संक्षेप: Janakpuri में खुले सीवर गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल की मौत के मामले में पुलिस ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि खुदाई स्थल पर कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं थे और हादसे के बाद भी पुलिस को समय पर सूचना नहीं दी गई। कई अन्य जिम्मेदार लोग भी पुलिस के रडार पर हैं।
Janakpuri हादसा: खुले गड्ढे ने छीनी 25 वर्षीय कमल की जान
Janakpuri दिल्ली के जनकपुरी में सीवर खुदाई के खुले गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। जांच के दौरान सामने आया कि खुदाई के बाद गड्ढे को बिना ढके छोड़ दिया गया था, जिससे यह हादसा हुआ।
हादसे का गवाह बना एक परिवार, तुरंत दी थी सूचना
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हादसे के वक्त एक परिवार मौके से गुजर रहा था। परिवार ने कमल को गहरे गड्ढे में गिरते हुए देखा और तुरंत वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड और पास के टेंट में रह रहे एक कर्मचारी को जानकारी दी। यह कर्मचारी सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति का ही आदमी था।
सूचना मिलने के बाद भी नहीं दी गई पुलिस को खबर

कर्मचारी ने तुरंत फोन कर राजेश प्रजापति को पूरी घटना बता दी। सूत्रों के मुताबिक, राजेश रात में मौके पर पहुंचा और उसने गड्ढे में गिरी बाइक और कमल को देखा। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि सब कुछ देखने के बावजूद उसने पुलिस को सूचना नहीं दी और चुपचाप घर लौट गया। यही बात अब उसके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गई है।
पहली गिरफ्तारी, कई और लोग पुलिस के रडार पर
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जल्द ही कॉन्ट्रैक्टर्स, इंजीनियरों और साइट मैनेजमेंट से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी आई सामने
एफआईआर के मुताबिक, खुदाई स्थल पर सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक नहीं किए गए थे। न बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड और न ही पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था। यात्रियों को सतर्क करने के लिए रिफ्लेक्टर या हज़ार्ड मार्किंग भी नहीं थी। यहां तक कि मौके पर कोई सुरक्षा गार्ड या मॉनिटरिंग स्टाफ भी मौजूद नहीं था।
क्यों बना मामला ‘गंभीर लापरवाही’ का
घटना के बाद पुलिस को समय पर सूचना न देना और सेफ्टी नॉर्म्स का पालन न करना इस मामले को साधारण दुर्घटना से आगे बढ़ाकर ‘क्रिमिनल नेग्लिजेंस’ की श्रेणी में ले गया है। एफआईआर में साफ तौर पर कहा गया है कि दिल्ली जल बोर्ड की खुदाई के बाद रोड सेफ्टी बहाल नहीं की गई थी।
परिवार ने उठाए जांच पर सवाल
कमल के भाई करन का बयान भी पुलिस ने दर्ज किया है। करन का कहना है कि अब तक की पुलिस जांच से वह संतुष्ट नहीं हैं। उनके मुताबिक, पुलिस ने अभी तक सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा नहीं किए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी लंबित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित थानों से उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिली। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आज शाम तक आ सकती है।
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