Wednesday, February 4, 2026

Uttarkashi के धराली में बादल फटा खीर गंगा ने मचाई तबाही दर्जनों लोग लापता

by Sujal
Uttarkashi के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही मची है। खीर गंगा नदी में उफान के कारण कई मकान बह गए, दर्जनों लोगों के लापता होने की खबर है। राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

Uttarkashi में कुदरत का कहर धराली गांव में बादल फटने से मचा हाहाकार

उत्‍तराखंड  के Uttarkashi जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस हादसे में खीर गंगा नदी उफान पर आ गई और अपने साथ तबाही का ऐसा मंजर लेकर आई जिसे देख हर किसी के रौंगटे खड़े हो गए।

Disaster In Uttarakhand After Cloud Eruption And Heavy Rain In Chamoli And  Almora - Amar Ujala Hindi News Live - उत्तराखंड:बादल फटने से मची तबाही, एक  की मौत, कई जगह घर और
Uttarkashi के धराली में बादल फटा खीर गंगा ने मचाई तबाही दर्जनों लोग लापता 7

खीर गंगा बनी विनाश की लहर मकान और होटल बहे तेज बहाव में

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक धराली गांव के ऊपर बादल फटने के बाद खीर गाढ़ नदी का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। पानी की तीव्र धारा में नदी किनारे बने मकान, होटल और होमस्टे ताश के पत्तों की तरह बहते चले गए। चश्मदीदों ने बताया कि महज 30 सेकेंड के भीतर पूरे इलाके को पानी ने घेर लिया और लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिला।

दर्जनों लोग लापता मजदूरों के दबे होने की आशंका

प्रशासन को अब तक 50 से 60 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि कई मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। जिस तरह से मकान और होटल ढहे हैं उससे जनहानि की आशंका और भी बढ़ गई है।

बचाव कार्य जारी SDRF और सेना की टीमें मौके पर रवाना

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे को लेकर चिंता जताई और बताया कि राहत और बचाव का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। SDRF पुलिस और सेना की टीमें भटवाड़ी के रास्ते धराली पहुंच रही हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने जताई चिंता

केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने घटना को गंभीर बताया और कहा कि केंद्र सरकार हर संभव मदद कर रही है। वहीं, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे हिमालयी क्षेत्र में लगातार हो रही आपदाओं की कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर दीर्घकालिक रणनीति तैयार करनी चाहिए।

विकास की आड़ में खतरे को आमंत्रण?

यह भी देखा गया है कि खतरनाक क्षेत्रों में अवैज्ञानिक निर्माण कार्य आपदाओं के समय भारी नुकसान का कारण बनते हैं। नदी किनारे होटलों और घरों की श्रृंखला ऐसी प्राकृतिक आपदाओं को आमंत्रण देने जैसा है। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से पत्थर और लकड़ियां बहते हुए लोगों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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