Prayagraj में माघ मेला 2026 की भव्य शुरुआत: संगम क्षेत्र में माघ मेला पुलिस लाइंस का भूमि पूजन आज
Prayagraj : विश्व प्रसिद्ध माघ मेला 2026 की तैयारियां अब तेज़ी से शुरू हो चुकी हैं। इसी क्रम में माघ मेला की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर आज सोमवार, 10 नवंबर 2025 को सुबह 11:00 बजे, संगम क्षेत्र (त्रिवेणी मार्ग) में माघ मेला पुलिस लाइंस का भूमि पूजन समारोह आयोजित किया गया। इस भूमि पूजन के साथ ही माघ मेला की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है।यह भूमि पूजन समारोह न केवल पुलिस विभाग के लिए, बल्कि पूरे प्रयागराज जिले के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ, क्योंकि यह माघ मेला—2026 की दिशा में पहला कदम है।
संगम क्षेत्र में हुआ भूमि पूजन, शुरू हुई तैयारियों की औपचारिकता
माघ मेला—2026 को सुचारु और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए संगम (त्रिवेणी मार्ग) स्थित स्थल पर माघ मेला पुलिस लाइंस की स्थापना की जा रही है। सोमवार को आयोजित भूमि पूजन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, मेला प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।भूमि पूजन वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान पंडितों द्वारा यज्ञ और पूजन के बाद माघ मेला की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं की औपचारिक घोषणा की गई।
माघ मेला पुलिस लाइंस: सुरक्षा की रीढ़
प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर माघ मेला में स्नान और साधना के लिए आते हैं। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है—भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, और ट्रैफिक नियंत्रण।इसी को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष अस्थायी माघ मेला पुलिस लाइंस की स्थापना की जाती है, जहां मेला ड्यूटी पर तैनात हजारों पुलिसकर्मियों, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों को ठहराया जाता है।इस वर्ष यह पुलिस लाइंस और भी उन्नत रूप में तैयार की जा रही है। इसमें आधुनिक सुविधाएं, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, वायरलेस कम्युनिकेशन नेटवर्क, कंट्रोल रूम, और महिलाओं के लिए पृथक आवास की व्यवस्था शामिल होगी।

भूमि पूजन में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में प्रयागराज के जिला अधिकारी मनीष कुमार वर्मा, पुलिस आयुक्त रमेश कुमार, मेला अधिकारी अजय कुमार सिंह, और एसपी माघ मेला रामनरेश यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने भूमि पूजन के दौरान कहा —माघ मेला प्रयागराज की सांस्कृतिक पहचान है। इसे विश्व स्तर पर सुरक्षित और सुचारु रूप से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर है। मेला क्षेत्र में हर सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।”
वहीं, पुलिस आयुक्त ने कहा — माघ मेला पुलिस लाइंस हमारी सुरक्षा प्रणाली की रीढ़ है। यहाँ से मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। इस वर्ष तकनीकी उपकरणों और डिजिटल नेटवर्क की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।”
माघ मेला 2026 की तैयारी: सुरक्षा से लेकर सुविधा तक
भूमि पूजन के साथ ही माघ मेला 2026 की तैयारियों का खाका भी सामने आया। प्रशासन की योजना है कि इस बार का मेला स्मार्ट और डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा।
- सुरक्षा प्रबंधन:
मेला क्षेत्र में 24×7 निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए नियंत्रण कक्ष (Control Room) बनाया जा रहा है। - यातायात व्यवस्था:
भीड़भाड़ वाले मार्गों पर एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी। वाहन पार्किंग के लिए संगम से दूर स्थायी पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। - सफाई और स्वच्छता:
नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को डिजिटल ट्रैकिंग से जोड़ने की योजना बनाई है। हर क्षेत्र में मोबाइल शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। - स्वास्थ्य और आपात सेवा:
मेला क्षेत्र में मोबाइल हेल्थ यूनिट, 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा और डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। - प्रवचन और धार्मिक आयोजन:
संगम तट पर साधु-संतों के शिविरों, प्रवचन स्थलों और भंडारों के लिए अलग-अलग क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं।

मीडिया प्रतिनिधियों के लिए विशेष आमंत्रण
भूमि पूजन समारोह में मीडिया प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। मेला प्रशासन का कहना है कि मीडिया इस आयोजन का अहम हिस्सा है क्योंकि उनके माध्यम से जनता को हर पल की सटीक जानकारी मिलती है।
मेला अधिकारी ने कहा —
हमारे मीडिया मित्रों के सहयोग के बिना इतना बड़ा आयोजन संभव नहीं। हम चाहते हैं कि मीडिया इस आयोजन की हर गतिविधि को जनता तक पहुँचाए ताकि माघ मेला की गरिमा बनी रहे।”
माघ मेला का महत्व: श्रद्धा, साधना और सनातन संस्कृति का संगम
माघ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा और आस्था का प्रतीक है। हर साल पौष पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाला यह मेला करोड़ों श्रद्धालुओं, संतों, साधुओं और कलावंतों का मिलन स्थल बन जाता है।
इस अवधि में संगम क्षेत्र में तप, ध्यान, जप और दान का विशेष महत्व माना जाता है। विशेष रूप से मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी के पर्वों पर लाखों की भीड़ पवित्र संगम में स्नान के लिए पहुँचती है।
इस बार माघ मेला होगा तकनीकी रूप से सशक्त

प्रशासन की योजना है कि माघ मेला 2026 को “डिजिटल मेला” के रूप में प्रस्तुत किया जाए। इसके तहत—
- श्रद्धालुओं को मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।
- भीड़ प्रबंधन के लिए ड्रोन सर्विलांस का उपयोग किया जाएगा।
- हर शिविर क्षेत्र में फायर सेफ्टी उपकरण लगाए जाएंगे।
- आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन और क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात होगी।
भूमि पूजन के साथ शुरू हुई आधिकारिक उलटी गिनती
भूमि पूजन के साथ ही अब माघ मेला 2026 की उलटी गिनती शुरू हो गई है। प्रशासन ने निर्माण कार्यों की समयसीमा तय कर दी है ताकि सभी व्यवस्थाएँ समय से पूरी हो सकें।
पुलिस लाइंस, कंट्रोल रूम, शिविर स्थल, सड़कें और पेयजल व्यवस्था दिसंबर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जनवरी 2026 से मेला क्षेत्र में अंतिम तैयारियाँ शुरू होंगी।
प्रयागराज प्रशासन की प्रतिबद्धता: माघ मेला 2026 को यादगार बनाना”
जिला प्रशासन का कहना है कि इस बार माघ मेला को “पर्यावरण अनुकूल और डिजिटल प्रबंधन आधारित मेला” के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके लिए प्रशासनिक टीम और मेला अधिकारी लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं।
मेला अधिकारी अजय कुमार सिंह ने कहा —हमारा लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक मेला अनुभव देना है। यह केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक एकता का भी उत्सव है।”
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