Friday, March 20, 2026

India की आर्थिक स्थिति 2025: IMF डेलॉयट एडीबी और वर्ल्ड बैंक की भविष्यवाणी

by Sujal
India की अर्थव्यवस्था 2025-26 में मजबूती के साथ बढ़ रही है। IMF, डेलॉयट इंडिया, एडीबी और वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार GDP वृद्धि दर 6.5-6.9% रहने का अनुमान है।

India की आर्थिक स्थिति 2025: विशेषज्ञों का विश्लेषण

India की अर्थव्यवस्था दुनिया में तेजी से उभरती हुई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी टैरिफ जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि और निवेश धारणा में सुधार देश की आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ बनाता दिख रहा है।

इस रिपोर्ट में हम IMF, डेलॉयट इंडिया, एडीबी और वर्ल्ड बैंक की भविष्यवाणी के आधार पर भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति और आने वाले समय की संभावनाओं को समझेंगे।

विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि

Latest And Breaking News On Ndtv

17 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.5 अरब डॉलर बढ़कर 702.3 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक ने बताया कि इसी दौरान भारत का गोल्ड रिजर्व भी 6.2 अरब डॉलर बढ़कर 108.5 अरब डॉलर हो गया।

विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि भारत की अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सुरक्षा का संकेत है। यह भंडार आर्थिक अनिश्चितताओं और वैश्विक आर्थिक झटकों से निपटने में मदद करता है। हालांकि, फॉरेन करेंसी एसेट्स 1.7 अरब डॉलर गिरकर 570.4 अरब डॉलर पर आ गए, जो यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राओं के मूल्य में बदलाव से प्रभावित हुए।

Latest And Breaking News On Ndtv

डेलॉयट इंडिया का अनुमान: 6.7-6.9% की वृद्धि

डेलॉयट इंडिया ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.7 से 6.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। अप्रैल-जून तिमाही में GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही थी।

डेलॉयट के अनुसार घरेलू मांग में तेजी, उदार मौद्रिक नीति और GST 2.0 जैसे सुधार वृद्धि में सहायक होंगे। त्योहारों के दौरान मांग में बढ़ोतरी और मजबूत निजी निवेश भी आर्थिक वृद्धि को बल देंगे।

डेलॉयट की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा, “उपभोक्ताओं की बढ़ी हुई क्रय शक्ति और संरचनात्मक सुधारों से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।”

Latest And Breaking News On Ndtv

IMF का दृष्टिकोण: 6.6% की वृद्धि

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत कर दी है, जो पहले 6.4 प्रतिशत थी। IMF ने कहा कि वृद्धि दर में इजाफा अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन के कारण हुआ है।

IMF का मानना है कि घरेलू मांग में तेजी और GST सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था अमेरिका में बढ़े टैरिफ के नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकेगी।

फिच, S&P और RBI की रिपोर्ट

अमेरिकी रेटिंग एजेंसी फिच ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत कर दी है। फिच ने कहा कि भारत भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच मजबूती से खड़ा है और अगले तीन वर्षों में 6% से अधिक की वृद्धि बनाए रखने में सक्षम है।

S&P के अनुसार मजबूत घरेलू मांग, GST सुधार और आयकर में बदलाव से GDP वृद्धि 6.5% पर स्थिर रहने की संभावना है।

आरबीआई ने भी GDP वृद्धि अनुमान को 6.8 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय गवर्नर ने कहा कि पहली तिमाही की तेजी बनी हुई है। दूसरी तिमाही में 7%, तीसरी में 6.4% और चौथी तिमाही में 6.2% की वृद्धि की उम्मीद है।

Latest And Breaking News On Ndtv

एडीबी की चेतावनी: अमेरिकी टैरिफ का असर

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने बताया कि पहली तिमाही में 7.8% की मजबूत वृद्धि के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि 6.5% रहने की संभावना है। इसके पीछे कारण अमेरिकी टैरिफ का भारतीय निर्यात पर असर है।

ADB ने अप्रैल में 7% की उच्च वृद्धि का अनुमान लगाया था, लेकिन जुलाई में इसे घटाकर 6.5% कर दिया। बैंक ने कहा कि अमेरिकी शुल्क से निर्यात और दूसरी छमाही की संभावनाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

वर्ल्ड बैंक का अनुमान: 6.5%

वर्ल्ड बैंक ने 7 अक्टूबर को भारत की GDP वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान लगाया है। इसका आधार मजबूत घरेलू मांग, ग्रामीण क्षेत्र में रिकवरी और कर सुधारों का सकारात्मक प्रभाव है।

वर्ल्ड बैंक ने कहा कि भारत वित्त वर्ष 2025-26 में दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

Latest And Breaking News On Ndtv

भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती के कारण

  1. घरेलू मांग में वृद्धि: उपभोक्ता खर्च में तेजी और त्योहारों के मौसम में बढ़ोतरी।
  2. GST सुधार: माल एवं सेवा कर प्रणाली में बदलाव से निवेशक और व्यवसायिक धारणा में सुधार।
  3. विदेशी निवेश: अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ संभावित समझौते निवेश धारणा को मजबूत करेंगे।
  4. निवेश और रोजगार: निजी निवेश में तेजी और रोजगार सृजन से आर्थिक विकास को बल।
  5. स्ट्रक्चरल सुधार: वित्तीय, बैंकिंग और कर सुधारों से आर्थिक स्थिरता।

चुनौतियां और जोखिम

हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है, लेकिन कई जोखिम बने हुए हैं:

  • वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं: अमेरिका, रूस, सऊदी अरब और ईरान जैसी स्थितियों का असर।
  • विदेशी टैरिफ और व्यापार युद्ध: अमेरिकी टैरिफ से निर्यात प्रभावित।
  • मुद्रास्फीति और कीमतें: घरेलू कीमतों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों का असर।
  • प्राकृतिक आपदाएं: बाढ़, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदाएं कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें:
Bhartiya TV के साथ पढ़ें हिंदी न्यूज़: हिंदी समाचार, Today Hindi News, Latest Breaking News in Hindi – Bhartiyatv.com

bihar elections 2025: कांग्रेस ने जारी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट राहुल-प्रियंका से सोनिया-खरगे तक शामिल

You may also like

Adblock Detected

Please support us by disabling your AdBlocker extension in your browsers for our website.