Wednesday, February 4, 2026

Baba Bageshwar की सनातन पदयात्रा 2025: ‘हिंदू राष्ट्र’ के संकल्प के साथ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की नई पहल

by Sujal
Baba Bageshwar धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 7 नवंबर 2025 से दिल्ली से वृंदावन तक 150 किमी लंबी ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ शुरू की है। जानिए इस यात्रा का उद्देश्य, मार्ग, संकल्प और इसमें शामिल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का संदेश।

Baba Bageshwar की सनातन पदयात्रा: भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम

Baba Bageshwar भारत में एक बार फिर सनातन चेतना की गूंज सुनाई दे रही है।
बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 7 नवंबर 2025 से दिल्ली से वृंदावन तक 150 किलोमीटर लंबी ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ की शुरुआत की है।

यह पदयात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक विचार यात्रा है — एक ऐसी पहल जो भारत में हिंदू एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद के संदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास है।


दिल्ली से वृंदावन तक 150 किमी की यात्रा — एकता का संदेश

यह पदयात्रा दिल्ली के कात्यायनी देवी मंदिर से शुरू होकर वृंदावन में स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर पर 16 नवंबर को संपन्न होगी।
यह यात्रा तीन राज्यों — दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के छह जिलों और 422 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरेगी।

Baba Bageshwar Padayatra 2025 Sanatan Hindu Ekta Yatra

बाबा बागेश्वर के अनुसार,

यह पदयात्रा मुसलमानों के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदुओं को एकजुट करने की दिशा में है। यह यात्रा विचारों की लड़ाई है, तलवारों की नहीं।


यात्रा का उद्देश्य: राष्ट्रवाद, नहीं जातिवाद

धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा की घोषणा के दौरान कहा कि भारत को जातिवाद नहीं, राष्ट्रवाद की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा,

यह देश जातियों में बंटा हुआ है, जबकि हम सब सनातन के धागे से जुड़े हैं। इस यात्रा का उद्देश्य यह याद दिलाना है कि हम सब एक ही संस्कृति के उत्तराधिकारी हैं।”

उनके अनुसार, आने वाली Gen-Z पीढ़ी को यह संदेश देना जरूरी है कि भारत की ताकत उसकी एकता और अध्यात्म में है, न कि विभाजन में।


हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा पर बाबा बागेश्वर का दृष्टिकोण

‘हिंदू राष्ट्र’ की बात करते हुए बाबा बागेश्वर ने स्पष्ट किया कि यह किसी धार्मिक वर्चस्व की मांग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की पुकार है।
उन्होंने कहा,

Baba Bageshwar Padayatra 2025 Sanatan Hindu Ekta Yatra

“हम भारत को दुनिया का ‘विश्वगुरु’ बनाना चाहते हैं। इसके लिए हमें अपने सनातन मूल्यों को फिर से जीवित करना होगा। हिंदू राष्ट्र का अर्थ है — एक ऐसा भारत जो सबको साथ लेकर चले, पर अपनी जड़ों को न भूले।”


Baba Bageshwar Padayatra 2025 Sanatan Hindu Ekta Yatra

यात्रा की झलक: राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के साथ शुरुआत

7 नवंबर की सुबह दिल्ली के कात्यायनी देवी मंदिर में राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के साथ इस यात्रा की शुरुआत हुई।
बाबा बागेश्वर ने स्वयं मंत्रोच्चार के बीच पहला कदम रखा और हजारों श्रद्धालु उनके पीछे चल पड़े।

इस दौरान बाबा ने कहा,

मैं 150 करोड़ देशवासियों के लिए 150 किलोमीटर चल रहा हूं। यह यात्रा हर उस व्यक्ति की है, जो भारत की आत्मा — सनातन धर्म — से प्रेम करता है।”


Baba Bageshwar Padayatra 2025 Sanatan Hindu Ekta Yatra

पदयात्रा में शामिल लोग: धर्म, समाज और राजनीति का संगम

इस यात्रा में देशभर से 40 हजार से लेकर एक लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कई नेता, अभिनेता और खिलाड़ी भी इस यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं।

दिल्ली से लेकर वृंदावन तक सड़कों पर “जय श्रीराम, हर हर महादेव” के नारे गूंज रहे हैं।
लोगों ने हाथों में भगवा ध्वज थामकर इस यात्रा को सनातन एकता का उत्सव बना दिया है।


बाबा बागेश्वर का कहना — यह यात्रा मुसलमानों के खिलाफ नहीं

बाबा बागेश्वर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा,

हमारी यह यात्रा किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। यह किसी के विरोध में नहीं, बल्कि अपने धर्म के समर्थन में है। जो अपने धर्म को जानता है, वही दूसरे धर्म का सम्मान कर सकता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि

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हमारे सनातन धर्म में किसी से द्वेष नहीं सिखाया जाता। यह पदयात्रा प्रेम, एकता और संस्कृति का संदेश लेकर चली है।”


पदयात्रा के सात संकल्प — हर दिन एक नया संदेश

इस यात्रा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि रोजाना सात प्रमुख संकल्प लिए जाएंगे।
इनमें प्रमुख हैं:

  1. हिंदू एकता का संकल्प
  2. सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना
  3. यमुना शुद्धिकरण अभियान का समर्थन
  4. गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने का आग्रह
  5. देशभक्ति और राष्ट्रवाद को जीवन का हिस्सा बनाना
  6. धर्म और आधुनिकता का संतुलन बनाए रखना
  7. आने वाली पीढ़ी को सनातन संस्कारों से जोड़ना

10 नवंबर को यात्रा सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को समर्पित रहेगी,
जबकि एक दिन किसानों और सैनिकों के सम्मान के नाम रहेगा।

Baba Bageshwar Padayatra 2025 Sanatan Hindu Ekta Yatra

यात्रा का रूट और पड़ाव

इस यात्रा में प्रतिदिन सुबह 7 बजे शुरुआत और शाम 6 बजे विश्राम का समय तय किया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा और सभी यात्रियों के भोजन, ठहराव और चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की गई है।

पदयात्रा के प्रमुख पड़ाव इस प्रकार हैं:

  • 7 नवंबर: जिरखोद मंदिर, दिल्ली
  • 8 नवंबर: फरीदाबाद दशहरा मैदान
  • 9 नवंबर: बल्लभगढ़ मंडी – सिकरी
  • 10 नवंबर: पलवल
  • 11 नवंबर: मितरोल
  • 12 नवंबर: वंचारी
  • 13 नवंबर: कोसी मंडी
  • 14 नवंबर: कोसी गुप्ता रेजिडेंसी
  • 15 नवंबर: वृंदावन राधा गोविंद मंदिर
  • 16 नवंबर: समापन – श्री बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन

महिलाओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान

Baba Bageshwar Padayatra 2025 Sanatan Hindu Ekta Yatra

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यात्रा में शामिल माता-बहनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
हर दिन यात्रा मार्ग पर महिला सुरक्षा दल और मेडिकल टीम तैनात रहेगी।
साथ ही, सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और विश्राम स्थल की व्यवस्था की गई है।


विचारों की लड़ाई, तलवारों की नहीं — बाबा बागेश्वर का संदेश

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा,

हम तलवार नहीं, विचारों की शक्ति में विश्वास करते हैं। जब हिंदू एकजुट होगा, तो भारत स्वतः विश्वगुरु बनेगा।”

उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि

हम अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के लिए खड़े हों, पर किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सबके साथ।”

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