संक्षेप (Short Summary): Greater Noida के नगला हुकम सिंह गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान अचानक ढह गया। हादसे के समय मजदूर तीसरी मंजिल की शटरिंग हटा रहे थे, तभी लेंटर कमजोर पड़ने से पूरी इमारत गिर गई। मलबे में 11 मजदूर दब गए, जिनमें से 8 को निकाल लिया गया लेकिन एक की मौत हो गई। तीन मजदूर अब भी फंसे हुए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री को हादसे की वजह बताया है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
Greater Noida में बड़ा हादसा: तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान ढहा, 11 मजदूर मलबे में दबे
Greater Noida में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला हुकम सिंह गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मजदूर चीख-पुकार करने लगे और लोग मौके पर दौड़ पड़े।

तीसरी मंजिल से हटाई जा रही थी शटरिंग, तभी हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक मकान की तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। कुछ ही दिन पहले लेंटर डाला गया था। मंगलवार को मजदूर शटरिंग हटाने का काम कर रहे थे। जैसे ही शटरिंग को सपोर्ट देने वाली लकड़ी और लोहे की प्लेटें निकाली जा रही थीं, अचानक पूरा लेंटर कमजोर पड़ गया। इसके साथ ही पूरी तीसरी मंजिल नीचे गिरती चली गई और पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया।
11 मजदूर मलबे में दबे, एक की मौत की पुष्टि
हादसा इतना भयानक था कि मौके पर मौजूद मजदूरों के पास बचने का कोई मौका नहीं था। कुल 11 मजदूर मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू शुरू हुआ और देर रात तक 8 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया। इनमें से एक मजदूर ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। बाकी घायलों का इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है।

तीन मजदूर अब भी दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि मलबे के अंदर अब भी तीन मजदूरों के फंसे होने की संभावना है। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि ढेर का हिस्सा बेहद भारी होने की वजह से रेस्क्यू में समय लग सकता है।
मकान निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मकान की निर्माण सामग्री और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इमारत में घटिया मटेरियल इस्तेमाल किया गया था, जिसकी वजह से लेंटर इतना कमजोर पड़ा कि हल्का-सा वजन हटते ही पूरा ढांचा गिर गया।
प्रशासन ने भी इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर मलबे और निर्माण सामग्री की जांच कर रही है।
गांव में मातम, कई परिवारों की टूटी उम्मीदें
हादसे के बाद गांव का माहौल शोक में डूब गया है। जिन मजदूरों के परिवार वाले गांव में रहते हैं, वे रो-रोकर बेहाल हैं। कई महिलाएं बेसुध हो गईं जब उन्हें पता चला कि उनके बेटा या पति मलबे में फंसे हुए हैं।
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