Delhi Blast LIVE: लाल किला मेट्रो स्टेशन आज भी बंद, जैश की ‘महिला आतंकी डॉक्टर’ शाहीन सईद का लखनऊ कनेक्शन उजागर
नई दिल्ली।
देश की राजधानी दिल्ली में हुए लाल किला बम धमाके के बाद हालात अब भी सामान्य नहीं हैं। मंगलवार, 12 नवंबर को भी लाल किला मेट्रो स्टेशन बंद रहेगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया है। इस बीच, धमाके में मारे गए 9 लोगों के परिवारों को प्रत्येक को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है।लेकिन इस धमाके के पीछे की कहानी अब और भी खौफनाक होती जा रही है —
क्योंकि जांच में सामने आया है कि इस आतंकी साजिश के केंद्र में कोई अनजान आतंकी नहीं, बल्कि “डॉक्टर शाहीन सईद” नाम की एक महिला डॉक्टर है, जो जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की प्रमुख बताई जा रही है।
लाल किला मेट्रो स्टेशन रहेगा बंद: सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी जारी
दिल्ली पुलिस, एनआईए और विशेष सेल की टीमों ने पूरे लाल किला मेट्रो स्टेशन परिसर को ‘सुरक्षा जोन’ घोषित कर दिया है।
एनएसजी (NSG) की बम डिस्पोजल टीम अब भी आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है।
डीएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक,
लाल किला स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है। मेट्रो ट्रेनें बिना रुके स्टेशन से गुजरेंगी। सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा के बाद ही स्टेशन खोला जाएगा।”
इस दौरान आसपास के इलाकों में भी सीसीटीवी स्कैनिंग, डॉग स्क्वॉड जांच और मेटल डिटेक्शन बढ़ा दिए गए हैं।
पीड़ित परिवारों को मिलेगा 10 लाख का मुआवज़ा
दिल्ली सरकार ने धमाके में मारे गए 9 नागरिकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि
यह एक आतंकी हमला है। हम केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”साथ ही घायल लोगों के लिए फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट की व्यवस्था की गई है।
‘किलर डॉक्टर’ नेटवर्क का लखनऊ लिंक सामने आया
जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक और चौंकाने वाला खुलासा मिला है।
आतंकी डॉक्टरों के इस नेटवर्क की महिला प्रमुख डॉ. शाहीन सईद का घर लखनऊ के लाल बाग इलाके में मिला है।सूत्रों के अनुसार, डॉ. शाहीन अल फलाह यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद) से जुड़ी हुई थी और वहां मेडिकल साइंस की फैकल्टी में कार्यरत थी।
वह जैश-ए-मोहम्मद की महिला शाखा “जमात-उल-मोमिनात” की भारतीय इकाई की कमांडर थी।
लखनऊ में ATS की छापेमारी, डॉ. शाहीन फरार
यूपी एटीएस की टीम ने लखनऊ के लाल बाग इलाके में स्थित डॉक्टर शाहीन सईद के घर पर छापा मारा।
टीम को घर बंद मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि शाहीन पिछले 5-6 दिनों से गायब है।एटीएस को वहां से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कुछ रासायनिक पदार्थ और एक नोटबुक मिली है, जिसमें जैश के कुछ कोडवर्ड्स लिखे हुए हैं।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,डॉ. शाहीन का नाम दिल्ली धमाके के आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल शकील की कॉल रिकॉर्ड्स में मिला है। दोनों के बीच पिछले तीन महीनों में 57 कॉल्स और 19 वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई थीं।”
डॉक्टर मुजम्मिल से निकटता, 2900 किलो विस्फोटक बरामद
फरीदाबाद पुलिस और एनआईए ने हाल ही में डॉक्टर मुजम्मिल शकील के दो किराए के कमरों से कुल 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक पदार्थ बरामद किए थे।
डॉ. शाहीन सईद उन्हीं के संपर्क में थी और कथित तौर पर विस्फोटक के रासायनिक फॉर्मूले पर चर्चा करती थी।एनआईए को इस बात के प्रमाण मिले हैं कि दोनों ने कई बार ऑनलाइन मीटिंग्स के माध्यम से विस्फोटक तैयार करने की तकनीक पर चर्चा की थी।
डॉ. शाहीन, जैश की पाकिस्तानी शाखा की प्रमुख सादिया अजहर (मसूद अजहर की बहन) के सीधे संपर्क में थी।
अल फलाह यूनिवर्सिटी में बढ़ रही है जांच
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी अब जांच के घेरे में है।
डॉ. शाहीन, डॉ. मुजम्मिल और डॉ. आदिल — तीनों इसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाते थे।
अब एनआईए ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से उन सभी छात्रों की सूची मांगी है, जिन्होंने पिछले एक साल में कश्मीरी मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (KMSA) से संबंध रखा था।यूनिवर्सिटी के लैब्स और हॉस्टल्स की तलाशी में केमिकल सैंपल, लेब नोट्स और सर्किट डिवाइस भी बरामद हुए हैं।
धमाके से पहले दिल्ली में हुई थी गुप्त मीटिंग
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, धमाके से तीन दिन पहले, डॉ. शाहीन सईद दिल्ली आई थी।
उसने फरीदाबाद में डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर उमर मोहम्मद से मुलाकात की थी।
उसी मीटिंग में धमाके का टाइम और लोकेशन तय की गई थी।ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ आई20 कार भी फरीदाबाद से खरीदी गई थी और उसका पंजीकरण नकली था।
डॉ. उमर मोहम्मद बना ‘सुसाइड बॉम्बर’
दिल्ली ब्लास्ट में जो कार सवार हमलावर मारा गया, उसकी पहचान डॉ. उमर मोहम्मद के रूप में हुई है।
वह कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गांव का रहने वाला था।
उसने अल फलाह यूनिवर्सिटी में एमडी (मेडिसिन) की पढ़ाई पूरी की थी।जांच में यह भी सामने आया कि उमर ने सुसाइड मिशन से कुछ घंटे पहले डॉ. शाहीन को वीडियो कॉल किया था और कहा —मैं अल्लाह की राह में जा रहा हूं।”यह कॉल पाकिस्तान स्थित जैश के सर्वर पर भी रिकॉर्ड हुई थी।
12 नवंबर को दिल्ली में हाई अलर्ट
दिल्ली पुलिस ने अब भी राजधानी को हाई अलर्ट पर रखा है।
विशेष रूप से लाल किला, जामा मस्जिद, इंडिया गेट और कनॉट प्लेस के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है।
ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो स्टेशन, बस अड्डों और रेलवे टर्मिनलों के आसपास सख्त चेकिंग के निर्देश दिए हैं।
संदिग्ध वाहनों की तलाशी जारी है।
एनआईए की नई टीम करेगी केस की निगरानी
गृह मंत्रालय ने इस केस की जांच के लिए एनआईए की विशेष टीम गठित की है।
इस टीम में आतंकवाद निरोधक विशेषज्ञ, फॉरेंसिक अधिकारी और साइबर यूनिट के अधिकारी शामिल हैं।
एनआईए के डीजी दिनकर गुप्ता ने बताया,
हमारे पास आतंकी डॉक्टरों के नेटवर्क से जुड़े ठोस सबूत हैं। यह केवल दिल्ली तक सीमित नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर तक फैला है।”
डॉक्टरों के नाम पर आतंक का नया चेहरा
दिल्ली ब्लास्ट ने यह साबित कर दिया है कि अब आतंक का चेहरा बदल चुका है।
जहां पहले बंदूक और बारूद से लड़ने वाले आतंकवादी दिखते थे, अब स्टेथोस्कोप और लैब कोट वाले आतंकवादी सामने आ रहे हैं।
इन डॉक्टरों ने मेडिकल साइंस की शिक्षा का इस्तेमाल मानवता के खिलाफ किया।
इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती और बढ़ गई है।
मृतकों के परिवारों में ग़म, लेकिन उम्मीद भी
लाल किला धमाके में मारे गए लोगों के परिवार अब भी सदमे में हैं।
राजीव चौक निवासी 38 वर्षीय राहुल शर्मा के पिता ने कहा,
हम अपने बेटे को खो चुके हैं, लेकिन उम्मीद है कि सरकार दोषियों को सज़ा दिलाएगी।”
केंद्र सरकार ने भी वादा किया है कि पीड़ितों के परिवारों को दीर्घकालिक सहायता दी जाएगी।