Tuesday, February 3, 2026

Mirzapur कार्तिक पूर्णिमा हादसा: रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की टक्कर से 4 श्रद्धालुओं की मौत

by Sujal
Mirzapur के चुनार स्टेशन पर कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं की ट्रेन से चपेट में आने से 4 लोगों की दर्दनाक मौत। CM योगी ने परिजनों को दो-दो लाख रुपये की मदद की घोषणा की।

Mirzapur कार्तिक पूर्णिमा हादसा: ट्रेन की चपेट में आए श्रद्धालु, मौत का मंजर भयानक

Mirzapur :
Mirzapur उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बड़ा हादसा हो गया। कालका-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से चार श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। ये सभी यात्री कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए मिर्जापुर आए थे।

रेलवे स्टेशन पर अचानक हुई इस दुर्घटना से वहां हड़कंप मच गया। आनन-फानन में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।


रेल हादसे का विवरण: कैसे हुआ ये भयावह मंजर?

रेलवे प्रशासन के मुताबिक, हादसा सुबह 9:30 बजे चुनार रेलवे स्टेशन पर हुआ। घटना के वक्त श्रद्धालु फुट ओवर ब्रिज का प्रयोग नहीं कर रहे थे और मुख्य लाइन को पार करने लगे। कुछ यात्री प्लेटफॉर्म की गलत दिशा से उतर गए थे।

यात्रियों ने जल्दबाजी में रेलवे ट्रैक पार किया, तभी विपरीत दिशा से आ रही तेज गति वाली नेताजी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन की टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे में आए लोगों के चिथड़े उड़ गए। स्टेशन परिसर में चीख-पुकार मच गई।


रेलवे और सुरक्षा बलों की तत्काल कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही RPF और GRP की टीमें मौके पर पहुंचीं।

मिर्जापुर में दर्दनाक हादसा, कालका एक्सप्रेस से कटे आठ श्रद्धालु, कई की मौत,  स्टेशन में हड़कंप – Amritvarshanews.in
Mirzapur कार्तिक पूर्णिमा हादसा: रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की टक्कर से 4 श्रद्धालुओं की मौत 7
  • शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
  • घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया।

रेलवे प्रशासन ने जांच के आदेश भी दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं हुआ।


श्रद्धालु क्यों थे वहां?

ये सभी यात्री कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए मिर्जापुर पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों से श्रद्धालु इस दिन गंगा स्नान करने के लिए आते हैं।

  • हादसे में मारे गए यात्रियों की पहचान स्थानीय पुलिस ने की।
  • बताया जा रहा है कि ये सभी लोग चोपन – प्रयागराज एक्सप्रेस से प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर उतरे थे।
  • प्लेटफॉर्म के सही दिशा में जाने के बजाय वे मुख्य लाइन पर चल पड़े, जिससे यह भयावह दुर्घटना हुई।

हादसे का दृश्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन की टक्कर इतनी तेज थी कि लोग हवा में उछल गए। स्टेशन पर खून और चीख-पुकार का मंजर था।

  • एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “हमने कभी इतना भयानक दृश्य नहीं देखा। लोग प्लेटफॉर्म से उतरते ही ट्रेन की चपेट में आ गए।”
  • कई यात्री डर के मारे प्लेटफॉर्म पर खड़े ही रह गए।

घटना की भयावहता और ट्रेन की गति ने मौके पर मौजूद लोगों को भी सिहरन में डाल दिया।


रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया

उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:

  • “हादसे की सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे।”
  • “RPF और GRP की टीमें तुरंत तैनात की गईं और राहत कार्य शुरू हुआ।”
  • “जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।”

रेलवे प्रशासन ने यह भी कहा कि प्लेटफॉर्म पर फुट ओवर ब्रिज की उपलब्धता के बावजूद श्रद्धालुओं ने मुख्य लाइन पार की।


CM योगी ने दिया आर्थिक सहायता का ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की।

  • यह कदम परिजनों के लिए राहत और सहारा देने के लिए उठाया गया है।
  • मुख्यमंत्री ने रेलवे और सुरक्षा बलों को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

रेल सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है।

  • स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज की सुविधा थी।
  • प्लेटफॉर्म पर चेतावनी और सुरक्षा निर्देश मौजूद थे।
  • बावजूद इसके यात्रियों ने मुख्य लाइन पार की, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले समय पर यात्रियों को ट्रेन ट्रैक पार करने से रोकने के लिए और कड़े कदम उठाने होंगे।


श्रद्धालुओं की जल्दबाजी और उसकी वजह

प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे सूत्रों के अनुसार, श्रद्धालु जल्दी में थे और प्लेटफॉर्म के सही रास्ते के बजाय मुख्य ट्रैक पार कर रहे थे।

  • कार्तिक पूर्णिमा का स्नान समय सीमित होता है।
  • बड़ी संख्या में लोग स्नान करने के लिए रेलवे स्टेशन और गंगा तट पर आते हैं।
  • इस कारण यात्री अक्सर सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर देते हैं।

राहत और बचाव कार्य

घटना के तुरंत बाद रेलवे और पुलिस बलों ने राहत कार्य शुरू किया।

  • घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
  • स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल नियंत्रण में लाया गया।

रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय और निगरानी बढ़ाई जाएगी।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

मिर्जापुर रेल हादसे की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई।

  • कई लोग हादसे की वीडियो क्लिप और फोटो साझा कर रहे हैं।
  • लोग रेलवे सुरक्षा नियमों और प्लेटफॉर्म के डिज़ाइन पर सवाल उठा रहे हैं।
  • CM योगी और रेलवे प्रशासन की कार्रवाई को लेकर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी।

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