संक्षेप में पूरी खबर (Summary) Jewar Airport में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 24 साल बाद पूरी तरह तैयार हो चुका है। अब इसे सिर्फ एयरोड्रम लाइसेंस और प्रधानमंत्री कार्यालय से उद्घाटन की डेट का इंतजार है। 2001 में राजनाथ सिंह द्वारा प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट ने कई सरकारों के बदलाव देखे, इसे कई बार दूसरे शहरों में शिफ्ट करने की कोशिश हुई। 2021 में PM मोदी और CM योगी ने शिलान्यास किया और आज यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है।

Jewar Airport 24 साल, 7 सरकारें और जनता का इंतजार आखिरकार खत्म
दुनिया के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गिने जाने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर अब पूरी तरह तैयार है। इसे उड़ानों के लिए बस दो मंजूरी का इंतजार है—एयरोड्रम लाइसेंस और प्रधानमंत्री कार्यालय से उद्घाटन की तारीख। इसके बाद यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट यात्रियों के लिए खुल जाएगा।
एक सपना जो 2001 में देखा गया—2025 आते-आते सच बन गया
इस एयरपोर्ट की कहानी 2001 में शुरू हुई थी, जब उस समय के मुख्यमंत्री और मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर में एयरपोर्ट का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। यह सिर्फ एक कागज़ी योजना नहीं थी—बल्कि पश्चिमी यूपी का भविष्य बदलने का सपना था।लेकिन अगले 24 सालों में सरकारें बदलीं, योजनाएं बदलीं और यह प्रोजेक्ट लगातार दूसरी जगहों पर भेजने की कोशिशों में फंसता रहा। कभी इसे हिसार, कभी झज्जर, फिर आगरा और मथुरा तक शिफ्ट करने की चर्चा चली।
कई बार रुका, कई बार लौटा—एयरपोर्ट प्रोजेक्ट का संघर्ष
2008 में मायावती सरकार ने इस प्रोजेक्ट को फिर आगे बढ़ाया, लेकिन केंद्र ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
2012 में अखिलेश यादव सरकार ने इसे रोक दिया और इसके विकल्प के तौर पर हिरनगांव और एत्मादपुर में नए प्रस्ताव दिए।
इस दौरान हजारों हेक्टेयर जमीन भी रिज़र्व की गई, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ पाया।

मोदी-योगी मॉडल ने दी नई उड़ान
2017 चुनावों के बाद जब राज्य और केंद्र—दोनों जगह BJP की सरकार आई, तब प्रोजेक्ट में जान आई।
केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा और जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह की कोशिशों से प्रोजेक्ट को फास्ट ट्रैक पर लाया गया।अंततः 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास किया।
चार साल बाद आज एयरपोर्ट पूरी तरह तैयार है।
एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट—वास्तव में कितना बड़ा?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला फेज पूरा हो चुका है।
इस प्रोजेक्ट को 40 साल के लिए ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को डेवलप और ऑपरेट करने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
यह एयरपोर्ट:
- एशिया का सबसे बड़ा
- दुनिया का चौथा सबसे बड़ा
- 2024 में दुनिया के टॉप मॉडर्न एयरपोर्ट्स में शामिल
बनने जा रहा है।
इतिहास में पहला ऐसा प्रोजेक्ट—जहां जमीन अधिग्रहण बिना विवाद पूरा हुआ
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि 1,239 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण बिना किसी बड़े विवाद के पूरा हुआ।
यही वजह है कि 24 साल का इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है।
प्रोजेक्ट का संक्षिप्त टाइमलाइन
- 2001: राजनाथ सिंह ने प्रस्ताव भेजा
- 2008: मायावती सरकार ने केंद्र को नया प्रस्ताव दिया
- 2012: अखिलेश सरकार ने रोक दिया
- 2013–14: एयरपोर्ट के लिए नई जगहें प्रस्तावित
- 2017: योगी सरकार ने आधिकारिक घोषणा की
- 2018: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्वीकृति दी
- 2019: ज्यूरिख को 40 साल का संचालन कॉन्ट्रैक्ट
- 2020: छह गांवों में जमीन अधिग्रहण पूरा
- 2021: PM मोदी ने शिलान्यास किया
- 2025: एयरपोर्ट उद्घाटन को तैयार
अब सिर्फ एक तारीख का इंतजार…
एयरपोर्ट के रनवे, टर्मिनल, ATC, कार्गो ज़ोन, कनेक्टिविटी—सब कुछ तैयार है।
अब इसकी उड़ान सिर्फ एयरोड्रम लाइसेंस और PMO से उद्घाटन की डेट मिलने के बाद शुरू हो जाएगी।
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