संक्षेप (Summary): Tej Pratap Yadav की पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) ने बिहार की NDA सरकार को नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया है। चुनाव में 44 सीटों पर लड़ने के बावजूद पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी, लेकिन तेज प्रताप ने हार को जनता की जीत बताया। पार्टी की बैठक में तेज प्रताप ने अपनी बहन रोहिणी आचार्य को राष्ट्रीय संरक्षक बनाने का प्रस्ताव रखने की बात भी कही।चुनावी नतीजों के बाद तेज प्रताप ने फेसबुक पोस्ट में कांग्रेस और तेजस्वी यादव पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि “जयचंदों” ने RJD को भीतर से कमजोर कर दिया है और तेजस्वी अब “फेलस्वी” हो गए हैं।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, NDA को नैतिक समर्थन देने का कदम तेज प्रताप की RJD से दूरी और अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश को दर्शाता है। रोहिणी आचार्य की सक्रियता JJD की रणनीति में नया आयाम जोड़ सकती है।तेज प्रताप ने कहा कि वह हारकर भी जीते हैं, क्योंकि उनके पास जनता का प्यार और आशीर्वाद है।
Tej Pratap Yadav की पार्टी ने NDA सरकार को दिया ‘नैतिक समर्थन’, रोहिणी आचार्य को राष्ट्रीय संरक्षक बनने का ऑफर
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राजद नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) ने राज्य की NDA सरकार को ‘नैतिक समर्थन’ देने की घोषणा कर दी है। चुनाव में एक भी सीट न जीत पाने के बावजूद पार्टी ने राजनीतिक तौर पर यह बड़ा कदम उठाया है।

JJD की अहम मीटिंग में लिया गया बड़ा फैसला
पटना में आयोजित जनशक्ति जनता दल की अहम बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। इसी बैठक में तेज प्रताप यादव ने अपनी बहन रोहिणी आचार्य को पार्टी का राष्ट्रीय संरक्षक बनाने का प्रस्ताव रखने की बात कही।
JJD के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम यादव ने जानकारी दी कि तेज प्रताप ने मीटिंग के दौरान कहा:
“मैं जल्द ही रोहिणी दीदी से रिक्वेस्ट करूंगा कि वह हमारी पार्टी की राष्ट्रीय संरक्षक बनें।”
यह प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव की आलोचना को लेकर चर्चा में रहती हैं और पार्टी की रणनीति में उनका सक्रिय योगदान देखा जा सकता है।

44 सीटों पर लड़ी पार्टी, लेकिन खाता भी नहीं खुला
इस विधानसभा चुनाव में जनशक्ति जनता दल ने कुल 44 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। इसके बावजूद तेज प्रताप यादव ने हार को सकारात्मक संदेश बताया और कहा कि:
“हमारी हार में भी जनता की जीत छिपी है।”
उन्होंने चुनाव परिणाम को लोकतांत्रिक जनादेश बताते हुए साफ कहा कि वे जनता के फैसले का सम्मान करते हैं।
फेसबुक पोस्ट में तेज प्रताप का ‘कड़वा सच’ बयान
चुनावी नतीजों के बाद तेज प्रताप यादव ने फेसबुक पर एक लंबी पोस्ट लिखी। इसमें उन्होंने दावा किया कि यह हार उनके लिए ‘नई शुरुआत’ है और यह दिखाती है कि बिहार अब “परिवारवाद नहीं, बल्कि सुशासन और शिक्षा” की राजनीति चाहता है।
उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर भी तीखा हमला किया। तेज प्रताप ने लिखा:
ये जयचंदों की करारी हार है। हमने पहले ही कहा था कि इस चुनाव के बाद बिहार से कांग्रेस खत्म हो जाएगी… और आज साफ दिख भी गया है।
तेजस्वी पर सीधा वार—‘फेलस्वी हो गया’
तेज प्रताप यादव ने अपनी पोस्ट में अपने पिता लालू यादव के बाद अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर सबसे बड़ा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि तेजस्वी यादव ने पार्टी को अंदर से कमजोर किया है।तेज प्रताप के शब्दों में—इन जयचंदों ने आरजेडी को भीतर से खोखला कर दिया है। इसी वजह से आज तेजस्वी यादव फेलस्वी हो गया। जिन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए अपने ही घर को आग लगा दी, इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।”
तेज प्रताप के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक RJD परिवार की गहरी अंदरूनी खाई के रूप में देख रहे हैं।
NDA को ‘नैतिक समर्थन’—क्या है इसका राजनीतिक मतलब?

जनशक्ति जनता दल ने औपचारिक रूप से किसी गठबंधन में शामिल होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन NDA सरकार को ‘नैतिक समर्थन’ देने का फैसला कई मायनों में बड़ा है।
विशेषज्ञ इसकी तीन प्रमुख वजहें मानते हैं:
- तेज प्रताप अब RJD से वैचारिक दूरी बनाकर अपनी स्वतंत्र पहचान गढ़ना चाहते हैं।
- NDA सरकार में शामिल हुए बिना भी वे सत्ता के करीब दिखना चाहते हैं।
- यह कदम उन्हें फिर से राजनीतिक जमीन मजबूत करने में मदद दे सकता है।
रोहिणी आचार्य का नाम क्यों महत्वपूर्ण है?
लालू यादव की सबसे सक्रिय बेटियों में शामिल रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया पर लगातार राजनीति से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहती हैं।उनकी लोकप्रियता और तेज प्रताप के साथ मजबूत रिश्ते की वजह से JJD उन्हें पार्टी में बड़ी भूमिका देने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार:
- इससे तेज प्रताप को मजबूत पारिवारिक समर्थन मिलेगा।
- JJD को बिहार की राजनीति में नई विश्वसनीयता मिल सकती है।
- RJD में पहले से मौजूद परिवारिक मतभेद और गहरे हो सकते हैं।
तेज प्रताप का संदेश—‘हम हारकर भी जीते
अपनी पोस्ट के अंत में तेज प्रताप यादव ने एक भावुक बयान लिखा जिसमें उन्होंने कहा:
मैं तो हारकर भी जीता हूं, क्योंकि मेरे साथ जनता का प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद है।