संक्षेप में पूरी खबर (Summary) PM Modi देशभर के बैंकों में करीब ₹78,000 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड पड़े हैं। PM मोदी ने HT समिट में बताया कि उनकी सरकार इस पैसे को असली हकदारों तक पहुंचाने के लिए अभियान चला रही है। इंश्योरेंस कंपनियों में ₹14,000 करोड़, म्युचुअल फंड में ₹3,000 करोड़ और डिविडेंट के ₹9,000 करोड़ अभी भी दावा रहित हैं। सरकार 500 जिलों में विशेष कैंप लगाकर हजारों करोड़ रुपये लौट चुकी है। PM ने कहा कि जनता-सरकार के बीच बढ़े विश्वास के कारण यह काम संभव हुआ है।
PM Modi का बड़ा खुलासा—बैंकों में पड़े हैं ₹78,000 करोड़ अनक्लेम्ड
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने HT समिट के मंच से पहली बार देश में पड़े अनक्लेम्ड पैसों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। PM ने बताया कि देश के बैंकों में लोगों के खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य योजनाओं में कुल लगभग ₹78,000 करोड़ रुपये बिना दावे के पड़े हुए हैं। यह पैसा उन लोगों का है जो या तो भूल चुके हैं या फिर उनके परिजनों को इसकी जानकारी नहीं है।

सरकार पैसे खोज-खोजकर लौटा रही है” — PM मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि शुरू से माना जाता रहा है कि सरकार को जो पैसा दे दिया, वह वापस नहीं आता। लेकिन उनकी सरकार ने इस सोच को बदला है।
PM मोदी ने कहा—
यह पैसा गरीबों और मध्यम वर्ग का है। जिसकी हकदारी है, वह भूल चुका है। हमारी सरकार अब उनको ढूंढकर यह पैसा वापस कर रही है।”
इंश्योरेंस, म्युचुअल फंड और डिविडेंट में भी भारी रकम पड़ी
PM मोदी ने आंकड़े साझा करते हुए कहा:

- इंश्योरेंस कंपनियों में अनक्लेम्ड राशि: ₹14,000 करोड़
- म्युचुअल फंड्स में: ₹3,000 करोड़
- अनक्लेम्ड डिविडेंट: ₹9,000 करोड़
इन सभी सेक्टरों में हजारों करोड़ रुपये ऐसे पड़े हुए हैं जिनके मालिकों ने दावा नहीं किया है।
500 जिलों में लगाए जा रहे स्पेशल कैंप—हजा़रों करोड़ लौटाए जा चुके
सरकार इस पैसे को सही व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए देशभर में बड़े स्तर पर अभियान चला रही है।
PM मोदी ने बताया:
- 500 जिलों में विशेष कैंप आयोजित हो रहे हैं
- हजारों लोगों को उनका भूला-बिसरा पैसा वापस मिल चुका है
- सरकारी एजेंसियां अब डेटा मिलान करके हकदारों तक पहुंच रही हैं
PM ने कहा कि सरकार की नीयत साफ हो तो ऐसे काम आसानी से होते हैं।
सेल्फ अटेस्टेशन से बदली सरकारी व्यवस्था
प्रधानमंत्री ने पुराने नियमों पर भी कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा—
- पहले अपने ही दस्तावेज़ों पर सरकारी अधिकारी से ठप्पा लगवाना पड़ता था
- यह जनता और सरकार के बीच अविश्वास को दर्शाता था
- उनकी सरकार ने इसे खत्म करते हुए सेल्फ अटेस्टेशन को पर्याप्त माना
अब नागरिकों को बार-बार सरकारी चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
मुद्रा योजना से खत्म हुआ अविश्वास—₹37 लाख करोड़ का गारंटी-फ्री लोन
PM मोदी ने कहा कि पहले छोटे लोन के लिए भी बैंक गारंटी मांगते थे।
लेकिन उनकी सरकार ने मुद्रा योजना से यह अविश्वास दूर किया।
अब तक:
- ₹37 लाख करोड़ का गारंटी-फ्री लोन दिया गया
- लाखों युवाओं को स्वरोजगार मिला
- ठेला लगाने वाले, छोटे दुकानदार भी बैंक से पैसा ले पा रहे हैं
PM मोदी के अनुसार, यह विश्वास की यात्रा देश को नए आर्थिक दौर की ओर ले जा रही है।
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