Wednesday, February 4, 2026

SIR पर राजनीति का हंगामा चुनाव आयोग बोला– बेवजह डर फैला रहे दल सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

by Sujal
SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों पर अनावश्यक डर फैलाने का आरोप लगाया। केरल, बंगाल और तमिलनाडु मामलों में कोर्ट ने 1 दिसंबर तक आयोग से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 2, 4 और 9 दिसंबर को होगी।

संक्षेप (Short Summary): SIR प्रक्रिया पर केरल, बंगाल और तमिलनाडु की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों पर अनावश्यक डर फैलाने का आरोप लगाया और बताया कि 99% वोटर्स को फॉर्म मिल चुके हैं तथा आधे से ज्यादा डेटा डिजिटाइज हो चुका है। CJI ने कहा कि आयोग को सुने बिना कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। केरल में लोकल बॉडी चुनावों की वजह से SIR टालने की मांग पर 2 दिसंबर को सुनवाई होगी, जबकि बंगाल में BLO पर दबाव और 23 मौतों के आरोपों पर 9 दिसंबर को सुनवाई होगी। तमिलनाडु की याचिकाओं पर 4 दिसंबर को सुनवाई तय की गई है। सुप्रीम कोर्ट फिलहाल किसी भी प्रकार की रोक के पक्ष में नहीं है।

SIR पर अनावश्यक डर क्यों फैला रहे दल सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की सख्त दलील

आयोग को 'आधार' लेना ही होगा, लोगों के नाम जुड़वाएं राजनीतिक दल', बिहार Sir  पर सुप्रीम कोर्ट | Bihar Sir Supreme Court Verdict Today Election  Commission Kapil Sibbal Congress Rjd Bjp Vidhan

SIR (Summary Revision) को लेकर राजनीतिक घमासान अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। बुधवार को शीर्ष अदालत में केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में SIR प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस दौरान चुनाव आयोग ने साफ कहा कि राजनीतिक दल बिना वजह SIR पर डर का माहौल बना रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर काम सुचारू रूप से चल रहा है।


चुनाव आयोग की दलील: 99% वोटर्स को फॉर्म मिल चुका, डर केवल राजनीति”

बिहार Sir केस में चुनाव आयोग ने दाखिल किया सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा |  Election Commission Filed Affidavit In Supreme Court In Bihar Sir Case

सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने बताया कि:

  • 99% मतदाताओं को SIR फॉर्म मिल चुके हैं।
  • 50% से अधिक डेटा डिजिटाइज भी हो चुका है।
  • राज्य चुनाव आयोग और ECI एक-दूसरे के साथ तालमेल में काम कर रहे हैं।

द्विवेदी ने कहा कि राजनीतिक दल जानबूझकर SIR को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, जिससे आम लोगों में भय उत्पन्न हो रहा है।


CJI ने कहा: चुनाव आयोग को सुने बिना कोई रोक नहीं

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने स्पष्ट किया:
“आयोग की दलील सुने बिना हम SIR पर रोक का आदेश नहीं दे सकते।”

चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट से राहत

अदालत ने केरल सरकार की याचिका पर चुनाव आयोग को 1 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।


केरल में मामला टालने का, बंगाल-तमिलनाडु में प्रक्रिया पर सवाल

केरल का मामला—लोकल बॉडी चुनाव, इसलिए SIR टालने की मांग

केरल सरकार ने दलील दी है कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव होने के कारण SIR प्रक्रिया को कुछ समय के लिए स्थगित किया जाए।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।

पश्चिम बंगाल में आरोप—BLO पर दबाव, कई की मौत

बंगाल की ओर से वकील कल्याण बनर्जी और याचिकाकर्ताओं की तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने बड़े आरोप लगाए:

  • BLO पर भारी दबाव डाला जा रहा है।
  • कई BLO मानसिक तनाव में हैं।
  • बंगाल में अब तक 23 BLO की मौत का दावा किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल SIR मामले पर चुनाव आयोग से 1 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी है।
अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।


Supreme Court Fire On More Than 100 Plea In Waqf Amendment Act इतनी  अर्जियां क्यों ले आए; वक्फ पर 100 से ज्यादा याचिकाओं पर बोले Cji, क्या  फैसला, India News In Hindi - Hindustan

तमिलनाडु SIR विवाद—4 दिसंबर को सुनवाई

Blo Removed From Post For Public Display Of Nudity During Sir Work In  Kerala - The Hindu

तमिलनाडु में भी SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाएं दायर की गई हैं।
इन पर अब 4 दिसंबर को सुनवाई होगी।


कुल मिलाकर SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का रुख स्पष्ट

  • अदालत फिलहाल किसी भी तरह की रोक लगाने के पक्ष में नहीं।
  • पहले चुनाव आयोग के विस्तृत जवाब का इंतजार।
  • राज्यों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तारीखों पर सुनवाई होगी।

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