Wednesday, February 4, 2026

Jamui election परिणाम: BJP की श्रेयसी सिंह की रिकॉर्ड जीत, RJD के शमशाद आलम 51 हजार वोटों से पराजित

by Sujal
Jamui election विधानसभा चुनाव 2025 में BJP की श्रेयसी सिंह ने RJD उम्मीदवार शमशाद आलम को करीब 51,000 वोटों से हराया। जन सुराज पार्टी तीसरे स्थान पर रही। जानें—मतदान प्रतिशत, इतिहास, जातीय समीकरण और पूरी रिपोर्ट।

संक्षेप (Summary)  Jamui election विधानसभा चुनाव 2025 में BJP की श्रेयसी सिंह ने RJD के शमशाद आलम को 51,000 से अधिक वोटों से हराकर प्रचंड जीत हासिल की।यह लगातार दूसरी बार है जब जमुई ने श्रेयसी सिंह पर भरोसा जताया है।इस सीट पर कुल 12 उम्मीदवार थे, लेकिन मुकाबला सीधे BJP बनाम RJD रहा, जबकि प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी तीसरे नंबर पर भी 6,000 वोट तक नहीं जुटा पाई।जमुई और आसपास की सीटों पर भारी मतदान (69%-72%) हुआ, जिसमें महिलाओं ने बड़ी भूमिका निभाई और माना जा रहा है कि उनका झुकाव सीधे श्रेयसी सिंह के पक्ष में रहा।2020 में पहली बार जीती BJP ने इस बार अपना अंतर कई गुना बढ़ा लिया, जिससे यह साफ हो गया कि जमुई में श्रेयसी सिंह की पकड़ बेहद मजबूत है।जमुई के जातीय समीकरण—यादव, मुस्लिम और राजपूत वोट—इस बार BJP के पक्ष में रहे, जबकि RJD को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।जनसुराज और कांग्रेस-राजद दोनों ही क्षेत्र में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।यह नतीजा बताता है कि जमुई में विकास + स्थानीय नेतृत्व + महिला समर्थन का फार्मूला BJP को बड़ी जीत दिलाता रहा है।

जमुई में BJP की श्रेयसी सिंह की प्रचंड जीत—RJD के शमशाद आलम को 51 हजार वोटों से हराया, जनसुराज का खाता नहीं खुला

Jamui election विधानसभा चुनाव 2025 में जिस सीट पर सबसे ज्यादा चर्चा रही, वह थी जमुई विधानसभा सीट—एक हाईप्रोफाइल और राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प इलाका।रुझान शुरू होते ही स्पष्ट हो गया था कि इस बार भी यहां BJP की श्रेयसी सिंह का दबदबा कायम है, और जैसे-जैसे वोट गिने गए, अंतर इतना बढ़ गया कि मुकाबला एकतरफा हो गया।श्रेयसी सिंह ने RJD के शमशाद आलम को 51,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया।यह जीत न केवल बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जमुई में श्रेयसी सिंह की लोकप्रियता और राजनीतिक पैठ लगातार मजबूत होती जा रही है।


जमुई में श्रेयसी सिंह की प्रचंड जीत—51 हजार वोटों से आरजेडी को पटखनी

जमुई विधानसभा सीट पर 12 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन मुकाबला शुरू से ही BJP और RJD के बीच दिख रहा था।
श्रेयसी सिंह ने मतदान के पहले ही दिन जिस प्रकार का जनसमर्थन देखा था, उससे संकेत मिल रहे थे कि सीट पर भाजपा की पकड़ मजबूत है।

अंतिम नतीजे इस प्रकार रहे:

  • BJP – श्रेयसी सिंह: प्रचंड जीत (51,000+ अंतर)
  • RJD – शमशाद आलम: हार
  • जनसुराज – अनिल प्रसाद साह: 6,000 वोट भी नहीं मिले

श्रेयसी सिंह को दूसरी बार टिकट देना BJP की रणनीतिक चाल साबित हुई, जिसने उन्हें लगातार दूसरी बार जमुई की प्रतिनिधि बना दिया।


मतदान प्रतिशत दमदार—जमुई, झाझा और चकाई में भारी वोटिंग

जमुई चुनाव 2025 में मतदान प्रतिशत अभूतपूर्व रहा।
मतदाताओं का उत्साह देखने लायक था, जिसने चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल दिया।

जमुई सीट पर कुल मतदान:

Jamui Chunav Result 2025: जमुई में श्रेयसी सिंह ने जीत दर्ज की, राजद के शमशाद  आलम को दी शिकस्त - Bihar News

69.38%

आसपास की सीटों पर मतदान:

  • झाझा – 71.63%
  • चकाई – 72.79%
  • सिकंदरा – 64.40%

जमुई विधानसभा:

  • पुरुष मतदाता: 1,62,867
  • महिला मतदाता: 1,48,884

महिलाओं ने इस चुनाव में बड़ी भूमिका निभाई, और माना जा रहा है कि उनका वोट बड़ी संख्या में श्रेयसी सिंह के पक्ष में गया।


2020 में पहली बार जीती BJP—2025 में और बड़ा अंतर

जमुई सीट भाजपा के लिए 2020 में पहली बार खुली थी।
उस समय श्रेयसी सिंह ने विजय प्रकाश यादव (RJD) को हराया था।

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Jamui Election परिणाम: Bjp की श्रेयसी सिंह की रिकॉर्ड जीत, Rjd के शमशाद आलम 51 हजार वोटों से पराजित 8

2025 में:

  • अंतर पहले से कई गुना बढ़ गया
  • विपक्ष पिछड़ता गया
  • जनसुराज पूरी तरह नदारद दिखी

यह साफ संकेत है कि श्रेयसी सिंह ने सिर्फ BJP का वोट नहीं, बल्कि जमुई की स्थानीय जमीन पर अपनी मजबूत पकड़ भी बना ली है।


जनसुराज पार्टी की करारी हार—अनिल प्रसाद तीसरे नंबर पर भी संघर्षरत

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का जमुई में खास प्रचार रहा था।
लेकिन नतीजे बेहद निराशाजनक रहे—

  • तीसरे स्थान पर आने के बावजूद
  • अनिल प्रसाद साह 6,000 वोट भी नहीं जुटा सके
  • पूरे क्षेत्र में जनसुराज का प्रभाव नगण्य रहा

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • जनसुराज की जड़ें अभी मजबूत नहीं
  • ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी स्वीकार्यता कम
  • जातीय समीकरण भी इनके पक्ष में नहीं रहे

जमुई—एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर

जमुई का इतिहास बेहद समृद्ध है।
इसका पुराना नाम जांभ्ययाग्राम माना जाता है।

मुख्य ऐतिहासिक स्थल:

ऋजुपालिका नदी का महत्व

जैन धर्मग्रंथों के अनुसार, भगवान महावीर को यहीं ज्ञान प्राप्त हुआ था।

गिद्धेश्वर मंदिर

यह एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जो स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है।

पत्नेश्वर मंदिर

जमुई का 800 वर्ष पुराना मंदिर, जो ऐतिहासिक धरोहर माना जाता है।

जमुई का सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व काफी गहरा है, जो इसे एक विशेष पहचान देता है।


जमुई विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास—नेताओं का बदलता किला

जमुई विधानसभा में अब तक 17 चुनाव हो चुके हैं और राजनीतिक समीकरण कई बार बदले हैं।

कांग्रेस का दौर

कांग्रेस ने यहां 5 बार जीत दर्ज की।

अन्य पार्टियों का उदय

  • 1957: CPI की जीत
  • बाद में सपा, जनता दल, जदयू आदि का प्रभाव
  • RJD ने भी कई बार जीत हासिल की

2020 में BJP का उदय

श्रेयसी सिंह ने पहली बार भाजपा को जीत दिलाई और इतिहास बदला।

2025 में इस जीत को और मजबूत करते हुए उन्होंने भाजपा को जमुई में निर्णायक बढ़त दिलाई।


जातीय समीकरण—क्यों श्रेयसी सिंह को मिला भारी समर्थन?

जमुई में जातीय समीकरण चुनाव जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्य वोटर समूह:

  • यादव
  • मुस्लिम
  • राजपूत

इस बार जो समीकरण बना, वह BJP के पक्ष में रहा:

यादव वोटों का बंटवारा

RJD को पूरा समर्थन नहीं मिला।

मुस्लिम वोट स्थिर नहीं रहे

कई बूथों पर विभाजित वोटिंग दिखी।

राजपूत वोट पूर्ण रूप से BJP के पक्ष में

श्रेयसी सिंह के लिए निर्णायक साबित हुआ।

महिलाओं का वोट

श्रेयसी सिंह की व्यक्तिगत लोकप्रियता और महिला योजनाओं का बड़ा असर दिखा।


श्रेयसी सिंह—खेल से राजनीति तक का सफर, क्यों बढ़ रही लोकप्रियता?

श्रेयसी सिंह सिर्फ नेता ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की पूर्व शूटिंग स्टार भी हैं।
उनकी सादगी, जनसंपर्क और लगातार ग्राउंड कनेक्शन ने उन्हें जनता का अपना नेता बना दिया है।

उनके प्रमुख गुण:

  • जमीन से जुड़ी छवि
  • महिलाओं और युवाओं में लोकप्रिय
  • विकास पर फोकस
  • खेल से सामाजिक कार्यों तक की मजबूत पहचान
  • तेजस्वी यादव या अन्य विपक्षी नेताओं के मुकाबले सरल और approachable छवि

उनकी जीत सिर्फ BJP की जीत नहीं, बल्कि व्यक्तिगत नेतृत्व की जीत भी मानी जा रही है।

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