Delhi धमाके की जांच में नया मोड़—दुबई से जुड़ते दिख रहे तार, संदिग्धों पर बढ़ी नजर
Delhi में हुए बम धमाके की जांच धीरे-धीरे ऐसे मोड़ पर पहुंचती जा रही है, जहाँ हर नया खुलासा इस साजिश की परतों को और गहरा करता दिख रहा है। विस्फोट के बाद से दिल्ली पुलिस, विशेष सेल, और केंद्रीय जांच एजेंसियां लगातार अलग-अलग एंगल से पूरे मामले का विश्लेषण कर रही हैं। अब तक कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई से पूछताछ जारी है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सुराग अब दुबई से जुड़ता दिखाई दे रहा है, जिसने जांच एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी है।
आदिल के भाई की रहस्यमयी दुबई यात्रा ने बढ़ाया शक

जांच के दौरान पता चला है कि गिरफ्तार किए गए मुख्य संदिग्धों में से एक, डॉ. आदिल, के भाई मुज़फ्फर ने धमाके से apenas दो महीने पहले दुबई की यात्रा की थी। यह जानकारी मिलते ही एजेंसियों ने उसकी यात्रा और उससे पहले की गतिविधियों को खंगालना शुरू कर दिया है।खुफिया इनपुट के अनुसार मुज़फ्फर इसके पहले पाकिस्तान भी गया था। वहीं यह भी दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान वह जैश-ए-मोहम्मद के सीधे संपर्क में था। यही वजह है कि उसकी दुबई यात्रा को अब जांच एजेंसियां बेहद गंभीरता से देख रही हैं।एजेंसियों को शक है कि उसकी दुबई यात्रा का मकसद सिर्फ घूमना-फिरना नहीं था, बल्कि यह किसी बड़े नेटवर्क या फंडिंग मॉडल से जुड़ा हुआ हो सकता है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि दुबई में उसने किसी ऐसे शख्स से मुलाकात की होगी जो भारत में हमले के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने या फंड जुटाने में मदद कर रहा हो।
दुबई में किससे हुई मुलाकात? एजेंसियां खंगाल रहीं पूरी लिस्ट
मुज़फ्फर के दुबई दौरे के बाद से उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इंटेलिजेंस एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसने दुबई में किस-किस से मुलाकात की, किन लोकेशंस पर गया और किसके आमंत्रण पर यात्रा की थी।जांच टीम उसके विदेशी ट्रांजैक्शन, होटल बुकिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया चैट और ईमेल से लेकर उसके व्हाट्सऐप बैकअप तक को खंगाल रही है।
सूत्रों के अनुसार दुबई लिंक इस साजिश का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है, क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क दुबई का उपयोग फंडिंग और संपर्क स्थापित करने के लिए करते रहे हैं।
दिल्ली धमाके में पकड़े गए संदिग्ध—एक और बड़ा खुलासा
दुबई लिंक की जांच के साथ-साथ एक और बड़ा खुलासा सामने आया है जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि दिल्ली धमाके में अब तक गिरफ्तार किए गए कई संदिग्ध पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड उमर फारूक की पत्नी अफिराह बीबी के संपर्क में थे।इस खुलासे ने जांच एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है, क्योंकि यह संपर्क सीधे तौर पर भारत में आतंकी हमले की तैयारी और उसकी रणनीति से जुड़े होने की आशंका को मजबूत करता है।
जैश की महिला ब्रिगेड—’जमात-उल-मोमिनात’ की बढ़ती भूमिका
जांच में सामने आया है कि डॉ. शाहीन सईद, जो गिरफ्तार संदिग्धों में शामिल है, अफिराह बीबी के सीधे संपर्क में था। अफिराह को जैश-ए-मोहम्मद की नई महिला विंग ‘जमात-उल-मोमिनात’ का प्रमुख चेहरा माना जाता है।दिल्ली धमाके से कुछ ही हफ्ते पहले अफिराह इस ब्रिगेड की सलाहकार परिषद शूरा में भी शामिल हुई थी।
यह महिला ब्रिगेड सोशल मीडिया, फंडिंग, हिंसा के लिए उकसाने, और भर्ती गतिविधियों में सक्रिय रही है। यही वजह है कि अफिराह और उसके नेटवर्क की संदिग्धों से बातचीत ने जांच के कई नए द्वार खोल दिए हैं।
पुलवामा हमले का दुबई और पाकिस्तान कनेक्शन फिर चर्चा में
यह खुलासा भी बेहद अहम है कि अफिराह बीबी पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड उमर फारूक की पत्नी है।
उमर फारूक, जो मसूद अज़हर का भतीजा था, 2019 में CRPF काफिले पर हमले के बाद एक मुठभेड़ में मारा गया था।
उस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे, जो भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा घाव था।अफिराह के दिल्ली धमाके के संदिग्धों से संबंध मिलने के बाद एक बार फिर पाकिस्तान और दुबई के जरिए संचालित आतंकी नेटवर्क पर सवाल गहरा गया है।
सूत्रों का कहना है कि अफिराह और जैश की महिला ब्रिगेड मिलकर भारत में कट्टरपंथ फैलाने, फंड जुटाने और नए आतंकी मॉड्यूल तैयार कराने का काम कर रही थीं।
मसूद अज़हर की बहन भी सक्रिय—जांच में आया नया नाम
जांच में यह भी सामने आया है कि अफिराह बीबी, मसूद अज़हर की छोटी बहन सादिया अज़हर के साथ मिलकर काम कर रही थी।दोनों ही महिला एक्टिविस्ट सोशल मीडिया के जरिए भारत में कट्टरपंथ फैलाने, युवाओं से संपर्क बनाने और आइडियोलॉजी प्रचारित करने में सक्रिय थीं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों आरोपी डॉ. शाहीन सईद के संपर्क में थीं और कई बार कॉल व चैटिंग के जरिए बातचीत भी हुई थी।

दिल्ली धमाके की जांच—हर दिशा में आगे बढ़ी पड़ताल
दिल्ली पुलिस, विशेष सेल, एनआईए और अन्य एजेंसियां मिलकर इस पूरे केस को अलग-अलग एंगल से देखने की कोशिश कर रही हैं।
जाँच के दौरान अब तीन प्रमुख दिशा-निर्देश सामने आए हैं:
दुबई लिंक
जहाँ संदिग्धों ने मुलाकातें की हो सकती हैं और जहां से फंडिंग या निर्देश मिले हों।
पाकिस्तान कनेक्शन
जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क और नेटवर्क अब साफ नजर आने लगे हैं।
जैश की महिला ब्रिगेड की भूमिका
अफिराह बीबी और सादिया अज़हर की सक्रिय भागीदारी से नई साजिश की आशंका बढ़ गई है।
अब आगे क्या? जांच का अगला चरण शुरू
जांच एजेंसियां अब दिल्ली धमाके की पूरी टाइमलाइन, संदिग्धों की यात्रा, बैंक लेनदेन और डिजिटल संपर्कों को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। दुबई में मुज़फ्फर की गतिविधियों का विस्तृत विवरण महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है।इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि दिल्ली में पकड़े गए संदिग्धों ने किस निर्देश पर काम किया, कब-कब मुलाकात की, और क्या इनका मकसद राजधानी में बड़े पैमाने पर आतंक फैलाना था।सूत्रों का मानना है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।