सांपों के मसीहा: जान बचाने वाले पर्यावरण प्रेमी की मौत उसी जीव से हुई, जिसे उन्होंने कभी नुकसान नहीं पहुंचाया – एक ऐसा अंत जो आंखें नम कर देगा।
बाकरपुर पंचायत, राजापुर प्रखंड के रहने वाले J.P Yadav ने अपना जीवन वर्षों से सांपों को बचाने और उनकी रक्षा में समर्पित कर रखा था। लेकिन किसे पता था कि जिनकी जिंदगी उन्होंने कई बार बचाई, वही एक सांप आज उनका जीवन लील जाएगा। एक रेस्क्यू अभियान के दौरान सांप के डस लेने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
वैशाली बिहार: कहते हैं, सांप चाहे जितना भी परिचित हो, जहर उसकी फितरत में होता है – और मौके मिलते ही वह डसता जरुर है। कुछ ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला बिहार के वैशाली जिले से सामने आया है।
यहां के मशहूर ‘ सर्प मित्र’ जेपी यादव, जो वर्षों से सैकड़ों सांपों को बचाते आ रहे थे, एक जहरीले कोबरा के डसने से अपनी जान गंवा बैठे।

जीवनभर जिन सांपों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर उन्होंने उन्हें बचाया, उन्हीं में से एक ने आज उनकी जिंदगी छीन ली।
सांपों के प्रति समर्पित उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकेगा।
राजापाकर प्रखंड के बाकरपुर पंचायत निवासी जे.पी.यादव, जिन्हें ‘ सर्प मित्र’ के नाम से भी जाना जाता था, वर्षों से सांपों की जान बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के काम में जुटे हुए थे। लेकिन आज एक रेस्क्यू ऑपरेशन उनके जीवन का आखिरी बन गया।
गांव के ही दुकानदार राजन कुमार के गोदाम में एक जहरीली सांप के घुस आने की खबर मिली थी। सूचना मिलते ही जे.पी.यादव मौके पर पहुंचे और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सांप को बाहर निकालने का प्रयाय किया। उन्होंने सफलतापूर्वक सांप को पकड़ भी लिया था, लेकिन उसी दौरान सांप ने उन्हें डस लिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जब जे.पी यादव को सांप ने डस लिया, तो उन्होंने शुरुआत में इसे नजरंदाज कर दिया। वे पहले की तरह ही सांप को डिब्बे में सुरक्षित रखने की कोशिश करने लगे। लेकिन तभी उनकी तबियत अचानक बिगड़ने लगी और वे मौके पर जमीन पर गिर पड़े।
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एक योद्धा की चुपचाप विदाई
गांव के लोग इसे केवल एक मौत नहीं, बल्कि प्रकृति के एक सच्चे रक्षक की विदाई बता रहे हैं।

जे.पी.यादव का साहस, समर्पण और सेवा भावना वर्षों से लोगों दिलों में बसी थी। उन्होंने न केवल सैकड़ों सांपों की जान बचाई, बल्कि कई गांवों में लोगों की जिंदगी भी खतरे से बाहर निकाली।
यह उनकी यह निस्वार्थ सेवा और जीवों के प्रति प्रेम हमेशा एक प्रेरणा के रूप याद किया जाएगा।