Wednesday, February 4, 2026

बेटी के जन्म पर शर्मिंदा? पुलिस इंस्पेक्टर ने पत्नी को दी ऐसी सजा कि रूह कांप उठे

by भारतीय Tv
Ashamed of the birth of a daughter? The police inspector gave such a punishment to his wife that it sent shivers down your spine!

जहां देश में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बेटियों को सशक्त बनाने की मुहिम चलाई जा रही है, वहीं उत्तराखंड पुलिस के एक इंस्पेक्टर ने इस मुहिम को शर्मसार कर दिया है। ऊधम सिंह नगर जनपद में तैनात इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार सिंह ने बेटा न होने की स्थिति में अपनी पत्नी पर जुल्म ढहाए। इंस्पेक्टर ने पत्नी को न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि बाहरी गुंडों को भी बुलाकर उसकी पिटाई करवाई।

क्या है पूरा मामला?

रुद्रपुर में एसएसपी के पेशकार रहे इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार सिंह, जो वर्तमान में पिथौरागढ़ में तैनात हैं, को बेटे की चाह थी। लेकिन जब उनकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया, तो उन्होंने उससे दूरी बना ली। हाल ही में जब इंस्पेक्टर छुट्टी पर घर आए, तो उन्होंने मामूली कहासुनी के बाद अपनी पत्नी को पीटना शुरू कर दिया। जब इससे भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने बाहरी गुंडों को घर बुलाकर पत्नी को बुरी तरह पिटवाया। पीड़िता वैजयंती चंद न्याय की गुहार लेकर अपनी दोनों बेटियों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बेटियों के जन्म पर पत्नी को मिली अमानवीय सजा

पीड़िता वैजयंती चंद ने बताया कि उनकी लव मैरिज दोनों परिवारों की सहमति से हुई थी और शादी के शुरुआती साल अच्छे गुजरे। उनकी पहली बेटी सात साल की और दूसरी ढाई साल की है। वैजयंती ने रोते हुए बताया कि छोटी बेटी के जन्म के बाद से ही पति और सास का व्यवहार बदल गया। इंस्पेक्टर पति लगातार ताने देता कि वह दो बेटियों का पिता होने से शर्मिंदा है और दोस्तों से यह बात कहने में उसे दिक्कत होती है। धीरे-धीरे यह मानसिक प्रताड़ना शारीरिक हिंसा में बदल गई।



दबंगों ने घर में घुसकर की गुंडागर्दी

पीड़िता के अनुसार, मंगलवार शाम 6 बजे रुद्रपुर के कुछ दबंगों ने घर में घुसकर उनके परिवार पर हमला किया। इनमें अनिल सिंह और दारा सिंह नाम के दो अपराधी शामिल थे, जिन पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अनिल सिंह कुछ दिन पहले ही जेल से बाहर आया था।

पीड़िता के पिता ने लगाई न्याय की गुहार

पीड़िता के पिता हर्ष बहादुर चंद, जो एक सेवानिवृत्त फौजी हैं, ने सिड़कुल पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि दो साल से उनकी बेटी और दोनों नातियों का खर्च वे खुद उठा रहे हैं। मंगलवार को जब वे बेटी से मिलने पहुंचे, तो उनके दामाद के दोस्तों ने उन्हें और उनकी बेटी-बच्चों को घर से बाहर निकालने की कोशिश की। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

घटना के बाद एसएसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार सिंह और हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द ही संभव है।

सवालों के घेरे में उत्तराखंड पुलिस

यह घटना उत्तराखंड पुलिस की छवि पर भी सवाल खड़े कर रही है। जिस विभाग का नारा ‘मित्रता, सेवा, सुरक्षा’ है, उसी विभाग का एक अधिकारी अपनी पत्नी और बेटियों पर अत्याचार कर रहा है। ऐसे में पुलिस प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को न्याय मिलेगा

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