संक्षेप (Summary) Bihar elections विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों में NDA ने भारी बढ़त बनाई है—BJP 197 और JDU 79 सीटों पर आगे है। इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए SIR (Statutory Revision of Electoral Roll) को “चुनावी खेल” बताया।उन्होंने कहा कि SIR के तहत वोट काटकर विपक्ष को नुकसान पहुंचाया गया और यह प्लान अब अन्य राज्यों—UP, बंगाल और तमिलनाडु—में नहीं होने दिया जाएगा।अखिलेश ने “PPTV यानी PDA प्रहरी” का नया नारा देते हुए कहा कि अगला चुनाव PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) को केंद्र में रखकर लड़ा जाएगा और निगरानी बढ़ाई जाएगी।रुझानों में NDA को ऐतिहासिक बढ़त मिलते हुए देखा गया, जबकि महागठबंधन सिर्फ 41 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। SIR के तहत 44 लाख वोटर नाम कटने का मामला भी विवाद का केंद्र बना है।
सोशल मीडिया पर अखिलेश के बयान पर दोनों तरफ की प्रतिक्रियाएँ चलीं—कुछ ने इसे “वोट चोरी” कहा, तो कुछ ने इसे “हार का बहाना” बताया।विशेषज्ञों के अनुसार, NDA की लहर, महिलाओं का रिकॉर्ड समर्थन, और तीसरे दलों के वोट कटाव ने इस चुनाव को पूरी तरह एकतरफा बना दिया है।
Bihar elections हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे… बिहार चुनाव रुझानों पर भड़के अखिलेश यादव, SIR पर लगाया बड़ा आरोप
Bihar elections विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों ने देशभर की राजनीतिक हवा बदल दी है। NDA ऐतिहासिक बढ़त के साथ आगे है और दोपहर 1 बजे तक BJP अकेले 197 सीटों पर आगे चल रही थी। वहीं जेडीयू 79 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। महागठबंधन का ग्राफ तेजी से गिरता दिख रहा है, जबकि NDA 2010 जैसी बड़ी जीत की ओर बढ़ रहा है।
इसी बीच समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने बिहार के रुझानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एक बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में SIR प्रक्रिया का “खेल” हुआ है और इसे वे आने वाले राज्यों में बिल्कुल नहीं होने देंगे।
बिहार में जो खेल SIR ने किया है, अब नहीं होने देंगे”—अखिलेश का गंभीर आरोप
NDA की प्रचंड बढ़त के बीच अखिलेश यादव ने X (ट्विटर) पर लिखा—

बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाकी जगह पर अब नहीं हो पायेगा। क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल इनको नहीं खेलने देंगे।”
अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया (Statutory Revision of Electoral Roll) के तहत बड़ी संख्या में वोटरों के नाम काटे गए, जिसका सीधा नुकसान विपक्ष को हुआ।
उनका दावा है कि:
- हजारों लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब मिले
- जिन इलाकों में विपक्ष को समर्थन मिलता था, वहां नाम कटौती ज्यादा हुई
- यह “सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहने वाला प्लान” था
अखिलेश का यह बयान चुनावी रुझानों पर विपक्ष की बेचैनी और गहरी राजनीतिक चिंता को दर्शाता है।
PPTV यानी PDA प्रहरियों की निगरानी रहेगी”—अखिलेश का नया राजनीतिक नारा
अखिलेश आगे लिखते हैं:
“CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘PDA प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा।”
PDA यानी:
- पिछड़े
- दलित
- अल्पसंख्यक
समाजवादी पार्टी का यह सोशल बेस, जिसे अखिलेश लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका दावा है कि बिहार में जो हुआ, वह भविष्य की चेतावनी है और वे आगे इसे नहीं होने देंगे।

बिहार के रुझान—NDA की ऐतिहासिक बढ़त, विपक्ष हाशिये पर
चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार:
- BJP: 197 सीटों पर आगे
- JDU: 79 सीटों पर बढ़त
- LJP(R): 21 सीटें
- HAM: 5 सीटें
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 3 सीटें

यानी NDA 2010 के बाद सबसे बड़ी जीत की ओर बढ़ रहा है।
वहीं महागठबंधन:
- कुल 41 सीटों पर आगे
- RJD और कांग्रेस दोनों की सीटें 2020 के मुकाबले भारी गिरावट पर
- लेफ्ट दल रुझानों में लगभग गायब
SIR का मामला इतना विवादित क्यों?
SIR यानी Statutory Revision of Electoral Roll
जो हर चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की सफाई करता है।
लेकिन इस बार विवाद इसलिए बड़ा है क्योंकि:
- बिहार में 44 लाख नाम काटे गए
- कई जगहों पर परिवारों के पूरे-पूरे नाम गायब
- अल्पसंख्यक और गरीब इलाकों में विशेष रूप से कटौती
विपक्ष का आरोप है कि यह “सिस्टमेटिक कटौती” थी, जबकि सरकार और आयोग इसे तकनीकी प्रक्रिया बताते हैं।
क्या अखिलेश की नाराज़गी सिर्फ रुझानों का असर है?
राजनीतिक विशेषज्ञों की राय:
अखिलेश बिहार के परिणामों के आधार पर UP 2027 की तैयारी कर रहे हैं
SIR का मुद्दा वे उत्तर प्रदेश में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहेंगे
बिहार में विपक्ष की हार से 2024 की तरह नैरेटिव कमजोर हुआ है
इसलिए अखिलेश इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश करेंगे
बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे।CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा।…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 14, 2025
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और समर्थन—दोनों दिखा असर
अखिलेश के बयान पर सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएँ मिलीं:
विपक्षी समर्थक:
“बिलकुल सच, नाम काटकर खेल कर दिया गया।”
NDA समर्थक:
“हारते ही EVM, अब SIR—ये नया बहाना है क्या?”
यह साफ दिख रहा है कि बिहार चुनाव सिर्फ एक राज्य का परिणाम नहीं, बल्कि देश की राजनीति का बड़ा विमर्श बन गया है।
बिहार चुनाव 2025—परिणाम क्या बताते हैं?
- NDA की लहर इतनी मजबूत है कि विपक्ष मुक़ाबला नहीं कर पाया
- अधिकांश क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं का वोट NDA के साथ गया
- तीसरे दलों (जनसुराज, AIMIM आदि) ने भी विपक्ष का वोट काटा
- SIR ने नतीजों को कितना प्रभावित किया, इसका निष्कर्ष अभी बहस का विषय है
लेकिन एक बात साफ है—