Prayagraj में झूंसी पुलिस का बड़ा खुलासा: एटीएम कार्ड से ठगी करने वाले चार शातिर चोर गिरफ्तार
Prayagraj के झूंसी थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने एटीएम कार्ड चोरी कर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह न सिर्फ एटीएम मशीन में जालसाजी करता था, बल्कि चोरी किए गए कार्डों से बाजार में खरीदारी कर लाखों रुपये का नुकसान भी पहुंचा चुका था। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से चोरी किए गए एटीएम कार्ड, नकदी और मोबाइल बरामद हुए हैं।
एटीएम कार्ड चुराकर निकाले 60 हजार रुपये, फिर मोबाइल दुकान में की खरीदारी
झूंसी क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने हाल ही में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका एटीएम कार्ड चोरी हो गया और कुछ ही घंटों में उनके खाते से 60 हजार रुपये कैश निकल गए। जब कार्ड की लिमिट खत्म हो गई, तो ठगों ने उसी कार्ड का उपयोग पास के छतनाग स्थित एक मोबाइल दुकान में जाकर 60 हजार रुपये का मोबाइल फोन खरीदने में किया।
यह पूरी वारदात मोबाइल दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में चार युवक दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से दो दुकान के अंदर मोबाइल खरीद रहे हैं जबकि दो बाहर खड़े होकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। पुलिस ने जब फुटेज की जांच की, तो सभी की पहचान करने में सफलता मिली।
गिरोह का काम करने का तरीका: चालाकी और सटीक योजना
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। इनके काम करने का तरीका कुछ इस प्रकार था —
- एटीएम मशीन में फंदा लगाना:
ये अपराधी एटीएम मशीन में लोहे की पतली पत्ती लगाते थे, जिससे कार्ड मशीन में फँस जाता था। जब ग्राहक परेशान होकर बाहर निकलता, तो ये मदद के बहाने अंदर जाते। - कार्ड बदलने की चाल:
मौके का फायदा उठाकर ये चोर ग्राहक का असली कार्ड बदल देते थे और नकली या किसी पुराने कार्ड को उसकी जगह डाल देते थे। - पिन नंबर की चोरी:
मदद के बहाने या मशीन की खराबी दिखाने के दौरान ये पिन नंबर भी जान लेते थे, जिससे बाद में वे आसानी से पैसे निकाल लेते थे। - कैश और स्वैप दोनों:
पैसे निकालने के बाद जब कार्ड की लिमिट खत्म हो जाती, तो ये लोग उसी कार्ड से मोबाइल, लैपटॉप या महंगे गैजेट खरीद लेते थे ताकि ट्रैकिंग में कठिनाई हो।
झूंसी पुलिस ने घेरा डालकर पकड़ा गिरोह
पुलिस को जब सीसीटीवी फुटेज मिली तो टीम ने तुरंत मोबाइल दुकान के आस-पास के कैमरों की भी जांच की। इससे पता चला कि आरोपी किस दिशा में भागे। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए झूंसी क्षेत्र से ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

इनकी पहचान अलीगढ़, फतेहपुर और प्रतापगढ़ जिलों से जुड़े अपराधियों के रूप में हुई है। इनके खिलाफ पहले से ही कई जिलों में लूट, चोरी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
दो बाहर खड़े होकर देखते थे, दो देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस ने बताया कि गिरोह के चारों सदस्यों में काम का बंटवारा स्पष्ट था। दो अपराधी एटीएम के बाहर खड़े होकर लोगों पर नज़र रखते थे और किसी को शक न हो, इसका ध्यान रखते थे। वहीं अंदर मौजूद दो शातिर अपराधी लोगों के एटीएम कार्ड बदलने और पिन देखने का काम करते थे।
यह गिरोह एक ही दिन में कई एटीएम मशीनों पर जाकर अपना जाल बिछाता था। पुलिस के मुताबिक, ये लोग खासतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे रेलवे स्टेशन, मार्केट और मंदिरों के पास स्थित एटीएम को निशाना बनाते थे।
गिरफ्तारी के बाद बरामदगी: नकदी, मोबाइल और दर्जनों एटीएम कार्ड मिले
पुलिस ने आरोपियों के पास से 60 हजार रुपये कैश, एक महंगा मोबाइल फोन, और दर्जनों एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इनमें से कई कार्ड उन लोगों के थे जिनकी अभी तक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान कर रही है।
झूंसी थाना प्रभारी ने बताया कि गिरोह का एक और सदस्य फरार है जिसकी तलाश में पुलिस टीम छापेमारी कर रही है।
पुलिस की चौकसी और तकनीकी जांच से हुआ खुलासा
पुलिस की टीम ने तकनीकी सर्विलांस, बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और सीसीटीवी की मदद से इस गिरोह तक पहुंच बनाई। यह वही गिरोह है जो पिछले कुछ महीनों में प्रयागराज, कानपुर, उन्नाव और फतेहपुर में कई ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका था।
जांच में यह भी पता चला कि ये अपराधी ठगी के पैसों को डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ट्रांसफर करते थे ताकि बैंक खातों में सीधा ट्रेस न हो सके।
पुलिस का बयान: “लोगों को सतर्क रहने की ज़रूरत”
प्रयागराज के एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ये अपराधी बेहद चालाक थे और लोगों की सहानुभूति का फायदा उठाकर ठगी करते थे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि एटीएम में किसी अजनबी की मदद न लें और किसी के सामने अपना पिन न डालें।
उन्होंने कहा,
झूंसी पुलिस ने बहुत ही त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह को पकड़ लिया है। तकनीकी टीम की सतर्कता और सीसीटीवी की मदद से यह संभव हो पाया। हम लोगों से आग्रह करते हैं कि अपने बैंक कार्ड, ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।”
पुलिस का अगला कदम: गिरोह की पूरी नेटवर्क की तलाश
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध किसी बड़े साइबर क्राइम नेटवर्क से है। कई बार ऐसे गिरोह स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि अन्य राज्यों के गिरोहों से जुड़े होते हैं। प्रयागराज पुलिस ने इसकी सूचना साइबर सेल और अन्य जिलों की पुलिस को भी दी है ताकि संयुक्त जांच की जा सके।
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी
झूंसी पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 379 (चोरी), और 411 (चोरी का माल रखने) समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट लगाने की भी सिफारिश की है ताकि इन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके।

एटीएम सुरक्षा के लिए प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने बैंकों को भी निर्देश दिया है कि सभी एटीएम में सुरक्षा गार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाए और 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी चालू रहे। इसके अलावा, बैंक ग्राहकों को एसएमएस अलर्ट सेवा को सक्रिय रखने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत मिल सके।
प्रयागराज में बढ़ रहे हैं साइबर और एटीएम अपराध
पिछले एक साल में प्रयागराज में एटीएम और साइबर अपराध के मामलों में तेजी आई है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 2025 में अब तक 200 से ज्यादा एटीएम से जुड़ी धोखाधड़ी की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से अधिकांश मामलों में आरोपी बाहरी जिलों या राज्यों से होते हैं जो घटना के बाद तुरंत क्षेत्र छोड़ देते हैं।
जनता के लिए सावधानी के सुझाव
- एटीएम में किसी अजनबी से मदद न लें।
- एटीएम मशीन में कार्ड फँसने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें, किसी तीसरे व्यक्ति से नहीं।
- एटीएम उपयोग करते समय कीपैड को हाथ से ढकें।
- यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति आसपास दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- एसएमएस अलर्ट और मोबाइल बैंकिंग सूचनाएं हमेशा सक्रिय रखें।
झूंसी पुलिस की सतर्कता से मिली राहत
झूंसी पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाया बल्कि शहर में सक्रिय ऐसे कई ठग गिरोहों को भी चेतावनी दी है। यह गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता और तकनीकी दक्षता का परिणाम है।
प्रयागराज अब प्रशासनिक और सुरक्षा मोर्चे पर लगातार सख्ती दिखा रहा है। एक ओर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नए मतदान केंद्रों की स्थापना हो रही है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।
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