संक्षेप (Summary): YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी है। जापान और कोरियन सिटी के बाद अब सेक्टर 7 में 500 एकड़ में सिंगापुर सिटी विकसित की जाएगी। कुल 1500 एकड़ में प्रस्तावित इन इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल सिटीज से ग्रेटर नोएडा में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
YEIDA के मास्टर प्लान में बड़ा बदलाव, तीन ग्लोबल सिटीज की तैयारी
YEIDA के मास्टर प्लान में बड़ा बदलाव, तीन ग्लोबल सिटीज की तैयारी
ग्रेटर नोएडा से औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने की तैयारी शुरू हो गई है। YEIDA क्षेत्र में अब जापान और कोरियन सिटी के साथ-साथ सिंगापुर सिटी भी विकसित की जाएगी।
इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
कहां बनेगी कौन-सी सिटी? जानिए पूरा प्लान
YEIDA के प्रस्ताव के अनुसार,

- सेक्टर 5A में करीब 500 एकड़ में जापानी सिटी विकसित की जाएगी।
- सेक्टर 4A में 500 एकड़ में कोरियन सिटी प्रस्तावित है।
- वहीं सेक्टर 7 में 500 एकड़ में सिंगापुर सिटी को डेवलप किया जाएगा।
इस तरह कुल 1500 एकड़ में तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर की इंडस्ट्रियल सिटीज का सपना आकार ले रहा है।
सरकार को भेजा गया प्रस्ताव, जमीन भी हो चुकी है चिन्हित
YEIDA अथॉरिटी ने जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिए हैं। अथॉरिटी एरिया में दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन की पहचान भी पूरी कर ली गई है।
YEIDA के CEO आरके सिंह की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में साफ किया गया है कि इन सेक्टर्स को मल्टीपर्पस इंडस्ट्रियल जोन के तौर पर विकसित किया जाएगा।
इंडस्ट्रियल जोन में क्या-क्या होगा? प्रतिशत भी तय

YEIDA मास्टर प्लान के अनुसार इन सेक्टर्स में भूमि उपयोग इस तरह होगा—
- 70% तक इंडस्ट्रियल इस्तेमाल
- 12% तक रेजिडेंशियल इस्तेमाल
- अधिकतम 13% तक कमर्शियल गतिविधियां
- कम से कम 5% इंस्टीट्यूशनल सुविधाओं के लिए
यह संतुलन इन सिटीज को पूरी तरह इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने में मदद करेगा।
EPC मोड पर होगा विकास, तेज़ी से पूरा होगा काम
इन सभी सेक्टर्स को EPC (Engineering, Procurement and Construction) मोड पर डेवलप किया जाएगा। इससे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता के साथ-साथ तय समय पर निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
YEIDA का मानना है कि यह मॉडल विदेशी निवेशकों को भी आकर्षित करेगा।
ग्रेटर नोएडा में आएगी औद्योगिक क्रांति
जापान, कोरिया और अब सिंगापुर से जुड़ी इंडस्ट्रियल सिटीज के आने से ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों की तस्वीर बदल सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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