Bareilly में बड़ा खुलासा: बरेली में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़, हनी-ट्रैप से फंसाते थे हिंदू युवक
बरेली: उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़े धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह ‘हनी-ट्रैप’ का हथकंडा अपनाकर गरीब और कमजोर हिंदू युवकों को अपने जाल में फंसाता था। मुस्लिम लड़कियों से शादी कराने का लालच देकर इन युवकों को मदरसे में ले जाया जाता था और वहां दबाव डालकर धर्म परिवर्तन कराया जाता था। इस ऑपरेशन में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक मौलवी भी शामिल है।
कैसे सामने आया मामला?
अलीगढ़ निवासी अखिलेश कुमारी ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके दृष्टिहीन बेटे प्रभात उपाध्याय को मुस्लिम लड़की से शादी का झांसा देकर मदरसे में बंधक बनाया गया है। आरोप है कि मौलवी अब्दुल मजीद ने प्रभात को फुसलाया और जबरन धर्मांतरण कराकर उसका नाम बदलकर हामिद रख दिया। इतना ही नहीं, जब प्रभात ने अपनी मां से संपर्क करने की बात कही तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने बरेली में ऑपरेशन चलाया और प्रभात को सुरक्षित बाहर निकाला।

13 राज्यों और 30 जिलों तक फैला नेटवर्क
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह 2014 से सक्रिय था और अब तक कई युवाओं का धर्म परिवर्तन करा चुका है। गिरोह का नेटवर्क 13 राज्यों और 30 जिलों में फैला हुआ था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों के पास 21 बैंक खाते हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है।
मौलवी समेत चार गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैजनगर स्थित मदरसे के मौलवी अब्दुल मजीद (35), सलमान (30), मोहम्मद आरिफ और फहीम के रूप में हुई है। इनमें सलमान दर्जी का काम करता था और फहीम नाई था। ये दोनों युवकों से दोस्ती करके उन्हें मुस्लिम लड़कियों से मिलवाते थे। इसके बाद उन्हें मदरसे लाकर फुसलाया जाता और धर्म परिवर्तन के लिए धार्मिक साहित्य, सीडी और प्रमाण पत्र दिए जाते थे।
बरामदगी और केस दर्ज
पुलिस ने मदरसे से बड़ी मात्रा में धार्मिक सामग्री, धर्म परिवर्तन के प्रमाण पत्र और अन्य सबूत बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 और बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।https://bhartiyatv.com/
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस को शक है कि गिरोह ने कई और युवकों का धर्मांतरण कराया है। अभी तक छह पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी मामलों की जांच जारी है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि किस तरह संगठित गिरोह लालच और धोखे से युवाओं को निशाना बना रहे हैं। पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई ने न सिर्फ एक परिवार को उनका बेटा वापस दिलाया बल्कि इस खतरनाक नेटवर्क का बड़ा हिस्सा भी उजागर कर दिया।
यह भी पढ़ें:
Bhartiya TV के साथ पढ़ें हिंदी न्यूज़: हिंदी समाचार, Today Hindi News, Latest Breaking News in Hindi – Bhartiyatv.com