chocolate milk डॉक्टर की राय सुनिए, जानिए चॉकलेट पाउडर सेहतमंद है या नुकसानदायक
chocolate milk अक्सर देखा जाता है कि बच्चे सादा दूध पीने में आनाकानी करते हैं। ऐसे में माता-पिता सोचते हैं कि दूध में चॉकलेट पाउडर डालने से शायद बच्चा आसानी से पी लेगा। लेकिन क्या ये तरीका बच्चों की सेहत के लिए ठीक है?

पीडियाट्रिशियन डॉ. रवि मलिक इस सवाल का साफ-साफ जवाब देते हैं और चेतावनी भी देते हैं कि बच्चों के दूध में फ्लेवर्ड पाउडर डालना वास्तव में नुकसानदेह हो सकता है।
दूध तो ज़रूरी है, लेकिन उसमें क्या मिलाया जाए?
बचपन में दूध का सेवन बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए बेहद अहम होता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और ज़रूरी मिनरल्स मौजूद होते हैं जो हड्डियों और मांसपेशियों को मज़बूत बनाते हैं।
लेकिन जब बात आती है उसमें फ्लेवर जोड़ने की—खासतौर पर चॉकलेट या स्ट्रॉबेरी पाउडर डालने की—तो यह एक चिंताजनक बात बन जाती है।
डॉ. रवि मलिक ने क्यों किया फ्लेवर वाले पाउडर से परहेज़ का सुझाव?

डॉ. रवि मलिक का कहना है,
जितने भी चॉकलेट या प्रोटीन पाउडर बाजार में उपलब्ध हैं, उनमें शुगर, प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं। इंटरनेशनल पेडियाट्रिक ऑर्गेनाइजेशन भी इन पाउडर के इस्तेमाल की सिफारिश नहीं करती हैं। एक हेल्दी बच्चे को इनकी जरूरत नहीं होती।”
चॉकलेट पाउडर से बच्चे की भूख भी हो सकती है कम
डॉक्टर का यह भी कहना है कि जब बच्चे रोज फ्लेवर वाला दूध पीने लगते हैं, तो धीरे-धीरे उनके खाने की आदतों पर असर पड़ता है।
सूखे मेवे, फल, सब्जियां और दाल जैसी हेल्दी चीज़ें उन्हें कम पसंद आने लगती हैं। इसके चलते उनके पोषण में असंतुलन आ सकता है।
क्या ये पाउडर बच्चों की हाइट बढ़ा सकते हैं?
बाजार में मौजूद पाउडर के विज्ञापनों में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं—जैसे हाइट बढ़ाना, दिमाग तेज़ करना या स्टैमिना बढ़ाना।
लेकिन डॉक्टर की मानें तो ये महज मार्केटिंग ट्रिक्स हैं। “एक स्वस्थ बच्चे को नेचुरल ग्रोथ के लिए सिर्फ बैलेंस्ड डाइट की ज़रूरत होती है, न कि किसी तरह के फ्लेवर्ड पाउडर की।
तो फिर बच्चों को दूध कैसे दें ताकि वो पिएं भी और सेहतमंद भी रहें?
अगर बच्चा दूध से कतराता है, तो कुछ स्वादिष्ट और हेल्दी विकल्प दिए जा सकते हैं:
🔸 मैंगो स्मूदी
🔸 बनाना शेक
🔸 फल और दूध के साथ मिलाकर शेक्स बनाना
इन घरेलू उपायों से न केवल बच्चे का दूध पीने का मन बनेगा, बल्कि उन्हें अतिरिक्त पोषण भी मिलेगा।
बच्चों की सेहत के लिए यही सही रास्ता है
सादा दूध बच्चों के लिए सबसे बेहतरीन है। फ्लेवर्ड पाउडर या आर्टिफिशियल मिठास से बचना चाहिए। बच्चों को नेचुरल फूड्स और बैलेंस्ड डाइट देना ही उनके बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास का आधार है।
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