Wednesday, February 4, 2026

जिम के बाहर धांय-धांय, 15 पुलिसवाले बर्खास्त…अब 22 दिन बाद भी खाली हाथ पुलिस, एक भी शूटर नहीं पकड़ा

by भारतीय Tv
There was chaos outside the gym, 15 policemen were dismissed... Now even after 22 days, the police are empty handed, not a single shooter has been caught.

Yamuna Nagar Crime: ट्रिपल मर्डर केस में 15 पुलिसकर्मी बर्खास्त, शार्प शूटर अब भी फरार

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर जिले के खेड़ी लक्खा गांव में 26 दिसंबर 2024 को हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस अब तक शार्प शूटरों की पहचान करने में नाकाम रही है। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। दिनदहाड़े 100 से ज्यादा राउंड फायरिंग के दौरान तीन युवकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य हमलावर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।


100 राउंड फायरिंग से दहला यमुनानगर

घटना की सुबह खेड़ी लक्खा गांव में शार्प शूटरों ने खुलेआम 100 से ज्यादा गोलियां चलाईं। जिम के बाहर तीन युवकों को गोलियों से छलनी कर दिया गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह घटना हुई, पुलिस चौकी घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर थी, लेकिन पुलिस चौकी से कोई बाहर नहीं आया।

एसपी राजीव देसवाल के अनुसार, यह एक संगठित अपराध था। घटना को अंजाम देने वाले शार्प शूटर पेशेवर थे, जो घटना के बाद आसानी से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने इस केस से जुड़े सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने शूटरों को हथियार या वाहन उपलब्ध कराए थे।




पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

घटना के बाद यमुनानगर के एसपी राजीव देसवाल ने खेड़ी लक्खा चौकी के सभी 15 पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। इसके बावजूद अब तक शार्प शूटरों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस मामले में यमुनानगर की CIA 1, CIA 2, स्पेशल सेल, रादौर थाना पुलिस, कुरुक्षेत्र और अंबाला पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हुई हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने शूटरों की पहचान से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी है। यह घटना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करती है, क्योंकि चौकी से कुछ ही दूरी पर इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद पुलिस ने कोई तत्परता नहीं दिखाई।


लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम आया सामने

जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि इस हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी शामिल हो सकता है। मरने वाले तीनों युवक शराब कारोबारी थे, और आशंका है कि यह हत्याकांड गैंगवार का नतीजा हो सकता है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है।


ट्रिपल मर्डर केस: जांच जारी, लेकिन नतीजा शून्य

घटना को लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब भी शार्प शूटरों की तलाश में नाकाम रही है। यमुनानगर के एसपी राजीव देसवाल ने कहा कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान करने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। हालांकि, अब तक की जांच में कोई बड़ी सफलता नहीं मिल पाई है।

पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, लेकिन शूटरों की पहचान मुश्किल साबित हो रही है। घटना से जुड़े गिरफ्तार आरोपियों से भी पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं मिला है।


पुलिस पर जनता का दबाव बढ़ा

इस केस में पुलिस की धीमी कार्रवाई से जनता में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोग प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि घटना के इतने दिन बाद भी मुख्य आरोपियों को पकड़ा नहीं जा सका है। पुलिस का दावा है कि वे जल्द ही शार्प शूटरों को गिरफ्तार करेंगे, लेकिन अब तक का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है।

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