संक्षेप (Summary) Noida सेक्टर-150 में निर्माणाधीन इमारत के गहरे गड्ढे में डूबकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। एनटीसी और जनस्वास्थ्य विभाग को भंग कर दिया गया है, लापरवाही के आरोप में अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। एसआईटी जांच पूरी होने के बावजूद रिपोर्ट अब भी लंबित है, जिससे पीड़ित परिवार और आम लोगों में सवाल बने हुए हैं।
Noida मनीष सिंह, नोएडा।
Noida उत्तर प्रदेश के नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में अब प्रशासनिक स्तर पर बड़ा एक्शन देखने को मिला है। सेक्टर-150 स्थित एक बिल्डर की निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबने से 16 जनवरी की देर रात युवराज की जान चली गई थी। इस घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाते हुए एनटीसी (नोएडा ट्रैफिक सेल) और जनस्वास्थ्य विभाग को भंग कर दिया है।

एक हादसा, जिसने सिस्टम की लापरवाही उजागर कर दी
युवराज मेहता की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि समय रहते कार्रवाई न होने का नतीजा मानी जा रही है। मॉल के बेसमेंट के लिए खुदे गड्ढे में पानी भरा हुआ था, लेकिन न तो वहां बैरिकेडिंग थी और न ही पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों ने समय पर ध्यान नहीं दिया।
अधिकारियों पर गिरी गाज, विभागीय जांच शुरू
मामले में नोएडा प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल और वर्क सर्किल-6 के प्रभारी विश्वास त्यागी पर कर्तव्य पालन में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से चार्ज से हटाकर कार्मिक विभाग से अटैच कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

एसआईटी रिपोर्ट अब भी लंबित, सवाल बरकरार
युवराज की मौत के बाद शासन स्तर पर गठित एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन अब तक यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। सिविल और जनस्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है, हालांकि असली जिम्मेदारी किसकी थी, यह अब भी साफ नहीं हो सका है।
सीएम योगी के निर्देश पर गठित हुई थी एसआईटी
इस गंभीर मामले का संज्ञान खुद योगी आदित्यनाथ ने लिया था। उनके निर्देश पर एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर की अगुवाई में चार सदस्यीय एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने पांच दिनों तक जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपी, लेकिन कार्रवाई को लेकर अब भी इंतजार बना हुआ है।
विभाग भंग, जिम्मेदारी वर्क सर्किल अधिकारियों को
नए सीईओ ने घटना के बाद बड़ा फैसला लेते हुए एनटीसी और जनस्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह भंग कर दिया। इन विभागों की जिम्मेदारियां अब सीधे वर्क सर्किल अधिकारियों को सौंप दी गई हैं, ताकि जवाबदेही तय हो सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शहर भर में फेरबदल, खुले गड्ढों पर नजर
नोएडा प्राधिकरण के तहत कुल 10 वर्क सर्किल हैं। युवराज मेहता की मौत के बाद लगभग सभी सर्किल प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल कर दिया गया है। नए सीईओ ने खुले नालों और गड्ढों को लेकर समीक्षा बैठक बुलाई, सभी अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी और मौके पर बैरिकेडिंग, स्ट्रीट लाइट्स और अन्य सुधार कार्य भी शुरू कराए गए हैं।
परिवार को अब भी न्याय का इंतजार
हालांकि प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन युवराज मेहता के परिवार को अब भी एसआईटी रिपोर्ट और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का इंतजार है। यह मामला नोएडा में विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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