संक्षेप में खबर
Turkman Gate hinsa इलाके में फैज ए इलाही मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में अली नाम का युवक “मुसलमानो जागो” कहकर भीड़ को भड़काता दिख रहा है। आरोप है कि मस्जिद गिराने की अफवाह फैलाकर भीड़ जुटाई गई, जिसके बाद पुलिस पर पथराव हुआ।दिल्ली पुलिस ने मामले में स्पेशल टीम गठित कर 50 संदिग्धों की पहचान की है। यूट्यूबर सलमान और खालिद मलिक की भूमिका की भी जांच हो रही है। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है
नई दिल्ली:
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज ए इलाही मस्जिद के पास हुई हिंसा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। ताजा वीडियो में अली नाम का युवक भीड़ को उकसाते हुए “मुसलमानो जागो” जैसे नारे लगाता दिख रहा है। इसी वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर मोड़ ले लिया है।
वीडियो में क्या दिखा: कैसे भड़की भीड़
वीडियो के अनुसार, अली ने मस्जिद पर बुलडोजर चलने की अफवाह फैलाई। इसके बाद, भीड़ ने पुलिस बैरिकेड हटाए और आगे बढ़ते हुए पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अफवाह फैलते ही माहौल तेजी से बिगड़ गया और कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई।

कौन है अली: पहले भी दे चुका है उकसाऊ कॉल
जांच में सामने आया है कि अली पहले भी पुरानी दिल्ली इलाके में “I LOVE Mohammad” नाम से सार्वजनिक कॉल दे चुका है। हालांकि, तब पुलिस ने बिना अनुमति भीड़ जुटाने पर उसे चेतावनी दी थी। बावजूद इसके, उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर कई उकसाने वाले वीडियो मौजूद हैं, जिनकी अब बारीकी से जांच की जा रही है।
सलमान और व्हाट्सएप ग्रुप की भूमिका
तुर्कमान गेट हिंसा मामले में यूट्यूबर सलमान की तलाश भी तेज कर दी गई है। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया के जरिए इलाके के लोगों को इकट्ठा होने के लिए उकसाया। इसके अलावा, कुछ प्रभावशाली लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भीड़ जुटाने की कॉल दी। इन सभी का मकसद माहौल बिगाड़ना और प्रशासन के काम में बाधा डालना बताया जा रहा है।

खालिद मलिक की अपील: ‘घर से बाहर निकलो’
पुलिस जांच में खालिद मलिक नाम के व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। उस पर आरोप है कि उसने अफवाह फैलाई कि मस्जिद गिराई जा रही है। उसने लोगों से कहा, “घर में बैठने से कुछ नहीं होगा, मेरे शेरों बाहर निकलो, पूरी रात काली कर दो।” इस अपील के बाद भीड़ और अधिक आक्रामक हो गई।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम एक्टिव
इस पूरे मामले की जांच के लिए Delhi Police ने स्पेशल टीम गठित की है। पुलिस ने करीब 50 संदिग्धों की पहचान की है।
- एक टीम पत्थर फेंकने वालों की पहचान कर रही है।
- दूसरी टीम सोशल मीडिया और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में लगी है।
इसके साथ ही, समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं की मौजूदगी वाले वीडियो भी पुलिस के पास हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है।
गिरफ्तारी और कोर्ट का फैसला
तुर्कमान गेट पथराव मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। देर रात उन्हें जज के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, पटपड़गंज के शिखा अपार्टमेंट से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की गई है।
हर साजिश की जांच का दावा
दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा से जुड़ी हर साजिश, हर अफवाह और हर भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अली, सलमान और अन्य आरोपियों के बीच आपसी साजिश कितनी गहरी थी।