संक्षेप में पूरी खबर (Summary) Ghaziabad CREA की नई रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में गाजियाबाद 224 µg/m³ पीएम2.5 के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। नोएडा, बहादुरगढ़, दिल्ली, हापुड़ और ग्रेटर नोएडा समेत कई NCR शहर टॉप 10 में शामिल रहे। दिल्ली चौथे नंबर पर रही, जहां पिछले साल से कम लेकिन अक्टूबर से दोगुना प्रदूषण रिकॉर्ड हुआ। रिपोर्ट में कहा गया कि पराली का योगदान घटा है, इसलिए मुख्य कारण ट्रैफिक, इंडस्ट्री और अन्य स्थानीय स्रोत हैं। वहीं, शिलांग सबसे साफ शहर रहा।
Ghaziabad बना देश का ‘सबसे प्रदूषित शहर नवंबर में हवा हुई बेहद जहरीली
थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की ताज़ा रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
नवंबर 2024 में उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां पीएम2.5 का औसत स्तर 224 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया।
पूरा महीना—30 के 30 दिन—हवा राष्ट्रीय मानकों से ऊपर रही।

NCR के 10 में से 6 शहर सबसे प्रदूषित—नोएडा, दिल्ली भी टॉप लिस्ट में
रिपोर्ट बताती है कि टॉप 10 प्रदूषित शहरों में NCR के कई शहर शामिल हैं:
- गाजियाबाद
- नोएडा
- बहादुरगढ़
- दिल्ली
- हापुड़
- ग्रेटर नोएडा
- बागपत
- सोनीपत
- मेरठ
- रोहतक
इनमें उत्तर प्रदेश के 6 और हरियाणा के 3 शहर हैं।
दिल्ली चौथे स्थान पर—पिछले साल से कम, लेकिन अक्टूबर से दोगुना प्रदूषण
दिल्ली की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली रही।
नवंबर में यहां पीएम2.5 स्तर 215 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया, जो:
- अक्टूबर के औसत 107 µg/m³ से लगभग दोगुना है
- 23 दिन हवा ‘बहुत खराब’
- 6 दिन ‘गंभीर’
- 1 दिन ‘खराब’ रही
दिल्ली में पराली का योगदान इस साल सिर्फ 7% रहा, जबकि पिछले वर्ष 20% था।
एक दिन यह योगदान अधिकतम 22% तक पहुंचा—पिछले साल के 38% से काफी कम।
पराली नहीं, स्थानीय स्रोत बड़ी वजह—विशेषज्ञों की चेतावनी

CREA विश्लेषक मनोज कुमार के अनुसार:पराली कम जली, फिर भी NCR के ज्यादातर शहरों में प्रदूषण बढ़ा। यह स्पष्ट है कि मुख्य कारण स्थानीय स्रोत हैं—ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री, पावर प्लांट और कचरा जलाना।”
रिपोर्ट के अनुसार:
- बहादुरगढ़ को छोड़कर किसी भी टॉप 10 शहर में एक भी दिन हवा सुरक्षित सीमा के भीतर नहीं रही
- चरखी दादरी, बुलंदशहर, जींद, मुजफ्फरनगर, गुरुग्राम, यमुनानगर और फरीदाबाद में भी हर दिन हवा मानक से ऊपर रही

कई राज्यों में हवा ‘मानकों से बाहर’—आधे से ज्यादा शहर प्रभावित
राज्यों के स्तर पर स्थिति इस प्रकार रही:
- राजस्थान: 34 में से 23 शहर सीमा से ऊपर
- हरियाणा: 25 में से 22 शहर
- उत्तर प्रदेश: 20 में से 14 शहर
- मध्य प्रदेश: 12 में से 9 शहर
- ओडिशा: 14 में से 9 शहर
- पंजाब: 8 में से 7 शहर
यानी प्रदूषण केवल NCR की समस्या नहीं, बल्कि देशव्यापी चेतावनी है।
सबसे राहतभरी खबर—शिलांग बना भारत का सबसे साफ शहर
प्रदूषण संकट के बीच मेघालय के शिलांग ने राहत दी।
नवंबर में यहां पीएम2.5 स्तर सिर्फ 7 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो देश में सबसे कम है।
टॉप 10 साफ शहरों में:
- कर्नाटक के 6 शहर
- मेघालय, सिक्किम, तमिलनाडु और केरल के 1-1 शहर शामिल रहे
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