Delhi में दमघोंटू हवा! CM रेखा गुप्ता की अपील — कार पूलिंग और वर्क फ्रॉम होम से करें प्रदूषण पर नियंत्रण
नई दिल्ली:
Delhi राजधानी दिल्ली एक बार फिर धुंध और धुएं के जाल में फंस गई है। हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से खास अपील की है।
सीएम ने कहा है कि “अगर हमें दिल्ली को बचाना है, तो अब सबको मिलकर कदम उठाना होगा।” उन्होंने लोगों से कारपूलिंग अपनाने और निजी संस्थानों से अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने की अपील की है।
हवा में जहर, सांस लेना हुआ मुश्किल
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बीते एक हफ्ते से लगातार बढ़ रहा है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई इलाकों में 450 से ऊपर पहुंच चुका है, जो ‘गंभीर श्रेणी (Severe Category)’ में आता है।
इस स्तर पर सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो लोगों के फेफड़े स्थायी रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने लोगों से की अपील — “साझा जिम्मेदारी है दिल्ली को बचाना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा बैठक बुलाई।
बैठक के बाद उन्होंने कहा,
दिल्ली की हवा लगातार खराब हो रही है। यह सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह समाधान का हिस्सा बने। मैं सभी से अनुरोध करती हूं कि अधिक से अधिक लोग कारपूलिंग का उपयोग करें। इससे सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम होगी और प्रदूषण घटेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने कई स्तरों पर कदम उठाए हैं, लेकिन जनसहयोग के बिना यह लड़ाई अधूरी रहेगी।
निजी संस्थानों से अपील — “वर्क फ्रॉम होम से मिल सकती है राहत”

सीएम गुप्ता ने निजी कंपनियों, दफ्तरों और कॉरपोरेट सेक्टर से भी खास अपील की।
उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दें।
इससे ट्रैफिक लोड और ईंधन की खपत में कमी आएगी, जो प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक है।
उन्होंने बताया कि कुछ निजी कंपनियों ने इस दिशा में कदम बढ़ा भी दिया है।
सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव ट्रैफिक और धुआं घटाने की कोशिश
दिल्ली सरकार ने पहले ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकारी दफ्तरों के टाइमिंग में बदलाव कर दिया है।
नई व्यवस्था 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी।
- दिल्ली सरकार के कार्यालय: सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक
- दिल्ली नगर निगम (MCD) के कार्यालय: सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक

सीएम गुप्ता ने कहा कि यह बदलाव सड़कों पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने कहा,
सरकारी और निगम दफ्तरों का समय लगभग एक जैसा था। सुबह और शाम को ट्रैफिक जाम से न सिर्फ लोगों को परेशानी होती थी, बल्कि वाहनों के धुएं से प्रदूषण और बढ़ता था।”
पुराने समय में सिर्फ 30 मिनट का अंतर, ट्रैफिक से बढ़ रहा था प्रदूषण
पहले सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक और
नगर निगम दफ्तरों का समय सुबह 9:00 से शाम 5:30 बजे तक था।
इन दोनों में सिर्फ 30 मिनट का अंतर था।
सुबह और शाम को जब दोनों जगह के कर्मचारी एक साथ निकलते थे,
तो सड़कों पर भारी जाम और धुआं फैल जाता था।
नई व्यवस्था से इस दबाव को कम करने की उम्मीद की जा रही है।
बढ़ते प्रदूषण पर दिल्ली सरकार का एक्शन प्लान
सीएम रेखा गुप्ता ने पर्यावरण विभाग और संबंधित एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर प्रदूषण से निपटने के उपाय तय किए हैं।
इनमें शामिल हैं:
- सड़कों पर पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण अभियान
- निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन का अनिवार्य प्रयोग
- स्कूलों में पर्यावरण जागरूकता अभियान
- और खुले में कूड़ा या पत्ते जलाने पर सख्त कार्रवाई
उन्होंने कहा कि सरकार पराली जलाने वाले राज्यों से भी समन्वय कर रही है, ताकि दिल्ली में आने वाला बाहरी धुआं कम किया जा सके।
प्रदूषण से बिगड़ रही है सेहत, अस्पतालों में बढ़े मरीज
AIIMS और LNJP अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बीते कुछ दिनों में
सांस, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस से पीड़ित मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है।
बच्चों और बुजुर्गों में यह स्थिति और खतरनाक है।
डॉक्टरों का कहना है कि लोग सुबह-सुबह व्यायाम या दौड़ने से बचें
और N95 मास्क का इस्तेमाल करें।
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