संक्षेप (Summary): Ghaziabad में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लॉ छात्रों के लिए रील और शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता की शुरुआत की है। इसमें छात्र 90 सेकंड की रील या 3 मिनट की फिल्म बनाकर लोगों को कानून के प्रति जागरूक करेंगे। सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियां राष्ट्रीय स्तर पर भेजी जाएंगी और विजेताओं को पुरस्कार भी मिलेगा।
Ghaziabad कानून की पढ़ाई अब कैमरे पर: गाजियाबाद में लॉ छात्र बनाएंगे जागरूकता रील
Ghaziabad में कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। अब लॉ छात्र किताबों के साथ-साथ कैमरे के जरिए भी लोगों को कानून के प्रति जागरूक करेंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लॉ कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए रील और शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इस पहल का उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों तक कानूनी जानकारी पहुंचाना है, ताकि लोग अपने अधिकारों और कानूनों के बारे में बेहतर तरीके से समझ सकें।
24 लॉ कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक
इस प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिले के 24 लॉ कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है। इस बैठक में प्रतियोगिता की रूपरेखा और आयोजन की तैयारी पर चर्चा की गई।
यह प्रतियोगिता नेशनल यूथ रील एंड शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता के तहत आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को कानून से जुड़े विषयों पर रचनात्मक तरीके से जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करना है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की पहल पर शुरू हुआ अभियान
देश में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने यह अभियान शुरू किया है। यह पहल सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश और प्राधिकरण के अध्यक्ष के नेतृत्व में शुरू की गई है।
इस प्रतियोगिता में देशभर के अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट लॉ छात्र भाग ले सकेंगे।
90 सेकंड की रील और 3 मिनट की शॉर्ट फिल्म
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र
- 90 सेकंड तक की रील
- या लगभग 3 मिनट की शॉर्ट फिल्म बना सकते हैं।
अगर वीडियो किसी क्षेत्रीय भाषा में बनाया जाता है तो उसमें हिंदी या अंग्रेजी में सबटाइटल देना अनिवार्य होगा।
सर्वश्रेष्ठ रील और फिल्मों का चयन जजों की टीम करेगी और विजेताओं को पुरस्कार व प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।
इन विषयों पर बनेंगी रील और फिल्म
प्रतियोगिता में छात्रों को कानून से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय दिए गए हैं, जैसे:
- मुफ्त कानूनी सहायता और इसका लाभ
- गरीब, महिला, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकार
- महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा से जुड़े कानून
- बाल अधिकार और बाल संरक्षण कानून
- बढ़ते साइबर अपराध और उससे बचाव
- लोक अदालत की व्यवस्था और उसके फायदे
- संविधान के मौलिक अधिकार और कर्तव्य
- न्याय और समानता से जुड़े सामाजिक विषय
देशभर में दिखाई जाएंगी चुनी गई फिल्में
प्रतियोगिता में चुनी गई बेहतरीन रील और शॉर्ट फिल्मों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दिखाया जाएगा। इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कानूनी जानकारी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
रील और शॉर्ट फिल्म के लिए जरूरी नियम
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्रों को कुछ नियमों का पालन करना होगा:
- प्रत्येक प्रतिभागी 90 सेकंड की रील या 3 मिनट की शॉर्ट फिल्म बना सकता है
- वीडियो रचनात्मक और स्पष्ट संदेश देने वाला होना चाहिए
- एक प्रतिभागी या टीम केवल एक प्रविष्टि भेज सकती है
- वीडियो किसी भी भाषा में हो सकता है, लेकिन हिंदी या अंग्रेजी सबटाइटल अनिवार्य हैं
- वीडियो का कंटेंट पूरी तरह मौलिक होना चाहिए
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