने वाला फल है। इसके पानी की मात्रा शरीर को ठंडक देती है और डिटॉक्सिफिकेशन में सहयोग करती है।
हल्दी – भारतीय रसोई की जादुई औषधि
हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन (Curcumin) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। यह लिवर को डिटॉक्स करता है, सूजन को कम करता है और लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है। हल्दी वाला दूध या गुनगुने पानी में हल्दी का सेवन एक बेहतरीन घरेलू उपाय है।
लाइफस्टाइल सुधारें, तो बेहतर होगा असर
सिर्फ सही खानपान नहीं, बल्कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल भी जरूरी है:
रोज़ाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें
पर्याप्त नींद लें (7–8 घंटे)
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें
तनाव से बचने के लिए ध्यान और योग का अभ्यास करें
लिवर और किडनी को नेचुरल तरीके से डिटॉक्स करने वाली बेस्ट 7 चीजें: जानें कैसे करें शरीर को अंदर से साफ़
हमारा शरीर हर दिन कई तरह के टॉक्सिन्स (विषैले तत्व) से प्रभावित होता है, जो हमारी सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। खासकर लिवर (जिगर) और किडनी (गुर्दे) जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर ये टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं। लिवर और किडनी हमारे शरीर के लिए फिल्टर का काम करते हैं, जो खून से हानिकारक पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं। लेकिन जब इन पर अधिक दबाव पड़ता है या ये ठीक से काम नहीं करते, तो हमारे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए लिवर और किडनी को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है।
इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं 7 ऐसी नेचुरल चीजें, जो आपके लिवर और किडनी को डिटॉक्स यानी साफ करने में मदद करेंगी। इन्हें अपनी डाइट में शामिल करके आप इन अंगों की सेहत बेहतर बना सकते हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल सकते हैं।
1. जामुन – लिवर और किडनी का नेचुरल डिटॉक्सिफायर
जामुन में एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं, जो शरीर के अंदर जमा टॉक्सिन्स को कम करने में मदद करते हैं। यह खासतौर पर किडनी में यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करता है, जिससे किडनी स्टोन्स और अन्य समस्याओं से बचाव होता है। जामुन का नियमित सेवन लिवर की सफाई में भी सहायक है।
कैसे लें: ताजा जामुन खाएं या जामुन का जूस बनाकर पीएं। यदि संभव हो तो बिना चीनी के सेवन करें।
2. अनार – विटामिन सी से भरपूर, लिवर के लिए वरदान
अनार में पॉलीफेनोल्स और विटामिन सी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो लिवर की सेल्स को पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं। यह रक्त को शुद्ध करता है और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।
अनार का सेवन करने से लिवर के कार्य में सुधार होता है और यह फैटी लिवर डिजीज जैसी समस्याओं को कम करता है।
कैसे लें: ताजा अनार के दाने खाएं या बिना चीनी के अनार का रस लें।
3. पपीता – पाचन सुधारे और लिवर को आराम दे
पपीता में मौजूद पपेन नामक एंजाइम पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। खराब पाचन के कारण लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसे पपीता कम करता है। इसके अलावा, पपीता शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है।
कैसे लें: ताजा पपीता खाएं या स्मूदी में डालकर सेवन करें।
4. क्रैनबेरी – किडनी की सफाई का सबसे अच्छा उपाय
क्रैनबेरी किडनी और यूरिनरी ट्रैक्ट के संक्रमण से बचाव करती है। इसमें मौजूद प्रोएंथोसाइनिडिन बैक्टीरिया को यूरिनरी ट्रैक्ट की दीवारों से चिपकने से रोकते हैं, जिससे संक्रमण नहीं होता। यह किडनी को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कैसे लें: क्रैनबेरी का जूस या सूखे क्रैनबेरी का सेवन करें, ध्यान रखें कि जूस में चीनी कम हो।
5. मौसंबी – शरीर की सफाई के लिए असरदार
मौसंबी का रस लिवर के एंजाइमों को बढ़ावा देता है, जो शरीर से टॉक्सिन्स को निकालने में सहायक होता है। यह पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाता है और शरीर के अंदरूनी हिस्सों को ताजगी प्रदान करता है।
कैसे लें: रोजाना सुबह ताजा मौसंबी का रस पिएं।
6. तरबूज – नेचुरल डाइयूरेटिक, किडनी के लिए लाभकारी
तरबूज में डाइयूरेटिक गुण होते हैं, जो शरीर से अतिरिक्त पानी और टॉक्सिन्स को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे किडनी पर दबाव कम होता है और वह बेहतर काम कर पाती है।
कैसे लें: गर्मियों में ताजा तरबूज खाएं या उसका जूस लें।
7. हल्दी – सूजन कम करे और लिवर को स्वस्थ रखे
हल्दी में करक्यूमिन नामक सक्रिय घटक होता है, जो सूजन को कम करता है और लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। हल्दी शरीर के अंदर मौजूद विषाक्त पदार्थों को साफ करने में मददगार है।
कैसे लें: दूध में हल्दी डालकर पी सकते हैं या खाना पकाने में हल्दी का इस्तेमाल करें।
लिवर और किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी
सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल अपनाना भी जरूरी है। कुछ महत्वपूर्ण सुझाव:
हाइड्रेशन: दिन भर में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, जिससे किडनी अच्छे से काम कर सके।
व्यायाम: नियमित व्यायाम से शरीर के टॉक्सिन्स कम होते हैं और लिवर-किडनी स्वस्थ रहते हैं।
धूम्रपान और शराब से बचाव: ये दोनों लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए इन्हें त्यागना चाहिए।
तैलीय और जंक फूड से बचें: ये लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं।
ध्यान रखें कि अगर आपको कोई गंभीर समस्या है तो डॉक्टर से जरूर परामर्श करें। प्राकृतिक उपायों के साथ ही सही जीवनशैली अपनाना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रहेगा।
mumbai train accident से गिरे 10 यात्री, 4 की मौत: भीड़ और टकराते बैग बने हादसे की वजह
Mumbai Train Accident : 10 यात्री गिरे, 4 की मौत, भीड़ और बैग टकराने से हुआ दर्दनाक हादसा 43
mumbai train accident उपनगरीय रेलवे नेटवर्क एक बार फिर बड़े हादसे का गवाह बना। सोमवार सुबह ठाणे के मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें चलती लोकल ट्रेन से 10 यात्री गिर गए, जिनमें से 4 की मौके पर ही मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए। इस हादसे ने मुंबई लोकल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसा कब और कैसे हुआ?
यह दिल दहला देने वाली घटना सुबह करीब 9:30 बजे मुंब्रा और दिवा स्टेशनों के बीच हुई। भीषण भीड़ के कारण यात्री लोकल ट्रेन के गेट पर लटके हुए थे, तभी दूसरी दिशा से आ रही एक ट्रेन उनके पास से गुजरी। यात्रियों के बैग आपस में टकरा गए जिससे संतुलन बिगड़ा और कई यात्री नीचे गिर गए।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, फुटबोर्ड पर खड़े यात्रियों के बैग टकराए जिससे यह भयावह हादसा हुआ।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों में एक जीआरपी कॉन्स्टेबल विक्की मुखियाद भी शामिल हैं। बाकी मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:
Mumbai Train Accident : 10 यात्री गिरे, 4 की मौत, भीड़ और बैग टकराने से हुआ दर्दनाक हादसा 44
केतन सरोज
राहुल गुप्ता
मयूर शाह
घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
क्या कहता है रेलवे?
सेंट्रल रेलवे के CPRO स्वप्निल धनराज नीला ने बयान में कहा कि यह हादसा यात्रियों के बैग उलझने की वजह से हुआ है। उन्होंने बताया कि कसारा से आ रही लोकल और CSMT की तरफ जा रही दूसरी ट्रेन आमने-सामने से पास हो रही थीं, और इसी दौरान यह घटना घटी।
रेलवे ने घोषणा की है कि अब मुंबई की लोकल ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाजे लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
Mumbai Train Accident : 10 यात्री गिरे, 4 की मौत, भीड़ और बैग टकराने से हुआ दर्दनाक हादसा 45
डिप्टी सीएम और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि यह घटना दर्शाती है कि लोकल ट्रेनों की सुरक्षा में तत्काल सुधार की जरूरत है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कहा कि एक हाई लेवल कमेटी मामले की जांच करेगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “जब मोदी सरकार अपनी सेवा के 11 साल का जश्न मना रही है, तब मुंबई से देश की असलियत सामने आ रही है। 11 साल में न जवाबदेही मिली, न बदलाव, सिर्फ प्रचार।”
जनवरी 2025 में जलगांव में भी एक बड़ा ट्रेन हादसा हुआ था। पुष्पक एक्सप्रेस में सवार यात्रियों में अफवाह फैल गई कि ट्रेन में आग लग गई है। चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई और यात्री उतरकर ट्रैक पर आ गए। तभी कर्नाटक एक्सप्रेस आई और 12 लोगों की जान चली गई।
2. बांद्रा टर्मिनस भगदड़
पिछले साल अक्टूबर में बांद्रा टर्मिनस पर गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म पर आने के समय भयंकर भगदड़ मच गई थी, जिसमें 10 लोग घायल हुए थे।
रेलवे की नई योजना: लोकल ट्रेनों में ऑटोमैटिक डोर
रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि भविष्य में मुंबई की सभी नई लोकल ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाजे लगाए जाएंगे। इसके अलावा पुराने कोचों को भी नए डिज़ाइन में बदला जाएगा।
चलती ट्रेन से गिरे 10 यात्री, 4 की मौत: झझाक की कीमती
मुंब्रा और दिवा स्टेशनों के बीच सुबह 9:30 बजे की आसपास चलती ट्रेन से 10 यात्री गिर गए। इनमें से 4 की जान चली गयी जबकि 13 घायल हो गए। मरने वालों में जीआरपी कॉन्स्टेबल झुकी विक्की मुखियाद भी शामिल है।
Mumbai Train Accident : 10 यात्री गिरे, 4 की मौत, भीड़ और बैग टकराने से हुआ दर्दनाक हादसा 46
बीड़ का कारण: भीड़ के चलते ट्रेन और फुटबोर्ड का झञजाव
रेलवे के अधिकारियों के कीं हाजर के और नागा ट््रेक पर चल रही दो ट्रेनों की भीड़ की वजह से यात्रियों के बैग टकराए। यह टकराव ट्रेन के गेट पर लटके खड़े थे और औनी ट्रेन की चीजों से जा �930ही थीं।
कैसे हुआ हादसा? यात्रियों के बैग टकराए और…
रेलवे ने सम्भाव कीया कि यात्रियों के बैग एक-दूसरे टक्र की वजह से एक-दूसरी ट्रेन के गेट पर खड़े थे। जब ट्रेनों नजदीक से गुजरीं तो औनके बैग टकराञे और वे नीचे गिर गए।
मौजूदा ने क्या कहा?
दागे गए हैं कि यह यात्री कसारा की ओर जा �930ही ट्रेन में सामान्य के गेट पर थे। इन की जेब चीजों टकराईं तो एवंज जमीन गिर गए।
Supreme Court ने तमिलनाडु की अर्जेंट याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
नई दिल्ली: Supreme Court र्ट ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार की उस अर्जेंट याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार से समग्र शिक्षा योजना के तहत 2291 करोड़ रुपये की बकाया राशि जारी करने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति पी.के. मिश्र और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने कहा कि “यह मामला अर्जेंट नहीं है, इसे सामान्य प्रक्रिया से ही निपटाया जाएगा।”
याचिका में क्या मांग की गई थी?
तमिलनाडु सरकार की ओर से दाखिल की गई याचिका में कहा गया कि केंद्र सरकार ने राज्य के गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए समग्र शिक्षा योजना के तहत मिलने वाले फंड को मनमाने ढंग से रोका है। सरकार का आरोप है कि राज्य को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) अपनाने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है।
Supreme Court ने तमिलनाडु की अर्जेंट याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, समग्र शिक्षा योजना के फंड को लेकर उठी बहस 55
तमिलनाडु सरकार की दलीलें
याचिका में तमिलनाडु सरकार ने यह स्पष्ट किया कि वह केंद्र सरकार की “तीन भाषा नीति” को स्वीकार नहीं करती। राज्य सरकार का दावा है कि केंद्र द्वारा फंड रोकना एक राजनीतिक दबाव का तरीका है, ताकि तमिलनाडु को केंद्र की नई शिक्षा नीति (NEP) को मजबूरी में लागू करना पड़े।
सरकार ने कहा कि वह हिंदी को अनिवार्य रूप से थोपने के पक्ष में नहीं है, और केंद्र का ऐसा रवैया संघवाद का उल्लंघन है।
क्या है समग्र शिक्षा योजना?
समग्र शिक्षा योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार राज्यों को शिक्षा के लिए फंड मुहैया कराती है, लेकिन इसमें राज्य सरकार की नीतियों के अनुसार कार्यान्वयन होता है।
कोर्ट का नजरिया क्या रहा?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि वह इस मामले की तत्काल सुनवाई करने के पक्ष में नहीं है। पीठ ने कहा कि याचिका को सूचीबद्ध किया जाएगा और नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी तत्काल जवाब दाखिल करने की कोई मांग नहीं की।
Supreme Court ने तमिलनाडु की अर्जेंट याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, समग्र शिक्षा योजना के फंड को लेकर उठी बहस 56
केंद्र सरकार पर क्या आरोप हैं?
तमिलनाडु सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार ने 2291 करोड़ रुपये की बकाया राशि रोकी हुई है, जो कि राज्य के गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
इसके अलावा, याचिका में यह भी मांग की गई है कि केंद्र सरकार को आदेश दिया जाए कि वह:
बकाया राशि एक तय समयसीमा में जारी करे
पूरी मूल राशि पर 6% ब्याज भी दे
पीएम श्री स्कूल योजना और विवाद
तमिलनाडु ने केंद्र द्वारा हाल ही में शुरू की गई पीएम श्री स्कूल योजना को राज्य पर थोपा गया फैसला बताया। सरकार का कहना है कि जब तक केंद्र और राज्य सरकार के बीच इस योजना पर लिखित सहमति नहीं बनती, तब तक यह राज्य में लागू नहीं हो सकती।
राज्य सरकार ने यह भी जोड़ा कि शिक्षा जैसे विषय पर केंद्र का ऐसा हस्तक्षेप राज्य के अधिकारों का हनन है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस मुद्दे पर तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा गर्म है। डीएमके सरकार ने यह सवाल उठाया है कि क्या शिक्षा का अधिकार भी अब केंद्र सरकार के नियंत्रण में चला गया है?
राज्य के शिक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“हम बच्चों की शिक्षा के लिए केंद्र पर निर्भर हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और भाषा पर समझौता किया जाए।”
आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद अब तमिलनाडु सरकार को नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई का इंतजार करना होगा। कोर्ट इस मामले को बाद में सूचीबद्ध कर सकता है।
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगर जल्दी सुनवाई नहीं हुई, तो वह राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर दबाव बनाने की रणनीति अपना सकती है।
सुबह-सुबह भीगे Akharot खाना क्यों है जरूरी? जानिए इसके कमाल के फायदे
Akharot आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में हर कोई फिट और हेल्दी रहना चाहता है, लेकिन समय की कमी और बदलती लाइफस्टाइल सेहत पर भारी पड़ती है। ऐसे में अगर आप एक छोटी सी आदत अपनाएं, तो बड़ा फर्क ला सकते हैं – और वो है रोज़ सुबह खाली पेट भीगे हुए अखरोट (Soaked Walnuts) खाना।
अखरोट को यूं तो “ब्रेन फूड” के नाम से जाना जाता है, लेकिन यह सिर्फ दिमाग के लिए ही नहीं बल्कि शरीर के हर अंग के लिए लाभकारी है। रातभर पानी में भिगोकर सुबह इसका सेवन करने से इसके पोषक तत्व शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं।
आइए जानते हैं कि रोज़ाना भीगे हुए अखरोट खाने से आपको कौन-कौन से फायदे हो सकते हैं।
1. दिमाग के लिए वरदान है भीगा हुआ अखरोट
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर होता है, जो दिमाग की कोशिकाओं को एक्टिव रखता है। इससे याददाश्त तेज होती है, तनाव घटता है और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये बहुत फायदेमंद है।
2. दिल को रखता है हेल्दी
अखरोट में पाए जाने वाले अच्छे फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करते हैं और ब्लड प्रेशर बैलेंस करते हैं। इससे हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है। सुबह भीगा हुआ अखरोट खाने से दिल की नसें साफ रहती हैं और ब्लॉकेज नहीं बनता।
3. इम्यून सिस्टम को करता है मजबूत
आज के समय में इम्यूनिटी बढ़ाना सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। भीगे अखरोट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी मिनरल्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने की ताकत देते हैं और बीमारियों से बचाते हैं।
4. पाचन तंत्र को रखता है स्वस्थ
भीगे अखरोट में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इससे कब्ज की समस्या दूर होती है और आंतें साफ रहती हैं। जो लोग पेट की समस्याओं से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह बहुत फायदेमंद है।
5. स्किन और बालों को देता है ग्लो
अखरोट में मौजूद विटामिन-E और बायोटिन त्वचा को ग्लोइंग बनाते हैं और बालों को मजबूत करते हैं। यह एंटी-एजिंग का भी काम करता है, जिससे झुर्रियां और ढीली त्वचा की समस्या कम हो जाती है।
6. वजन घटाने में मददगार
अखरोट में फाइबर और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है जो भूख को कंट्रोल करता है। सुबह खाली पेट भीगे अखरोट खाने से पेट भरा-भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचाव होता है, जिससे वजन कम करना आसान हो जाता है।
7. हड्डियों को बनाता है मजबूत
अखरोट में मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। ये खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए उपयोगी हैं, जिनकी हड्डियों को ज्यादा पोषण की जरूरत होती है।
8. डायबिटीज को कंट्रोल करता है
अखरोट में मौजूद पॉलीफेनोल्स और हेल्दी फैट्स ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है।
अखरोट का सेवन कैसे करें?
रात में 2-3 अखरोट को पानी में भिगोकर रखें सुबह उठते ही खाली पेट इन्हें खा लें इसे हर दिन के रूटीन में शामिल करें ताकि इसके फायदे लंबे समय तक मिलते रहें
हेल्दी रहने की ये आदत डाल लीजिए आज से ही
जब बात स्वास्थ्य की हो, तो छोटे बदलाव भी बड़े नतीजे ला सकते हैं। रोज़ सुबह भीगे हुए अखरोट खाना एक ऐसा कदम है जो आपकी दिनचर्या में आसानी से शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसके फायदे जीवनभर साथ रहते हैं।
अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आज से ही ये आदत डालें।
भीगे अखरोट खाने की आदत डाल लीजिए, सेहत में नजर आएगा कमाल का फर्क
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर हम एक छोटी सी हेल्दी आदत भी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो इसका फायदा हमारी पूरी सेहत पर दिखता है। उन्हीं में से एक आदत है — रोज सुबह खाली पेट भीगे हुए अखरोट खाना।
अखरोट को सुपरफूड की श्रेणी में रखा गया है और इसे ‘ब्रेन फूड’ भी कहा जाता है। इसका कारण है कि इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है।
जब अखरोट को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाया जाता है, तो इसके पोषक तत्व ज्यादा प्रभावी हो जाते हैं और शरीर इन्हें अच्छे से अवशोषित कर पाता है। आइए विस्तार से जानते हैं रोजाना भीगे हुए अखरोट खाने के जबरदस्त फायदों के बारे में।
1. दिमाग को बनाता है तेज और सक्रिय
अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-E मस्तिष्क के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। ये मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऊर्जा देते हैं, स्मरण शक्ति को बेहतर करते हैं और तनाव को कम करने में मदद करते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद जरूरी सुपरफूड है।
2. दिल को रखे फिट और स्वस्थ
Akharot खाने के 8 चमत्कारिक फायदे: सुबह की एक आदत जो बदल सकती है आपकी सेहत 67
अखरोट में पाए जाने वाले गुड फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करते हैं और ब्लड प्रेशर को बैलेंस करते हैं। यह दिल की नसों में ब्लॉकेज बनने से रोकते हैं और हार्ट अटैक व स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं के खतरे को कम करते हैं।
3. इम्यून सिस्टम को करता है मजबूत
आज के समय में अगर आपकी इम्यूनिटी मजबूत नहीं है, तो छोटी-छोटी बीमारियां भी आपको घेर सकती हैं। अखरोट में मौजूद जिंक, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की ताकत देते हैं।
4. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त
अखरोट में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। यह कब्ज की समस्या को दूर करता है, आंतों की सफाई करता है और भूख भी सही तरीके से लगती है। जो लोग पाचन से जुड़ी दिक्कतों से परेशान हैं, उनके लिए यह बहुत उपयोगी है।
5. स्किन को बनाए ग्लोइंग, बालों को दे मजबूती
अखरोट में मौजूद विटामिन-E और बायोटिन त्वचा की चमक बढ़ाते हैं और झुर्रियों को दूर करते हैं। यह एंटी-एजिंग एजेंट की तरह काम करता है और त्वचा को जवान बनाए रखता है। साथ ही बालों को झड़ने से रोकता है और उन्हें मजबूत बनाता है।
6. वजन घटाने में भी है कारगर
अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो भीगा अखरोट आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन अच्छी मात्रा में होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं और ओवरईटिंग से बचाते हैं।
7. हड्डियों को बनाए मजबूत
अखरोट में मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत करने में सहायक होते हैं। यह जोड़ों के दर्द से राहत देता है और हड्डियों को घिसने से बचाता है। खासतौर पर 40+ उम्र के लोगों के लिए यह नियमित डाइट का हिस्सा होना चाहिए।
Akharot खाने के 8 चमत्कारिक फायदे: सुबह की एक आदत जो बदल सकती है आपकी सेहत 68
8. डायबिटीज को करता है नियंत्रित
अखरोट में मौजूद पॉलीफेनोल्स और हेल्दी फैट्स ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। यह टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर करता है।
अखरोट कैसे खाएं? जानिए सही तरीका
रात में 2 से 3 अखरोट एक कटोरी पानी में भिगोकर रखें
सुबह उठकर खाली पेट इन्हें चबा-चबाकर खाएं
इसके बाद 15-20 मिनट तक कुछ न खाएं
चाहें तो गर्म पानी के साथ ले सकते हैं
यह आदत जितनी आसान है, उतनी ही असरदार भी। फर्क आपको हफ्तों में दिखने लगेगा।
कुछ जरूरी सावधानियां
अधिक मात्रा में अखरोट खाने से पेट फूलना या गैस की समस्या हो सकती है।
जिन लोगों को नट्स से एलर्जी हो, उन्हें इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
डायबिटीज या दिल की बीमारी के मरीज भी अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई: CM Bhajanlal ने संवेदनशीलता के साथ सुनी जनता की समस्याएं
CM Bhajanlal राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक बार फिर यह दिखाया कि प्रशासनिक कुशलता के साथ मानवीय संवेदनशीलता कैसे निभाई जाती है। सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित नियमित जनसुनवाई के दौरान उन्होंने आमजन की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना।
इस जनसुनवाई में महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों और ग्रामीण इलाकों से आए लोगों की समस्याएं सामने आईं। सीएम ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
कैंसर पीड़िता प्रेमलता को मिलेगा मुफ्त इलाज
जनसुनवाई के दौरान सबसे मार्मिक मामला प्रेमलता नामक महिला का सामने आया, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं और वह आर्थिक तंगी के चलते इलाज नहीं करा पा रही।
मुख्यमंत्री ने बिना देरी किए उसके मुफ्त इलाज के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। यह निर्णय प्रेमलता और उसकी तरह कई गरीब मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
“जनसुनवाई जनता से जुड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है” – मुख्यमंत्री भजनलाल
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि महिलाओं, किसानों, युवाओं और मजदूरों को सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ मिले। उन्होंने ज़िला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे भी नियमित रूप से जनसुनवाई करें ताकि जनता को जिला स्तर पर ही राहत मिल सके और उन्हें जयपुर तक न आना पड़े।
उन्होंने कहा,
“हर व्यक्ति की पीड़ा को समझना और उसका समाधान करना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। जनसुनवाई सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, यह जनता से जुड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”
कई विभागों से जुड़ी समस्याएं हुईं दर्ज
जनसुनवाई के दौरान सामाजिक न्याय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, ग्रामीण विकास और नगर निगम से जुड़ी शिकायतें आईं। मुख्यमंत्री ने हर शिकायत को व्यक्तिगत रूप से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
एक दिव्यांग बुजुर्ग ने ट्राईसाइकिल की मांग रखी, वहीं एक छात्रा ने छात्रवृत्ति में हो रही देरी की शिकायत की। सीएम ने दोनों मामलों को भी संज्ञान में लेते हुए सहायता सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
अफसरों को मिले साफ निर्देश: “जिम्मेदारी से निभाएं अपनी भूमिका”
सीएम ने अधिकारियों को कहा कि “सिर्फ सुनना काफी नहीं है, कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कहीं भी जन समस्याओं की अनदेखी हुई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्थान में सीएम भजनलाल की जनसुनवाई: कैंसर पीड़िता को मिला जीवनदान, आमजन को राहत
Cm Bhajanlal ने कैंसर पीड़िता को दिलाया मुफ्त इलाज, जनसुनवाई में दिखाई संवेदनशीलता 76
जयपुर: राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार लगातार आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता पर रख रही है। सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई जनसुनवाई में इसका जीवंत उदाहरण देखने को मिला, जब एक कैंसर पीड़िता महिला प्रेमलता को मुख्यमंत्री ने न सिर्फ सुना, बल्कि उसकी तकलीफ को समझते हुए मौके पर ही मुफ्त इलाज का आदेश भी दे दिया।
इस जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने न सिर्फ संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत लापरवाही की भेंट न चढ़े।
कैंसर पीड़िता प्रेमलता की पुकार पर मुख्यमंत्री ने तुरंत लिया संज्ञान
जनसुनवाई में प्रेमलता नाम की महिला ने अपनी तकलीफ साझा करते हुए बताया कि वह गंभीर बीमारी कैंसर से पीड़ित है और उसके पास इलाज के लिए जरूरी आर्थिक संसाधन नहीं हैं। प्रेमलता की आंखों में उम्मीद थी और शब्दों में पीड़ा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उसकी बात गंभीरता से सुनी और तुरंत मुफ्त इलाज के निर्देश जारी कर दिए। यह कदम न सिर्फ उस महिला के जीवन में नई आशा की किरण बना, बल्कि प्रदेशभर में मुख्यमंत्री की संवेदनशील कार्यशैली का प्रमाण भी बन गया।
सीएम भजनलाल बोले: “हमारी सरकार आमजन की सरकार है”
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा,
“हमारी सरकार आमजन की सरकार है। महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों, युवाओं और श्रमिकों को राहत देना हमारी प्राथमिकता है। जनसुनवाई केवल एक प्रक्रिया नहीं, जन सेवा का माध्यम है।”
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सुनवाई को औपचारिकता में न बदलें, बल्कि इसे निस्तारण का प्रभावी मंच बनाएं।
ज़िला कलेक्टरों को दिए निर्देश: “जिला स्तर पर ही मिलनी चाहिए राहत”
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई में आए कई परिवादियों की समस्याओं को सुनने के बाद ज़िला कलेक्टरों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बार-बार राजधानी न आएं, इसके लिए जिला स्तर पर ही जनसुनवाई नियमित रूप से होनी चाहिए।
“सरकार की योजनाओं का लाभ नीचे तक तभी पहुंचेगा, जब अधिकारी जवाबदेह होंगे,” – भजनलाल शर्मा
महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों की बातों को भी गंभीरता से सुना गया
इस जनसुनवाई में महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग और ग्रामीण इलाकों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। कई बुजुर्गों ने पेंशन संबंधी समस्याएं, तो कुछ दिव्यांगों ने सहायता उपकरण और पेंशन की मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने हर एक मामले को व्यक्तिगत रूप से सुना और संबंधित विभागों को आदेश दिया कि वे जल्द से जल्द निस्तारण करें।
एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसे पिछले छह महीने से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही। मुख्यमंत्री ने तुरंत सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी को तलब कर उसका निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल और नगर विकास से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं
जनसुनवाई के दौरान शिक्षा, चिकित्सा, जल आपूर्ति, ग्रामीण विकास और नगर निगम से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं।
एक छात्रा ने छात्रवृत्ति नहीं मिलने की बात कही, तो एक ग्रामीण ने गांव में पेयजल संकट की समस्या रखी। मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में फील्ड स्तर पर जाकर समाधान करें, केवल कागज़ों में नहीं।
जनता को भरोसा: सरकार सुनेगी, समझेगी और समाधान देगी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यह जनसुनवाई केवल फॉर्मल नहीं थी, बल्कि सुनवाई और समाधान दोनों का वास्तविक मंच थी। प्रेमलता जैसी कैंसर पीड़िता महिला के मामले से लेकर छात्रों, किसानों और महिलाओं तक—हर वर्ग को यह संदेश गया कि सरकार सिर्फ सुनती नहीं, फौरन कदम भी उठाती है।
जनता के मन में यह विश्वास गहराया है कि अगर उनकी बात सरकार तक पहुंचेगी, तो उसे नज़रअंदाज नहीं किया जाएगा।
home loan जून में घर खरीदने का सुनहरा मौका! RBI के फैसले के बाद इन बैंकों ने सस्ते किए लोन
नई दिल्ली: Home loan भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 7 जून 2025 को रेपो रेट में 0.50% की कटौती करने के बाद आम लोगों को राहत मिलनी शुरू हो गई है। अब तक फरवरी 2025 से रेपो रेट में कुल 1% की कमी की जा चुकी है। इसका सीधा असर बैंकों की कर्ज नीति पर पड़ा है और अब कई बड़े बैंक अपने ग्राहकों को सस्ते लोन ऑफर कर रहे हैं।
अगर आप होम लोन या ऑटो लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए सबसे सही साबित हो सकता है।
PNB ने घटाया RLLR, अब होम लोन और सस्ता
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने Repo Linked Lending Rate (RLLR) को 8.85% से घटाकर 8.35% कर दिया है। अब पीएनबी से 7.45% से शुरू होने वाली ब्याज दर पर होम लोन मिल सकता है। इसके साथ ही ऑटो लोन भी 7.80% पर मिलेगा।
बैंक ऑफ इंडिया भी दे रहा राहत
बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपना RLLR घटाकर 8.35% कर दिया है। यह नई दरें न केवल नए ग्राहकों के लिए, बल्कि मौजूदा ग्राहकों पर भी लागू होंगी, जिससे ईएमआई में सीधी कटौती देखने को मिलेगी।
यूको बैंक ने MCLR में की कटौती
यूको बैंक ने MCLR दरों में 10 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की है, जो 10 जून से लागू होगी:
ओवरनाइट: 8.15%
एक माह: 8.35%
तीन माह: 8.50%
छह माह: 8.80%
एक साल: 9.00%
बैंक ऑफ बड़ौदा ने RLLR में की 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती
बैंक ऑफ बड़ौदा ने चुनिंदा लोन अवधियों के लिए RLLR में 0.50% की कटौती की है। हालांकि बैंक की वेबसाइट पर अभी भी होम लोन की शुरुआती दर 8% दिखाई जा रही है, यह स्पष्ट नहीं है कि ये दरें अपडेट हुई हैं या नहीं।
HDFC बैंक ने भी घटाया MCLR
HDFC बैंक ने अपने सभी लोन टेन्योर पर MCLR में 10 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की है:
ओवरनाइट और 1 माह: 8.90%
तीन माह: 8.95%
छह माह से तीन साल तक: 9.05%–9.10%
EMI कैसे होगी कम?
अगर आपका लोन RLLR आधारित है, तो RBI की रेपो रेट में कटौती के साथ आपकी EMI खुद-ब-खुद घटेगी। अगर बैंक आपकी EMI में बदलाव की जगह लोन अवधि (Tenure) घटा रहा है और आप EMI कम करना चाहते हैं, तो बैंक को रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
पुराने लोन वालों को मिलेगा ज्यादा फायदा
पहले जहां नए ग्राहकों को ही ब्याज दर में कमी का फायदा मिलता था, इस बार कई बैंक पुराने ग्राहकों के लिए भी स्प्रेड (अतिरिक्त चार्ज) घटा रहे हैं। इससे आपकी EMI और कम हो सकती है, भले ही आपने लोन सालों पहले लिया हो।
Home Loan Rbi के फैसले से लोन हुआ सस्ता! Pnb से लेकर Hdfc तक 5 बैंकों ने घटाईं ब्याज दरें 86
अभी लोन लेना है फायदेमंद
अगर आप होम लोन लेने की सोच रहे हैं, तो यह समय सही है। ब्याज दरें घटने के बाद आपकी EMI कम होगी और लोन पर कुल भुगतान भी कम होगा।
RBI की बड़ी घोषणा के बाद बैंकों की ब्याज दरों में राहत, लोन धारकों को सीधा फायदा
नई दिल्ली: 7 जून 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 0.50% की कटौती करते हुए इसे 5.5% कर दिया। फरवरी से अब तक रेपो रेट में कुल 1% की कमी की जा चुकी है। यह फैसला सीधे तौर पर देश के लाखों कर्जधारकों के लिए राहत लेकर आया है।
इस निर्णय के बाद कई सरकारी और निजी बैंकों ने अपने-अपने लोन उत्पादों की ब्याज दरों में कमी की घोषणा कर दी है।
1. पंजाब नेशनल बैंक (PNB): EMI में बड़ी राहत
PNB ने अपने Repo Linked Lending Rate (RLLR) को 8.85% से घटाकर 8.35% कर दिया है।
होम लोन की नई दरें: 7.45% से शुरू
ऑटो लोन: 7.80% सालाना इससे नए और मौजूदा ग्राहकों दोनों को राहत मिलेगी और ईएमआई में सीधे कटौती होगी।
2. बैंक ऑफ इंडिया: सभी ग्राहकों को फायदा
बैंक ऑफ इंडिया ने भी RLLR में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है, यानी अब RLLR 8.35% हो गया है। यह बदलाव सभी टाइप के ग्राहकों—नए और पुराने दोनों—के लिए लागू किया गया है।
3. यूको बैंक: MCLR में बदलाव
यूको बैंक ने MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) में 10 बेसिस प्वाइंट की कमी की है। नई दरें 10 जून 2025 से लागू होंगी:
ओवरनाइट: 8.15%
एक महीना: 8.35%
तीन महीने: 8.50%
छह महीने: 8.80%
एक साल: 9.00%
4. बैंक ऑफ बड़ौदा: चुनिंदा अवधियों पर कटौती
बैंक ऑफ बड़ौदा ने चुनिंदा टेन्योर के लिए RLLR में 50 पॉइंट की कटौती की है। हालांकि, बैंक की वेबसाइट पर अभी भी होम लोन की ब्याज दर 8% दिखाई दे रही है। इसमें अपडेट की पुष्टि होना बाकी है।
5. HDFC बैंक: MCLR सभी टेन्योर पर घटाया
एचडीएफसी बैंक ने भी सभी लोन अवधियों के लिए MCLR में 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है:
ओवरनाइट और एक माह: 8.90%
तीन महीने: 8.95%
छह महीने से तीन साल तक: 9.05%–9.10%
EMI में कटौती का मतलब क्या है?
अगर आपका लोन RLLR से जुड़ा हुआ है, तो RBI की रेपो रेट में कटौती का सीधा असर आपकी EMI पर पड़ेगा। EMI या तो घटेगी, या लोन की अवधि कम हो जाएगी। यदि आप चाहते हैं कि EMI कम हो, तो बैंक से आग्रह कर सकते हैं।
पुराने लोन वालों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
पहले आमतौर पर ब्याज दर में कटौती का फायदा केवल नए ग्राहकों को मिलता था, लेकिन इस बार कई बैंक पुराने ग्राहकों के लिए भी स्प्रेड कम कर रहे हैं। स्प्रेड वह अतिरिक्त चार्ज होता है जो बैंकों द्वारा लोन पर लगाया जाता है। इसमें कमी आने से आपकी पुरानी लोन EMI भी घट सकती है।
अभी लोन लेना क्यों है फायदेमंद?
RBI की दरों में कटौती और बैंकों द्वारा ब्याज दर कम करने के इस दौर में अगर आप नया होम लोन या पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो यह सबसे अनुकूल समय है। कम ब्याज दरों का मतलब है कम EMI और कुल भुगतान में बड़ी बचत।
शादी, धोखा और कत्ल! Meghalaya हनीमून केस में खुला बड़ा राज, सोनम यूपी से गिरफ्तार
नई दिल्ली: Meghalaya राजा और सोनम रघुवंशी की हनीमून ट्रिप एक खूबसूरत याद बननी थी, लेकिन वह एक खौफनाक वारदात में तब्दील हो गई। मेघालय में लापता हुए इस नवविवाहित जोड़े के मामले में आखिरकार एक बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस ने राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
कैसे खुला हत्या का रहस्य?
23 मई को मेघालय के नोंग्रियाट गांव में डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज घूमने के बाद दोनों लापता हो गए थे। अगले दिन 24 मई को उनकी किराए पर ली गई स्कूटी लावारिस हालत में सोहरा के पास मिली। 2 जून को राजा का शव वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक खाई में मिला, जिसकी पहचान उनके हाथ पर बने टैटू ‘राजा’ से हुई।
पोस्टमॉर्टम में सामने आया कि राजा की मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि हत्या थी। यहीं से पुलिस को शक हुआ और जांच की दिशा बदली।
पत्नी सोनम पर गिरी संदेह की सुई, गाजीपुर से पकड़ी गई
पुलिस ने 16 दिनों तक लगातार जांच के बाद सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे से गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही तीन और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। मेघालय के डीजीपी का कहना है कि सोनम ने कथित तौर पर भाड़े के हत्यारों की मदद ली थी। यह भी संभावना है कि यह हत्या पूरी तरह से योजना बनाकर की गई।
भाई ने लगाई इंसाफ की गुहार
राजा रघुवंशी के भाई अर्पित चौहान ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि, “सोनम और उसके कुछ साथी गिरफ्तार हुए हैं। हमें न्याय चाहिए। मेरे भाई की हत्या क्यों और किसने की, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने बताया कि शादी से पहले और बाद तक राजा और सोनम बहुत खुश दिख रहे थे। गुवाहाटी, कामाख्या मंदिर जैसी जगहों से उन्होंने बात भी की थी और सब कुछ सामान्य बताया था। लेकिन अचानक उनकी लापता खबर ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया।
पिता ने उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग
सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने मेघालय पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से इस केस की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका दावा है कि उनकी बेटी निर्दोष है और इस मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
मध्यप्रदेश सरकार ने दिखाई सक्रियता
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया है कि इस गंभीर मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी यानी CBI को सौंपी जाए ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सच्चाई सामने आ सके।
अब क्या आगे?
मेघालय पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और इस मामले की तह तक जाने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। सोनम की गिरफ्तारी ने इस केस को एक नया मोड़ दिया है और अब सवाल यह है कि क्या यह एक सोची-समझी साजिश थी या फिर कोई और गहरी कहानी छुपी है?
इंदौर के नवविवाहित जोड़े राजा और सोनम रघुवंशी के हनीमून ट्रिप ने एक दुखद और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। मेघालय में लापता हुए राजा की हत्या की गुत्थी अब सुलझती नजर आ रही है। पुलिस ने उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस ने हत्या में संलिप्त तीन और लोगों को भी हिरासत में लिया है।
शादी के महज 9 दिन बाद 20 मई को दोनों मेघालय घूमने गए थे। 23 मई को शिलांग के नोंग्रियाट गांव में डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने के बाद दोनों अचानक लापता हो गए। अगले दिन उनकी किराए की स्कूटी सोहरा के पास लावारिस हालत में मिली। 2 जून को राजा रघुवंशी का शव वेईसावडॉन्ग झरने के पास खाई में पड़ा मिला, जिसकी पहचान उनके हाथ पर बने टैटू से हुई।
पोस्टमॉर्टम में खुलासा हुआ कि राजा की मौत हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इसके बाद शक की सुई उसकी पत्नी सोनम पर जा टिकी। पुलिस का दावा है कि सोनम ने हत्यारों को पैसे देकर पति की हत्या करवाई। मेघालय पुलिस के डीजीपी ने इस मामले में कुल 4 गिरफ्तारियों की पुष्टि की है।
राजा के भाई अर्पित चौहान ने कहा, “हमें इंदौर पुलिस से जानकारी मिली कि सोनम और अन्य लोगों को पकड़ा गया है। हमें अपने भाई के लिए इंसाफ चाहिए। सब कुछ ठीक चल रहा था, अचानक ऐसा क्या हुआ कि वो मारा गया?”
इस केस ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने मेघालय पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मेघालय पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही और उनकी बेटी को फंसाया जा रहा है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस केस की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इसे CBI को सौंपने की अनुशंसा की है। इस मामले में राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है।
राजा और सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी। परिवार और दोस्तों के मुताबिक, दोनों बेहद खुश थे और हनीमून की प्लानिंग पहले से थी। लेकिन गुवाहाटी, कामाख्या मंदिर जाने के बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया। राजा की लाश मिलने और सोनम के जीवित मिलने ने इस केस को पूरी तरह उलझा दिया।
फिलहाल सोनम रघुवंशी को गाजीपुर से गिरफ्तार कर मेघालय लाया जा रहा है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि सोनम की गिरफ्तारी के बाद इस हत्या की परत-दर-परत सच्चाई सामने आएगी।
Delhi एयरपोर्ट का रनवे 3 महीने के लिए बंद, 100 से अधिक फ्लाइट्स होंगी प्रभावित
Delhi इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के यात्रियों के लिए आगामी तीन महीने कुछ मुश्किल भरे हो सकते हैं। दिल्ली एयरपोर्ट का रनवे 10/28 15 जून से 15 सितंबर तक बंद रहेगा। यह फैसला रनवे के अपग्रेडेशन के लिए लिया गया है ताकि कोहरे वाले मौसम में फ्लाइट ऑपरेशन बेहतर हो सके।
एयरपोर्ट
रनवे 10/28 क्यों हो रहा है बंद?
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ, विदेह कुमार जयपुरियार ने बताया कि रनवे 10/28 को तीन महीने के लिए बंद किया जाएगा। इस दौरान रनवे पर कैट थ्री बी (CAT III B) उपकरण और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) का नया सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा।
जयपुरियार ने बताया, “रनवे के एक हिस्से को भी कैट 3 के अनुरूप बनाया जाएगा, जो वर्तमान में कोहरे के मौसम में फ्लाइट ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं था। इससे भविष्य में कोहरे के कारण फ्लाइट डिले और कैंसिलेशन की समस्या कम होगी।”
फ्लाइट परिचालन पर पड़ेगा क्या असर?
दिल्ली एयरपोर्ट पर कुल चार रनवे हैं, जिसमें से 10/28 बंद रहेगा, जबकि बाकी तीन रनवे परिचालन जारी रखेंगे। हालांकि, एक रनवे बंद होने के कारण फ्लाइट ऑपरेशन पर असर अवश्य पड़ेगा।
जयपुरियार के मुताबिक, रनवे बंद रहने के दौरान एयरपोर्ट की आगमन क्षमता प्रति घंटे 42 से घटकर 32 उड़ानें रह जाएगी। इसका प्रभाव मुंबई, पटना जैसे बड़े शहरों से आने-जाने वाली फ्लाइट्स पर भी दिखेगा।
रोजाना 1450 विमान दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरते हैं। रनवे बंद होने के कारण करीब 114 फ्लाइट्स प्रतिदिन कैंसिल रहेंगी और लगभग 43 फ्लाइट्स को रीशेड्यूल किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा का रखा गया है विशेष ध्यान
दिल्ली एयरपोर्ट की प्रबंधन टीम ने यह सुनिश्चित किया है कि इस अपग्रेडेशन के दौरान यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। इसीलिए काम की शुरुआत पीक टाइम से पहले की गई है ताकि यात्रियों की संख्या कम रहे।
सीईओ जयपुरियार ने बताया कि एयरलाइंस, डीजीसीए, एटीसी और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ कई दौर की चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। यात्रियों को भी पहले से सूचित कर दिया गया है ताकि वे अपनी यात्रा की योजना बना सकें।
कोहरे में बेहतर फ्लाइट संचालन के लिए अपग्रेडेशन
उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान कोहरा बहुत घना हो जाता है, जिससे एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित होते हैं।
एयरपोर्ट
रनवे 10/28 के CAT 3B उपकरण और ILS सिस्टम के अपग्रेड के बाद यह रनवे दोनों सिरों से कम दृश्यता में उड़ान संचालन को संभाल सकेगा। इससे कोहरे के मौसम में उड़ानों की रिकवरी बेहतर होगी और फ्लाइट डिले कम होंगे।
जयपुरियार ने बताया कि अपग्रेडेशन पूरा होने के बाद पूर्वी हवा के दौरान कोहरे से निपटने का समय छह घंटे से घटकर तीन घंटे हो जाएगा। यह बड़ी राहत होगी।
अपग्रेडेशन का पिछला अनुभव और आगे की योजना
रनवे के अपग्रेडेशन का काम अप्रैल में शुरू हुआ था, लेकिन उस दौरान विमानों पर ज्यादा असर पड़ा। इसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर काम को रोक दिया गया था।
अब 15 जून से फिर से अपग्रेडेशन का काम शुरू होगा और इसे 27 नवंबर तक पूरा किया जाएगा। इस दौरान यात्रियों को धैर्य रखने की सलाह दी गई है।
दिल्ली एयरपोर्ट के इस महत्वपूर्ण फैसले से यात्रियों को पहले से जानकारी लेकर अपनी यात्रा योजनाएं बनानी चाहिए। रनवे अपग्रेडेशन से भविष्य में बेहतर और सुरक्षित उड़ान परिचालन सुनिश्चित होगा।
दिल्ली एयरपोर्ट का रनवे तीन महीने रहेगा बंद, 100 से ज्यादा फ्लाइट्स पर पड़ेगा असर
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने जानकारी दी है कि रनवे 10/28 को अपग्रेडेशन कार्य के चलते 15 जून से 15 सितंबर 2025 तक पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इस फैसले का असर करीब 100 से ज्यादा फ्लाइट्स पर रोजाना पड़ेगा, जिससे हवाई यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
रनवे को क्यों किया जा रहा है बंद?
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने बताया कि रनवे 10/28 को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए इसे तीन महीने के लिए बंद करना आवश्यक हो गया है।
रनवे पर CAT-III B उपकरण और नई ILS (Instrument Landing System) टेक्नोलॉजी इंस्टॉल की जाएगी, जिससे एयरपोर्ट की कम दृश्यता यानी घने कोहरे के समय में भी विमान आसानी से उतर और उड़ान भर सकें।
जयपुरियार के अनुसार, “हम रनवे के उस हिस्से को भी अपग्रेड कर रहे हैं जो पहले CAT III मानकों पर खरा नहीं उतरता था। अब यह पूरा रनवे CAT III के अनुसार बन जाएगा, जिससे खासकर सर्दियों के मौसम में परिचालन ज्यादा सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा।”
कितनी उड़ानों पर पड़ेगा असर?
दिल्ली एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्ततम एयरपोर्ट है, जहां हर दिन लगभग 1450 फ्लाइट्स का संचालन होता है। रनवे 10/28 बंद होने के चलते, जयपुरियार ने बताया कि:
रोजाना करीब 114 फ्लाइट्स कैंसिल की जाएंगी, जिनमें आने और जाने वाली दोनों उड़ानें शामिल हैं।
लगभग 43 फ्लाइट्स को रीशेड्यूल किया जाएगा।
रनवे बंद होने से प्रति घंटे की आगमन क्षमता 42 से घटकर 32 उड़ानें रह जाएगी।
इसका सबसे अधिक प्रभाव मुंबई, पटना और लखनऊ जैसे बड़े शहरों की उड़ानों पर देखने को मिल सकता है।
यात्रियों के लिए पहले से दी जा रही है जानकारी
DIAL की तरफ से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए यह काम पीक ट्रैवल सीजन के बाहर किया जा रहा है। जून से सितंबर के बीच यात्रियों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम रहती है, जिससे यात्री असुविधा को कम किया जा सकेगा।
यात्रियों को प्रभावित उड़ानों की जानकारी SMS, ईमेल और एयरलाइंस ऐप्स के माध्यम से पहले ही भेजी जा रही है, जिससे वे अपने शेड्यूल के अनुसार बदलाव कर सकें।
एयरपोर्ट और एयरलाइंस ने मिलकर बनाई रणनीति
यह फैसला सिर्फ एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अकेले नहीं लिया, बल्कि इसमें एयरलाइंस, DGCA, ATC और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ कई बैठकें हुईं। इन बैठकों में तय किया गया कि किस तरह यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और एयर ट्रैफिक को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सके।
कोहरे में फ्लाइट्स की देरी होगी कम
दिल्ली में सर्दियों में कोहरे के कारण हवाई यातायात अक्सर बाधित होता है। वर्तमान में केवल कुछ ही रनवे CAT III तकनीक से लैस हैं। रनवे 10/28 के अपग्रेडेशन के बाद:
यह रनवे दोनों सिरों से कम दृश्यता (Low Visibility Operation) को संभाल सकेगा।
कोहरे के कारण उड़ानों में देरी की अवधि छह घंटे से घटकर तीन घंटे हो जाएगी।
इससे एयरपोर्ट की कुल परिचालन क्षमता में भी इजाफा होगा और यात्री समय पर गंतव्य पर पहुंच सकेंगे।
पहले भी हुआ था कार्य आरंभ, लेकिन रोका गया
दिल्ली एयरपोर्ट ने पहले अप्रैल 2025 में ही इस रनवे के अपग्रेडेशन का काम शुरू किया था, लेकिन तब इससे फ्लाइट्स पर अत्यधिक असर पड़ा। इस पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हस्तक्षेप किया और काम को रोकने का निर्देश दिया।
अब पूरे योजना और पूर्व सूचना के साथ 15 जून से यह कार्य दोबारा शुरू होगा, और 90 दिनों के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
जयपुरियार ने भरोसा जताया कि 27 नवंबर 2025 तक यह रनवे CAT-III B मानकों के अनुरूप पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
यात्रियों के लिए सलाह
अपनी यात्रा से पहले एयरलाइंस से कंफर्मेशन जरूर लें।
एयरपोर्ट पर समय से पहुंचें, ताकि कोई बदलाव हो तो संभाला जा सके।
वैकल्पिक उड़ानों के विकल्प के बारे में पहले से जानकारी जुटा लें।